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Showing posts with the label आधुनिक गद्य साहित्य

पुरस्कार कहानी का सारांश - Jaishankar prasad

कहानी - हिन्दी में गद्य लेखन की एक विधा है। 19 वीं सदी में गद्य में एक नई विधा का विकास हुआ जिसे कहानी के नाम से जाना जाता है। पुरस्कार कहानी के नायक का नाम अरुण है और नायिका का नाम मधुलिका है। दोनो एक दूसरे से बहुत प्रेम करते थे। यह कहानी त्याग और देश भक्ति को दर्शाती है। पुरस्कार कहानी का सारांश  पुरस्कार कहानी का केंद्रीय भाव -  यह कहानी प्रेम और संघर्ष की कहानी है। इस कहानी की नायिका मधुलिका है। वह अरुण नामक युवक के प्रेम में आसक्त है। साथ ही जन्मभूमि के प्रति भी उसमें अपार भक्ति है। अरुण उसके राज्य पर आक्रमण करना चाहता है। पर मधुलिका कर्तव्य की बलिवेदी पर, अपने प्रेम का बलिदान कर देती है तथा आक्रमण के पूर्व कौशल नरेश को खबर देकर अपनी मातृभूमि की रक्षा करती है। वह पुरस्कार के रूप में, मृत्युदंड मांगती है।  पुरस्कार कहानी का उद्देश्य लिखिए पुरस्कार कहानी की विशेषताएं puraskar kahani saransh पुरस्कार कहानी आर्द्रा नक्षत्र आकाश में काले काले बादलों की घूमड़, जिसमें...

आधुनिक गद्य साहित्य Paper Fourth M. A. (First Semester) Dec.-Jan., 2019-20

M. A. (First Semester) EXAMINATION, Dec.-Jan., 2019-20 HINDI Paper Fourth (आधुनिक गद्य साहित्य) [नाटक, एकांकी एवं रेखाचित्र (साहित्य)] [Maximum Marks: 80 Time: Three Hours ] नोट: निर्देशानुसार सभी खण्डों के उत्तर यथास्थान दीजिए। प्रत्येक 1 खण्ड अ (वस्तुनिष्ठ / बहुविकल्पीय प्रश्न) नोट: सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए। सही उत्तर का चयन कीजिए: 1. निम्नलिखित में से कौन सा नाटक 'कल्याणी परिणय' का परिवर्द्धित रूप है ? (अ) ध्रुवस्वामिनी (ब) अजातशत्रु (स) स्कन्धगुप्त (द) चन्द्रगुप्त 2. निम्नलिखित में से कौन सा पात्र ‘हानूश' में नहीं है ? (अ) कात्या (ब) एमिल (स) गालव (द) यान्का 3. जयशंकर प्रसाद की अन्तिम नाट्य रचना है: (अ) कामना (ब) प्रायश्चित (स) ध्रुवस्वामिनी (द) राज्यश्री 4. भीष्म साहनी रचित नाटक निम्नलिखित में से कौन-सा है ? (अ) आठवाँ सर्ग (ब) रंग दे बसंती चोला (स) अंधेरे के राही (द) त्रिशंकु 5. 'स्नेह से हृदय चिकना हो जाता है, परन्तु निछलने का भी भय रहता है।' यह कथन किसका है ? (अ) एलिस (ब) सुवासिनी (स) मालविका (द) अलका 6. भीष्म साहनी द्वारा रचित 'हानूश' का सन् बताइए...

पुरस्कार कहानी की विशेषताएं | Puraskar Kahani Jai Shankar Prasad

 पुरस्कार कहानी की विशेषताएं पुरस्कार कहानी जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी है पिछले पोस्ट में हमने बात किया था पुरस्कार कहानी के उद्देश्य के बारे में इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं पुरस्कार कहानी की विशेषताओं के बारे में तो चलिए शुरू करते हैं।  पुरस्कार कहानी विशेषता पुरस्कार कहानी की विशेषताएं तत्वों के आधार पर  कोई कहानी कहानी तभी मानी जाती है जब उसमें मुख्य तत्व जैसे की कथावस्तु, पात्र, कथोपकथन, वातावरण, भाषा-शैली, उद्देश्य जैसी मुख्य बातें शामिल हों।  पुरस्कार कहानी की  कथावस्तु -  पुरस्कार कहानी की कथावस्तु बहुत ही सरल एवं सुबोध है जो की उस समय की दशा का वर्णन करने में सफल रही है जिस समय कौशल और दुर्ग के मध्य संघर्ष चल रही थी पुरस्कार कहानी में राज्य के माध्यम से राष्ट्र प्रेम को प्रदर्शित किया गया है। पुरस्कार कहानी का  पात्र अथवा चरित्र चित्रण - पुरस्कार कहानी के दो मुख्य पात्र हैं जिनका बखूबी चरित्र चित्रण किया गया है इस कहानी की नायिका मधुलिका है जो की सरल स्वभाव की लड़की है और एक किसान की कन्या है, तथा अरूण एक युवराज है जो क...

पुरस्कार कहानी का उद्देश्य लिखिए

आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग में पिछले पोस्ट में मैंने आपके साथ साझा किया था पुरस्कार कहानी के सारांश के साथ पूरी कहानी इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं पुरस्कार कहानी का उद्देश्य मैंने पुरस्कार कहानी के उद्देश्य को उसी में लिखना चाहा था लेकिन वह पोस्ट बड़ा हो जाता इस वजह से वहां पर उद्देश्य को नहीं लिखा।  पुरस्कार कहानी को जानने से पहले उस कहानी को आपको एक बार और अच्छे से पढ़ लेना चाहिए ताकि आप परीक्षा में और अच्छे से इसके उद्देश्य को लिख सकें। पुरस्कार कहानी का लिंक निचे है।  पुरस्कार कहानी जयशंकर प्रसाद।  पुरस्कार कहानी की विशेषताएं पुरस्कार कहानी का उद्देश्य  पुरस्कार कहानी का उद्देश्य   हिंदी साहित्य के लगभग सभी विधाओं में पारंगत जयशंकर प्रसाद की इस रचना का उद्देश्य सीधा सा और सरल है राष्ट्र प्रेम और निजी प्रेम में दोनों के महत्व और अंतर को समझाना।  राष्ट्र प्रेम के साथ-साथ अपने वंश के द्वारा ली गई जमीन को ना बेचना आत्म सम्मान की रक्षा करना अपने आत्म गौरव के लिए किसी भी प्रकार का समझौता न करना इस कहानी का उद्देश्य है।  इस कहानी में मधुलिका अपने आत...