Skip to main content

Posts

Showing posts with the label छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य

इकाई 4. द्रुतपाठ के कवि : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य (तृतीय प्रश्न पत्र) लघु उत्तरीय प्रश्न

द्रुतपाठ के कवि : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य (तृतीय प्रश्न पत्र) लघु उत्तरीय प्रश्न यहाँ लिंक पर क्लिक करें और पढ़े ! 1.  द्रुतपाठ के कवि हरिवंशराय बच्चन : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य लघुउत्तरीय प्रश्न उत्तर  2.  द्रुतपाठ के कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य लघुउत्तरीय प्रश्न उत्तर 3.   द्रुत पाठ के कवि मुकुटधर पांडेय : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य लघु उत्तरीयप्रश्न उत्तर 4.  द्रुत पाठ के कवि जगन्नाथ दास रत्नाकर : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर 5. द्रुत पाठ के कवि सुमित्रानन्दन पन्त : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर 6.  द्रुत पाठ के कवि महादेवी वर्मा : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर

'साकेत' किस भाषा में रचित है?

 49.  'साकेत' किस भाषा में रचित है? उत्तर - 'साकेत' खड़ी बोली में रचित है। Saket kis bhasha me rachit hai? छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य   इकाई 1.   साकेत छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य -  मैथलीशरण गुप्त 'साकेत' में 'साकेत' का अर्थ क्या है? "निरखी सखी में खँजन आए।" किसका कथन है? "मुझे फूल मत मारो, मैं अबला बाला वियोगिनी, कुछ तो दशा विचारो", ये पंक्तियाँ 'साकेत' के किस सर्ग में है? "राम तुम्हारा चरित स्वयं ही काव्य है, कोई कवि बन जाए सहज सम्भाव्य है।" ये पंक्तियाँ किस कवि की हैं? "सन्देश यहाँ मैं नहीं, स्वर्ग का लाया, इस भूतल को ही स्वर्ग बनाने आया।" यह किसका कथन है? "साकेत" के नवम सर्ग में कितने प्रकार के गीत मिलते हैं? 'दोनों ओर प्रेम पलता है' कविता 'साकेत' के किस सर्ग में है? 'सखि निरख नदी की धारा' कविता 'साकेत' के किस सर्ग में है? 'साकेत' का कौन-सा सर्ग पाठ्यक्रम में है? 'साकेत' की नायिका कौन है? 'साकेत' के नवम सर्ग के अनुसार उर्मिला उपवन में ...

मैथिलीशरण गुप्त आधुनिक काल में किस युग के कवि थे?

 1. मैथिलीशरण गुप्त आधुनिक काल में किस युग के कवि थे? उत्तर - मैथिलीशरण गुप्त आधुनिक काल में द्वेदीयुग के कवि थे। Maithilisharan gupt aadhunik kal me kis yug ke kavi the?

'साकेत' में किसकी विरह-वेदना को विशेष महत्व दिया गया है?

 48. 'साकेत' में किसकी विरह-वेदना को विशेष महत्व दिया गया है? उत्तर - 'साकेत' में उर्मिला के विरह-वेदना को विशेष महत्व दिया गया है। छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य   इकाई 1.   साकेत छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य -  मैथलीशरण गुप्त 'साकेत' में 'साकेत' का अर्थ क्या है? "निरखी सखी में खँजन आए।" किसका कथन है? "मुझे फूल मत मारो, मैं अबला बाला वियोगिनी, कुछ तो दशा विचारो", ये पंक्तियाँ 'साकेत' के किस सर्ग में है? "राम तुम्हारा चरित स्वयं ही काव्य है, कोई कवि बन जाए सहज सम्भाव्य है।" ये पंक्तियाँ किस कवि की हैं? "सन्देश यहाँ मैं नहीं, स्वर्ग का लाया, इस भूतल को ही स्वर्ग बनाने आया।" यह किसका कथन है? "साकेत" के नवम सर्ग में कितने प्रकार के गीत मिलते हैं? 'दोनों ओर प्रेम पलता है' कविता 'साकेत' के किस सर्ग में है? 'सखि निरख नदी की धारा' कविता 'साकेत' के किस सर्ग में है? 'साकेत' का कौन-सा सर्ग पाठ्यक्रम में है? 'साकेत' की नायिका कौन है? 'साकेत' के नवम सर्ग क...

छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य Paper Third M. A. (First Semester) Dec.-Jan., 2019-20

M. A. (First Semester) EXAMINATION, Dec.-Jan., 2019-20 HINDI Paper Third  (छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य) Time: Three Hours ] [ Maximum Marks: 80 नोट: निर्देशानुसार सभी खण्डों के उत्तर दीजिए। खण्ड-अ प्रत्येक 1 (वस्तुनिष्ठ / बहुविकल्पीय प्रश्न ) नोट: सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 1. 'साकेत' का अंगीरस कौन-सा है ?  (अ) वीर (ब) श्रृंगार (स) करुण (द) वीभत्स 2. निम्नलिखित में से असत्य कथन चुनिये: (अ) मैथिलीशरण गुप्त रामभक्त कवि थे (ब) साकेत रामकथा पर आधारित महाकाव्य है  (स) साकेत के नवें सर्ग में उर्मिला विरह वर्णन है (द) यशोधरा कृष्ण पर आधारित काव्य है 3. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना मैथिलीशरण गुप्त रचित नहीं है ? (अ) गुरुकुल (ब) पथिक (स) द्वापर (द) यशोधरा 4. 'कामायनी' में मनु-पुत्र कुमार किसका रूपक है ? (अ) मानव (ब) तर्क (स) सम्मान (द) मन 5. जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्धि का मूलाधार है : (अ) झरना (ब) प्रेमदासिक (स) कामायनी (द) चन्द्रगुप्त 6. 'नील परिधान' के मध्य श्रद्धा का शरीर कैसा लग रहा था ? (अ) कमल-पुष्प सा (ब) चन्द्रमा सा (स) बिजली के फूल-सा (द) सूर्य-सा 7. 'काम...

द्रुत पाठ के कवि महादेवी वर्मा : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य प्रश्न उत्तर

6. महादेवी वर्मा : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य प्रश्न उत्तर प्रश्न 1. महादेवी वर्मा का संक्षिप्त जीवन परिचय दीजिये। उत्तर- 'आधुनिक युग की मीरा' महादेवी वर्मा का जन्म सन 1907 में होली के दिन उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के एक शिक्षित कायस्थ परिवार में हुआ था। इनके पिता गोविन्द प्रसाद, भागलपुर विद्यालय में प्रधानाध्यापक थे तथा माता सरल हृदया धर्मपरायण महिला थी। महादेवी जी बड़ी कुशाग्र बुद्धि बालिका थी और बचपन से ही माँ से 'रामायण'-महाभारत की कथाएँ सुनते रहने के कारण इनके मन में साहित्य के प्रति आकर्षण उत्पन्न हो गया था। महादेवी जी की प्रारम्भिक शिक्षा इन्दौर में सम्पन्न हुई। इसके साथ ही आपने घर पर संगीत तथा चित्रकला की शिक्षा प्राप्त की। नौ वर्ष की अल्पायु में आपका विवाह डॉ. स्वरूप नारायण वर्मा से हो गया। ससुर के विरोध से आपकी शिक्षा में विघ्न पड़ गया। उनके शरीरांत के बाद पुनः शिक्षा प्रारम्भ कर दी और संस्कृत में एम. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की शिक्षा समाप्ति के बाद आप प्रयाग महिला विद्यापीठ की प्रधानाचार्या तथा बाद में कुलपति नियुक्त हुई सन् 1965 में आपने वहाँ से अवकाश...

वह कौन सी रचना है जिस पर महादेवी वर्मा को मंगलाप्रसाद पारितोषिक पुरस्कार दिया गया था?

1. वह कौन सी रचना है जिस पर महादेवी वर्मा को मंगलाप्रसाद पारितोषिक पुरस्कार दिया गया था? उत्तर - महादेवी वर्मा को मंगलाप्रसाद पारितोषिक पुरस्कार जिस रचना पर दिया गया था उसका नाम यामा जो की उनके काव्य संकलन का नाम है।  Wah kaun si rachna hai jis par mahadevi varma ko mangalaprasad paritoshik puraskar diya gaya tha?

द्रुत पाठ के कवि सुमित्रानन्दन पन्त : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य प्रश्न उत्तर

