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CGPSC PAPER 1 2024 PYQ BY KHILAWAN

CGPSC प्रारंभिक परीक्षा 2024 (Paper-I) सामान्य अध्ययन - 100 प्रश्न | समय: 2 घंटे | निगेटिव मार्किंग: -0.66 प्रश्न: 1 / 100 समय: 120:00 प्रश्न क्रमांक 1 प्रश्न लोड हो रहा है... पिछला अगला रिजल्ट देखें आपका टेस्ट स्कोर 0.00 टेस्ट दोबारा शुरू करें
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CG TET 2024 PRT PAPER 1 FREE MOCK TEST CDP BY KHILAWAN

PYQ CG TET 2024 PRT PAPER 1 PART-I Child Development and Pedagogy (बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र) 0% Question 1. किसने कहा था? "किशोरावस्था बड़े संघर्ष, तनाव, तूफान तथा विरोध की अवस्था है।" A. क्रो एंड क्रो B. स्टेनले हॉल C. हण्ट D. सिम्पसन Explanation: "किशोरावस्था बड़े संघर्ष, तनाव, तूफान तथा विरोध की अवस्था है" यह प्रसिद्ध कथन अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जी. स्टेनली हॉल (G. Stanley Hall) का है, जिन्होंने किशोरावस्था को "तूफान और तनाव" (Storm and Stress) की अवस्था बताया था, जो इस अवस्था में होने वाले तीव्र शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक परिवर्तनों को दर्शाता है. जी. स्टेनली हॉल (G. Stanley Hall): इन्होंने 1904 में किशोरावस्था पर वैज्ञानिक अध्ययन किया और इसे "तनाव, संघर्ष और उथल-पुथल" का दौर कहा. अर्थ: उनके अनुसार, यह अवस्था माता-पिता से संघर्ष, मूड में बदलाव और जोखिम भरे व्यवहार से चिह्नित होती है, जो किशोरावस्था की जैविक और मनोवैज्ञानिक जटिलताओं के कारण होता है. Question 2: सं...

गोवर्धन पूजा क्यों मनाया जाता है - Festival

दीपावली की हार्दिक बधाई मैं इस पोस्ट में  गोवर्धन पूजा  क्यों किया जाता है और इसका क्या महत्व है बताने वाला हूँ। आज का दिन आपके लिए हसी और ख़ुशियों भरा हो।  गोवर्धान पूजा   भगवान कृष्णा के बारे मे कृष्ण के बारे में जानना जरुरी है क्योकि गोवर्धन पूजा इससे जुड़ा हुआ है। कृष्ण यशोदा और नन्द का पुत्र था उसके असली माता पिता देवकी और वासुदेव थे कुछ कारन वश वासुदेव ने अपने पुत्र को उसके मित्र नन्द के पास अपने पुत्र को छोड़ दिया था। कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार है उसने कई लीलाये किये है उसमे से यह एक है। इंद्र के घमंड को चूर करने के लिए भगवान ने ये लीला की थी। आगे पूरी जानकारी है - आज मैं यह पोस्ट भगवान श्री कृष्ण के जीवन से प्रभावित होकर मेरे मन में कुछ प्रभाव उतपन्न हुए हैं इन्हें मैं आपके साथ शेयर करता हूँ। गोवर्धन पूजा क्यों मनाया जाता है  भगवान श्री कृष्ण की लीला को आज तक कोई समझ नहीं पाया है और शायद ही कोई इसे समझ सकें क्योंकि भगवान ने यहां पृथ्वी पर आकर ऐसी ऐसी कृतियाँ की है की उन्हें समझ पाना बहुत ही कठिन है लेकिन इसे जानने का प्रयास चलिए करते हैं। गोवर्...

हिन्दी आलोचना की प्रमुख प्रवृत्तियों पर प्रकाश डालिए। - Hindi aalochana ki Pramukh pravrittiyon par Prakash daliye

 प्रश्न 2. हिन्दी आलोचना की प्रमुख प्रवृत्तियों पर प्रकाश डालिए। अथवा हिन्दी में कितने प्रकार की आलोचनाएँ प्रचलित रही है? प्रत्येक का परिचय दीजिए। हिन्दी आलोचना की प्रमुख प्रवृत्तियाँ उत्तर - आलोचना शब्द संस्कृत की लुच् धातु से बना है, जिसका अर्थ है - देखना। लुच् धातु से पूर्व आ उपसर्ग जोड़कर तथा बाद में ल्युट् (यु) प्रत्यय आने से आलोचना शब्द बना है।  आ + लुच् + यु की स्थिति में पाणिनि के सूत्र 'युवोरनाकौ' से यु को अन आदेश हो जाता है। लुच् के लकार वाले उ को ओगुण हो ल् + ओ+च्+अन की दशा में वर्ण सम्मेलन करने पर आलोचना शब्द बनता है।  इससे स्त्रीत्व की विवक्षा में पाणिनि के सूत्र 'अजाद्यतष्टाप्' से टाप् (आ) प्रत्यय होकर आलोचन + आ की स्थिति में पाणिनि के सूत्र' अकः सवर्णेदीर्घ: से आलोचन के नकार वाले अ तथा टाप के आ को मिलाकर आ हो जाता है, इस प्रकार आलोचना शब्द बनता है। नेत्र का पर्यायवाची लोचन शब्द भी संस्कृत की लुच् धातु से ही बनता है। लोचन का कार्य है - देखना।  आलोचला शब्द है - भली-भाँति अथवा ठीक से देखना। आलोचना के पर्यायवाची शब्द समीक्षा का भी यही अर्थ है।  संस्कृ...