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भाषा और बोली में क्या अंतर है?

 1. भाषा और बोली में क्या अंतर है?

उत्तर - 

भाषा और बोली में अंतर

भाषा बोली
भाषा का क्षेत्र बड़ा होता है। बोली का क्षेत्र अपेक्षाकृत छोटा होता है।
एक भाषा की अनेक बोलियाँ हो सकती है और भाषा किसी बोली के अंतर्गत नहीं आती। एक बोली की अनेक उपबोलियाँ हो सकती हैं तथा बोली भाषा के अंतर्गत आती है।
भाषा ही अन्य बोलियो को जन्म देती है। बोली ही अन्य उपबोलियों को जन्म देती हैं।
यह बोली की माँ है। या जननी है। यह भाषा की बेटी है तथा भाषा और बोली में माँ, बेटी का संबंध है।
भाषाओँ में बोधगम्यता नहीं होती है। इनमें बोधगम्यता अधिक होती है।
यह शिक्षा, साहित्य तथा शासन के कार्यों में व्यवहृत होती है। यह लोकसाहित्य तथा बोलचाल में व्यवहृत होती है।
इसका मानक रूप होता है। इसका नहीं।
भाषा अधिक प्रतिष्ठित होती है तथा औपचारिक परिस्थिति में भाषा का ही प्रयोग करते हैं। यह भाषा की तुलना में कम प्रतिष्ठित होती है।
इसका प्रयोग अपनी बोली के क्षेत्रों में किया जा सकता है। बोली का प्रयोग अपने ही क्षेत्र में किया जा सकता है। किन्तु क्षेत्र में बाहर के लोगों से भाषा का प्रयोग करते हैं।

इस प्रकार भाषा और बोली का अंतर भाषा वैज्ञानिक न होकर समाज भाषा वैज्ञानिक है। 

Bhasha aur boli me kya antar hai?

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