 5. सुमित्रानन्दन पन्त  : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य प्रश्न उत्तर प्रश्न 1. प्रसिद्ध छायावादी कवि सुमित्रानन्दन पन्त का जीवन परिचय प्रस्तुत कीजिए। उत्तर - छायावादी कवि (प्रसाद पन्त, निराला) में स्थान पाने वाले और कोमल प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानन्दन पन्त का जन्म संवत 1957 (सन 1900) में उत्तर प्रदेश के अल्मोड़ा जिले के कौसानी नामक ग्राम में हुआ। आपके जन्म से कुछ घण्टे पहले ही आपकी माता का देहान्त हो गया। इस प्रकार आप जन्म लेते ही माता के स्नेह से वंचित हो गये। आपका जन्म-लग्न के अनुसार रखा हुआ नाम गुसाई दत्त पन्त था। इस नाम की काव्यहीनता पर विचार करके आपने अपना कोमलकान्त पदावली वाला और मधुर ध्वनियुक्त नाम सुमित्रानन्दन रखा। पन्त आपकी पैतृक उपाधि अथवा आस्था थी। अल्मोड़ा जिला प्रकृति की सुन्दरता की रमणीक स्थली है। अल्मोड़ा जिले में कौसानी का सौन्दर्य सर्वाधिक दर्शनीय है। माता के स्नेह से वंचित सुमित्रानन्दन घण्टों एकान्त में बैठकर प्रकृति की शोभा का निरीक्षण करते रहते थे। सुमित्रानन्दन जी की प्रारम्भिक शिक्षा कौसानी में ही पूरी हुई है। एण्ट्रेन्स परीक्षा आपने अल्मोड़ा से उत...

द्रुत पाठ के कवि जगन्नाथ दास रत्नाकर : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य प्रश्न उत्तर

 4. जगन्नाथ दास रत्नाकर : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य प्रश्न उत्तर प्रश्न 1. जगन्नाथ दास रत्नाकार का जीवन परिचय लिखें। उत्तर- जगन्नाथ दास रत्नाकार का जन्म सं. 1923 (सन् 1866 ई.) के भाद्रपद शुक्ल पंचमी के दिन हुआ था। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की भी यही जन्मतिथि थी और वे रत्नाकार जी से 16 वर्ष बड़े थे। उनके पिता का नाम पुरुषोत्तमदास और पितामह का नाम संगमलाल अग्रवाल था जो काशी के धनीमानी व्यक्ति थे। रत्नाकार जी की प्रारंभिक शिक्षा फारसी में हुई। उसके पश्चात इन्होंने 12 वर्ष की अवस्था में अंग्रेजी पढ़ना प्रारंभ किया और यह प्रतिभाशाली विद्यार्थी सिद्ध हुए। सन 1888 ई. में इन्होंने करना चाहा था, पर पारिवारिक परिस्थितिवश न कर पाए। ये पहले 'जकी' उपमान से फारसी में रचना करते थे। इनके हिन्दी काव्यगुरू सरदार कवि थे। ये मथुरा के प्रसिद्ध कवि नवनीत चतुर्वेदी से भी बड़े प्रभावित हुए थे।      रत्नाकार जी ने अपनी आजीविका के हेतु 30-32 वर्ष की अवस्था में जरदोजी का काम आरंभ किया था। उसके उपरांत ये अवागढ़ रियासत में कोषाध्यक्ष के पद पर नियुक्त हुए। भारतेन्दु जी के सम्पर्क और काशी की कव...

द्रुत पाठ के कवि मुकुटधर पांडेय : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य प्रश्न उत्तर

मुकुटधर पांडेय : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य प्रश्न उत्तर प्रश्न 1. मुकुटधर पांडेय ने किस साहित्यिक स्थिति में काव्य रचना आरम्भ की? उत्तर - आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने मुकुटधर पांडेय को अपने 'हिंदी साहित्य' के इतिहास में आधुनिक काल के द्वितीय उत्थान में स्थान दिया है। इस द्वितीय उत्थान की खड़ीबोली की कविताओं में दो बातों की कमी देखी जाती है - पहली कमी कल्पना के रंग का फीकापन और दूसरी कमी ह्रदय के वेग की स्पष्ट व्यंजना का अभाव। यह कमी ब्रजभाषा की कविता में मनोरंजन करने वालों को भी बहुत खटक रही थी और बंगला तथा अंग्रेजी पढ़ने वाले भी यह कमी अनुभव कर रहे थे। इस कमी को दूर करने के लिए कुछ कवि ब्रजभाषा की ललित पदावली खड़ी बोली में लाना चाहते थे। अंग्रेजी और बंगला की कविता से प्रभावित सुधीजन लाक्षणिक, वैचित्र्य-व्यंजक चित्र-विन्यास तथा रुचिकर अन्योक्तियाँ देखना चाहते थे। सरस्वती आदि पत्रिकाओं में बंगला भाषा के खड़ी बोली में किये पारसनाथ सिंह के अनुवाद सन 1910 में प्रकाशित होने लगे थे। इन कारणों से खड़ी बोली की कविता से असंतुष्ट कुछ कवियों ने कविता को नया रूप  देना आरम्भ कर दिया था। इसमें कल...

