विभिन्न प्रतिष्ठित विद्वानों द्वारा साहित्य के इतिहास पर काल विभाजन एवं नामकरण के औचित्य की दृष्टि से प्रकाश डालिये।
एम. ए. हिंदी (प्रथम सेमेस्टर) आदिकाल एवं पूर्व मध्यकाल (प्रथम प्रश्न-पत्र) इकाई-1. आदिकाल-इतिहास दर्शन और साहित्येतिहास दीर्घ उत्तरीय प्रश्न प्रश्न 7. विभिन्न प्रतिष्ठित विद्वानों द्वारा साहित्य के इतिहास पर काल विभाजन एवं नामकरण के औचित्य की दृष्टि से प्रकाश डालिये। उत्तर- डॉ. नगेन्द्र ने 'हिन्दी साहित्य का इतिहास' में काल-विभाजन और नामकरण के निम्नलिखित आधार प्रस्तुत किये हैं- (1) ऐतिहासिक काल-क्रम के अनुसार - आदि-काल, मध्य काल, संक्रान्ति काल, आधुनिक काल आदि । (2) शासक और उनके शासन काल के अनुसार - एलिजाबेथ युग, विक्टोरिया युग, मराठा-काल आदि । (3) लोकनायक और उनके प्रभाव के अनुसार - चैतन्य काल (बांग्ला), गाँधी युग (गुजरात) आदि । (4) साहित्य, नेता एवं उनकी प्रभाव परिधि के आधार पर - रवीन्द्र युग, भारतेन्दु युग आदि । (5) राष्ट्रीय, सामाजिक अथवा सांस्कृतिक घटना या आन्दोलन के आधार पर - भक्ति काल, पुनर्जागरण काल, सुधार काल, युद्धोत्तर काल (प्रथम विश्व युद्ध के बाद का काल-खण्ड) स्वातन्त्र्योत्तर काल आदि । (6) साहित्यिक प्रवृत्त...