"अजगर करै न चाकरी, पंछी करे न काम किस कवि की पंक्ति है?

1. "अजगर करै न चाकरी, पंछी करे न काम किस कवि की पंक्ति है?

उत्तर - "अजगर करै न चाकरी, पंछी करे न काम कवि मल्लूक दास की पंक्ति है। 

Ajagar krai na chakari, panchhi kare na kaam kis kavi ki pankti hai?

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