द्रुतपाठ के कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य प्रश्न उत्तर

 द्रुतपाठ के कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय 1. अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' की कृतियों का वर्णन करें।  उत्तर - हरिऔध की कृतियाँ      खड़ी बोली हिंदी काव्य में अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' का नाम बड़े आदर से लिया जाता है। पंडित श्रीधर पाठक के उपरान्त 'हरिऔध' जी को ही खड़ी बोली में सरस् एवं मधुर रचनाएँ प्रस्तुत करने का श्रेय दिया जाता है। उनकी खड़ी बोली कविता को पढ़कर ही लोगों को लगा कि खड़ी बोली काव्यभाषा के लिए पूर्णतः उपयुक्त भाषा है।  'हरिऔध' जी ने गद्दय रचना के क्षेत्र में भी पर्याप्त कार्य किया है। 'प्रधुम्न विजय' (1893 ई.) का ठाठ' (1899 ई.) तथा 'रूक्मिणी परिणय' (1894 ई.) आपके लिखे हुए नाटक हैं, जबकि 'ठेठ हिंदी' तथा 'अधखिला फूल' (1907 ई.) लिखे हुए उपन्यास हैं।      प्रारम्भ में 'हरिऔध' जी ब्रजभाषा में काव्य रचना करते थे। 'रसकलश' में उन्होंने ब्रजभाषा का प्रयोग किया है। इनकी लिखी अन्य काव्य कृतियाँ हैं - कबीर कुण्डल, श्रीकृष्ण शतक, प्रेमाम्बु प्रवाह, उपदेश कुसुम, प्रेम प्रपंच, प्रेमाम्बुवारिधि, प्रेमाम्बु प्रस...

द्रुतपाठ के कवि हरिवंशराय बच्चन : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य प्रश्न उत्तर

  4. द्रुतपाठ के कवि : छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य 1. हरिवंशराय बच्चन  1. हरिवंशराय "बच्चन" का जीवन-परिचय प्रस्तुत करें।  उत्तर - हरिवंश राय "बच्चन" (27 नवंबर, 1907 - 18 जनवरी, 2003) हिंदी भाषा के एक कवि और लेखक थे। 'हालावाद' के प्रवर्तक बच्चन जी हिंदी कविता के उत्तर छायावाद काल के प्रमुख कवियों में से एक हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति मधुशाला है। भारतीय फिल्म उद्योग के प्रख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन उनके सुपुत्र हैं।                 उन्होंने इलाहाबाद विश्विद्यालय में अध्यापन किया। बाद में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में हिंदी विशेषज्ञ रहे। अंनतर राज्य सभा के मनोनीत सदस्य। बच्चन जी की गिनती हिंदी के सर्वाधिक लोकप्रिय कवियों में होती होती है।                 बच्चन का जन्म 27 नवंबर, 1907 को इलाहाबाद से सटे प्रतापगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव बाबूपट्टी में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम प्रताप नारायण श्रीवास्तव तथा माता का नाम सरस्वती देवी था। इनको बालयकाल में 'बच्च...

इकाई-3. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला (राम की शक्ति पूजा, तुलसीदास प्रथम छंद) अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

3. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला : राम की शक्ति पूजा ( छायावाद एवं पूर्ववर्ती काव्य)  अज्ञेय, निराला, धर्मवीर भारती तथा गिरिजाकुमार माथुर इनमें से कौन नयी कविता का कवि नहीं है?  नलिनविलोचन शर्मा, पंत, प्रसाद और निराला उपर्युक्त में से छायावाद से संबंधित नही है?   'निराला' के काव्य में क्या विध्यमान है?   'कुकुरमुत्ता' के रचयिता कौन हैं? उपर्युक्त में से कौन सी रचना निराला जी की है?  'अबे सुनबे गुलाब' में गुलाब किसका प्रतीक है?  राम की शक्ति पूजा में कुल कितनी पंक्तियाँ हैं?  'निराला जी' हिंदी साहित्य के किस युग के कवि हैं।  हिंदी में मुक्त छंद का प्रयोग करने का श्रेय सर्वप्रथम किस कवि को है?  सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की प्रगतिवादी विचार-धारा से संबंध तीन रचनाओं के नाम लिखिए?  निराला की प्रसिद्ध कविता 'राम की शक्ति पूजा' मूलतः किस काव्य में संकलित है?   'निराला' जी की श्रृंगार प्रधान एक रचना का नाम लिखिए?  'धिक् जीवन जो पाता ही आया है विरोध' यह पंक्ति निराला की किस रचना की है? 'महाप्राण' की उपाधि किस कवि के आगे लगती है? "...