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'अंगी करोति यः काव्यं शब्दार्थावनलंकृतीः। असौ न मन्यते कास्मादनुष्यमनलंकृतिः।।' यह किस आचार्य का कथन है?

1. 'अंगी करोति यः काव्यं शब्दार्थावनलंकृतीः। असौ न मन्यते कास्मादनुष्यमनलंकृतिः।।' यह किस आचार्य का कथन है?

उत्तर - 'अंगी करोति यः काव्यं शब्दार्थावनलंकृतीः। असौ न मन्यते कास्मादनुष्यमनलंकृतिः।।' यह आचार्य जयदेव का कथन है। 

'Angi karoti yah kavyan shabdarthavanlankriteeh, asau na manyate kasmadnushyamanalankritih.' yah kis acharya ka kathan hai?

'Angi karoti yah kavyan shabdarthavanlankriteeh, asau na manyate kasmadnushyamanalankritih.' yah acharya Jaydev ka kathan hai?

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