Skip to main content

Posts

LAB ASSISTANT AND NAMUNA SAHAYAK MOCK TEST

📚 Question Field Hindi LIVE 📚 Chapters 📖 Study Notes 🏆 Leaderboard ⚙️ Admin 🎯 Question Field Hindi - Mock Tests & Classes Apna chapter chun kar test ya class shuru karein. 📖 PDF Study Notes Sabhi chapters ke PDF notes: 🏆 Top Scorers Leaderboard Rank Student Name Chapter Score Abhi koi score nahi hai. ← Back to Chapters 🔴 Live Class 📝 Mock Test Take Chapter Quiz → 📝 Negative Marking:...
Recent posts

भ्रमरगीत सार के लेखक कौन हैं?

 प्रश्न 1. भ्रमरगीत सार के लेखक कौन हैं? उत्तर - वैसे तो इसके लेखक सूरदास जी हैं लेकिन इसका सम्पादन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने भ्रमरगीत सार नाम से किया है। इस प्रकार भ्रमरगीत सार के लेखक आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी हैं। ◆ सूरदास के द्वारा लगभग 400 भ्रमरगीत के पद लिखे गए हैं। ◆ भ्रमर का अर्थ भौरा होता है गीत मतलब गान इस प्रकार भौरों का गान ही भ्रमर गीत है। ◆ कहते हैं यह भागवत के दशम स्कंध से प्रेरित है।

पृथ्वीराज रासो की प्रामाणिकता पर प्रकाश डालिए।

एम. ए. हिंदी साहित्य ( प्रथम सेमेस्टर ) प्राचीन एवं मध्यकालीन काव्य (द्वितीय प्रश्न-पत्र) इकाई-1. चन्दबरदायी : पृथ्वीराज रासो (पद्मावती समय) लघु उत्तरीय प्रश्न -  प्रश्न 1. पृथ्वीराज रासो की प्रामाणिकता पर प्रकाश डालिए। पृथ्वीराज रासो की प्रामाणिकता पर प्रकाश उत्तर - आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने पृथ्वीराज रासो को हिन्दी का प्रथम महाकाव्य माना है जिसकी रचना पृथ्वीराज चौहान के अभिन्न मित्र एवं दरबारी कवि चन्दवरदाई द्वारा की गई है। यह 2500 पृष्ठों एवं 69 सर्गों का विशालकाय ग्रन्थ है। रासो की प्रामाणिकता के विषय में पर्याप्त विवाद रहा है। विद्वानों का एक वर्ग इसे पूर्णतः अप्रमाणिक रचना स्वीकार करता है। इस वर्ग के विद्वानों में प्रमुख है - आचार्य रामचन्द्र शुक्ल , मुंशी देवी प्रसाद, डॉ. बूलर तथा गौरीशंकर हीरानन्द ओझा आदि। दूसरे वर्ग में वे विद्वान् हैं जो रासो को एक प्रामाणिक रचना मानते हैं। इस वर्ग में डॉ. श्यामसुन्दरदास, मिश्र बन्धु तथा कर्नल टाड आदि के नाम लिये जाते हैं। तृतीय वर्ग के विद्वान् रासो को अर्द्ध-प्रामाणिक रचना मानते हुए इसके कुछ अंश को ही प्रामाणिक मानते हैं। आचार्य हजारीप...

आचार्य रामचंद्र शुक्ल जीवन परिचय संघर्ष से शिखर तक का सफर

 नमस्कार दोस्तों उम्मीद है आप पढ़ाई अच्छे से कर रहे होंगे और साथ ही साथ यदि आप यूजीसी नेट की तैयारी भी कर रहे होंगे तो यहाँ हमारे ब्लॉग में CG SET 2026 FREE MOCK TEST उपलब्ध है जिसे आप आसानी से देकर अपना लेवल चेक कर सकते हैं.  यदि आप हिन्दी साहित्य में एम. ए. कर रहे हैं तो वो भी उपलब्ध है आप ब्लॉग में आसानी से सर्च करके पढ़ सकते हैं... जैसे हिंदी साहित्य प्रथम सेमेस्टर  सिलेबस के हिसाब से आपको जमा जमाया सबकुछ मिल जायेगा यदि नही मिलता तो कमेन्ट करके पूछ सकते हैं. चलिए अब आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का जीवन परिचय जान लेते हैं जिस चीज़ के लिए आप आएं हैं उसके बारे में जान लेते हैं. अगर हिंदी गद्य साहित्य में किसी एक व्यक्ति के नाम से पूरे एक युग (शुक्ल युग) को जाना जाता है, तो वे ** आचार्य रामचंद्र शुक्ल ** हैं।  उन्होंने हिंदी आलोचना और निबंध लेखन को एक नई वैज्ञानिक दृष्टि दी। बोर्ड परीक्षाओं से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक, शुक्ल जी का जीवन परिचय सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। ◇◇एक नज़र में:  आचार्य रामचंद्र शुक्ल (Quick Facts)◇◇ पाठकों को मुख्य तथ्य तुरंत याद ...

CG SET 4 OCT 2026 FREE MOCK TEST PAPER 2 HINDI PART 2

Hindi Mock Test - Part 2 (Prashna 51 se 100) Progress: 0 / 50 Answered 0% 51. यशपाल के उपन्यासों को प्रकाशन वर्ष के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें: (झूठा सच-1, मेरी तेरी उसकी बात, दादा कॉमरेड, दिव्या, झूठा सच-2) A. K -> L -> O -> N -> M B. M -> N -> K -> O -> L C. O -> K -> L -> M -> N D. L -> M -> N -> O -> K Sahi Uttar: B Yaad rakhen: Dada Comrade (1941), Divya (1945), Jhootha Sach-1 (1958), Jhootha Sach-2 (1960), Meri Teri Uski Baat (1974). 52. "पं. रामचन्द्र शुक्ल के साहित्येतिहास की... त्रुटि है वह यह कि अनुपात की दृष्टि से, उसका स्वल्पांश ही प्रवृत्ति-निरूपण-परक है..." यह कथन ...