Skip to main content

मानव अथवा प्रकृति के सूक्ष्म व्यक्त सौंदर्य में आध्यात्मिक छाया का भान मेरे विचार से छायावाद की सर्वमान्य व्याख्या हो सकती है। यह कथन किसका है?

1. मानव अथवा प्रकृति के सूक्ष्म व्यक्त सौंदर्य में आध्यात्मिक छाया का भान मेरे विचार से छायावाद की सर्वमान्य व्याख्या हो सकती है। यह कथन किसका है?

उत्तर - उपर्युक्त कथन नंददुलारे वाजपेयी का है। 

'Manav athva prakriti ke sukshma vyakta saundarya me aadhyatmik chhayaa ka bhaan mere vichar se chhaayaavaad ki sarvmanya vyakhya ho sakti hai.' yaha kathan kiska hai?

Comments

Popular posts from this blog

भ्रमरगीत सार : सूरदास पद क्रमांक 88 सप्रसंग व्याख्या By Khilawan

   भ्रमरगीत सार आचार्य रामचंद्र शुक्ल  अगर आप हमारे ब्लॉग को पहली बार विजिट कर रहे हैं तो आपको बता दूँ की इससे पहले हमने  भ्रमर गीत के पद क्रमांक 87 की व्याख्या  को अपने इस ब्लॉग  questionfieldhindi.blogspot.com  में पब्लिस किया था। आज हम  भ्रमर गीत पद क्रमांक 88 की सप्रसंग व्याख्या  के बारे में जानेंगे तो चलीये शुरू करते हैं। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) के एम.ए. हिंदी साहित्य (MA Hindi) के पाठ्यक्रम में ' भ्रमरगीत सार ' (संपादक: आचार्य रामचंद्र शुक्ल) द्वितीय सेमेस्टर (Second Semester) के अंतर्गत पढ़ाया जाता है। यह पुस्तक दूसरे सेमेस्टर के मध्यकालीन काव्य प्रश्न-पत्र के पाठ्यक्रम का मुख्य हिस्सा है। भ्रमरगीत सार की व्याख्या     पद क्रमांक 88 व्याख्या  -  सम्पादक आचार्य रामचंद्र शुक्ल bhrmar-geet-sar-surdas-ke-pad - 88 श्री कृष्ण का वचन उद्धव-प्रति 88. राग गौरी ऊधो ! क्यों राखौं ये नैन ?  सुमिरि सुमिरि गुन अधिक तपत हैं सुनत तिहारो बैन।। हैं जो मन हर बदनचंद के सादर कुमुद चकोर। परम-तृषारत सजल स्यामघन ...

गोवर्धन पूजा क्यों मनाया जाता है - Festival

दीपावली की हार्दिक बधाई मैं इस पोस्ट में  गोवर्धन पूजा  क्यों किया जाता है और इसका क्या महत्व है बताने वाला हूँ। आज का दिन आपके लिए हसी और ख़ुशियों भरा हो।  गोवर्धान पूजा   भगवान कृष्णा के बारे मे कृष्ण के बारे में जानना जरुरी है क्योकि गोवर्धन पूजा इससे जुड़ा हुआ है। कृष्ण यशोदा और नन्द का पुत्र था उसके असली माता पिता देवकी और वासुदेव थे कुछ कारन वश वासुदेव ने अपने पुत्र को उसके मित्र नन्द के पास अपने पुत्र को छोड़ दिया था। कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार है उसने कई लीलाये किये है उसमे से यह एक है। इंद्र के घमंड को चूर करने के लिए भगवान ने ये लीला की थी। आगे पूरी जानकारी है - आज मैं यह पोस्ट भगवान श्री कृष्ण के जीवन से प्रभावित होकर मेरे मन में कुछ प्रभाव उतपन्न हुए हैं इन्हें मैं आपके साथ शेयर करता हूँ। गोवर्धन पूजा क्यों मनाया जाता है  भगवान श्री कृष्ण की लीला को आज तक कोई समझ नहीं पाया है और शायद ही कोई इसे समझ सकें क्योंकि भगवान ने यहां पृथ्वी पर आकर ऐसी ऐसी कृतियाँ की है की उन्हें समझ पाना बहुत ही कठिन है लेकिन इसे जानने का प्रयास चलिए करते हैं। गोवर्...