Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Hindi Grammar

विप्रलम्भ श्रृंगार रस: एक विस्तृत विवेचन by KHILAWAN

विप्रलम्भ श्रृंगार रस हिंदी साहित्य का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह श्रृंगार रस का एक प्रकार है जिसमें नायक और नायिका के मिलन की अभिलाषा और उसका पूरा न होना दर्शाया जाता है। यह रस प्रेमियों के विरह के दर्द, उनके मनोदशा और उनके आंतरिक संघर्ष को बड़ी ही मार्मिकता से व्यक्त करता है।  विप्रलम्भ श्रृंगार रस की परिभाषा  भोजराज के अनुसार , "जहाँ रति नामक भाव प्रकर्ष को प्राप्त करे, लेकिन अभीष्ट को न पा सके, वहाँ विप्रर्लभ-श्रृंगार कहा जाता है।"  भानुदत्त के अनुसार , "युवा और युवती की परस्पर मुदित पंचेन्द्रियों के पारस्परिक सम्बन्ध का अभाव अथवा अभीष्ट अप्राप्ति विप्रलम्भ है।"  सरल शब्दों में कहें तो - विप्रलम्भ श्रृंगार में प्रेमी और प्रेमिका के मिलन की इच्छा तो होती है लेकिन वे एक-दूसरे से दूर रहते हैं, जिससे उनके मन में विरह की पीड़ा उत्पन्न होती है।  विप्रलम्भ श्रृंगार रस के लक्षण   विरह : प्रेमी और प्रेमिका का एक-दूसरे से अलग होना।  व्यथा : विरह के कारण उत्पन्न होने वाला मानसिक कष्ट। आकांक्षा : प्रियतम को पाने की तीव्र इच्छा।  विलाप : विरह के कारण होन...

विशेषण किसे कहते हैं - विशेषण के प्रकार

इस पोस्ट में विशेषण ( visheshan kise kahate hain ) को आसान भाषा में समझने का प्रयास किया गया है मुझे आशा है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद विशेषण आपको पूरी तरह से समझ आ जायेगा।  14.    विशेषण : Adjective अनुक्रम विशेषण किसे कहते हैं विशेष्य किसे कहते हैं विशेषण के प्रकार गुणवाचक विशेषण संख्यावाचक विशेषण परिमाणवाचक विशेषण सार्वनामिक विशेषण विशेषण किसे कहते हैं संज्ञा अथवा सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, आकर, उम्र, संख्या, रंग आदि) बताने वाले शब्द को विशेषण कहते हैं। जैसे "पुराना" "हरा" और "हंसमुख" विशेषणों के उदाहरण हैं। विशेषण संज्ञा या सर्वनाम का वर्णन करता हैं।  काला घोड़ा जा रहा है।  बादल नीला है।  राजु खुश है क्योंकि वह परीक्षा में पास हो गया।  मित्र ईमानदार है।  सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल अच्छा है।  बलैक बोर्ड ...

प्राचार्य को शैक्षणिक भ्रमण की अनुमति हेतु एक आवेदन-पत्र

  अपने प्राचार्य को शैक्षणिक भ्रमण की अनुमति हेतु एक आवेदन-पत्र लिखिए।  अथवा  आप मयंक त्रिपाठी हैं, कक्षा बारहवीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला फिंगेश्वर में अध्ययनरत हैं अपने प्राचार्य को शैक्षणिक भ्रमण की अनुमति हेतु आवेदन-पत्र लिखिए।  उत्तर -  सेवा में,             प्राचार्य,             शा. उ. मा. शाला फिंगेश्वर             जिला - रायपुर ( छ.ग. ) विषय - शैक्षणिक भ्रमण की अनुमति हेतु आवेदन-पत्र।  महोदय,            सनम्र निवेदन है कि कक्षा बारहवीं भूगोल के सभी छात्र-छात्रा शीतकालीन अवकाश में ऐतिहासिक, पौराणिक, प्राकृतिक, रहस्यमयी क्षेत्र, छत्तीसगढ़ राज्य के मुकुट पर चमकते मणि के समस्त बस्तर क्षेत्र घूमने जाने के इच्छुक हैं। हमें भूगोल में बताया जाता है कि " छत्तीसगढ़ का नियाग्रा" चित्रकूट का अर्धचंद्राकार जलप्रपात, कुटुम्बसर की रहस्यमयी गुफाएं एवं अंधी मछली, कांगेर घाटी का राष्ट्रीय उद्यान , तीरथगढ़ जलप्रपात, माँ...

संचालक, प्रबोध प्रकाशन को पुस्तकें क्रय करने हेतु एक पत्र लिखिए?

  संचालक, प्रबोध प्रकाशन, रायपुर को कक्षा बारहवीं की पुस्तकें क्रय करने हेतु एक पत्र लिखिए? उत्तर - पुस्तक क्रय करने हेतु पत्र  प्रति,        संचालक,        प्रबोध प्रकाशन, रायपुर ( छ.ग. )  विषय - कक्षा 12वीं की पुस्तकें क्रय करने हेतु।  महोदय,        निवेदन है कि मैं कुश गुप्ता कक्षा 12 वीं में अध्ययनरत हूं। मुझे कक्षा बारहवीं की पुस्तकें क्रय करना है, अतः मैं अग्रिम राशि ₹500 मात्र मनीआर्डर द्वारा प्रेषित कर रहा हूं। कृपया मुझे निम्नलिखित पुस्तकें वी.पी.पी. द्वारा नीचे लिखे पते पर शीघ्रातिशीघ्र भेजने का कष्ट करें।  धन्यवाद!  पुस्तकों की सूची-  गणित - (1)  भौतिकी - (1)  रसायन - (1)  अंग्रेजी - (1) दिनांक 01.08.2021  भवदीय  कुश गुप्ता  M-36, न्यू राजेन्द्र नगर  रायपुर (छ.ग.) यहाँ जो भी नाम और स्थान प्रयोग किये गए हैं वह उदाहरण के लिए लिया गया है इसके जगह पर आप अन्य नाम और पते आदि प्रयोग कर सकते हैं। इन नामों का किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति तथा स्थान से कोई सम...

पत्र लेखन क्या है - patra lekhan in hindi

पत्र लिखने का परंपरा सदियों से चला आ रहा हैं। प्राचीन समय में पत्र किसी दूर रहने वाले व्यक्ति तक सन्देश भेजने के लिए लिखे जाते थे। जिसे पोस्ट द्वारा भेजा जाता था। पत्र  को पहुंचने में कई दिन का समय लगता था। आज के समय में कुछ ही पल में सन्देश भेजे जाते है। पत्र लेखन वर्तमान में पूरी तरह डिजिटल हो गया है।    पत्र लेखन क्या है  यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक सूचना भेजने का माध्यम है। इसके प्रकार की बात करें तो यह मुख्य रूप से दो प्रकार के हो सकते हैं एक औपचारिक पत्र और दूसरा अनौपचारिक पत्र। पत्र लिखना न केवल एक सूचना भेजने का माध्यम है बल्कि यह एक कला के रूप में विद्यमान है।  पुराने जमाने में कई ऐसे लेखक हुए जिन्होंने पत्र के माध्यम से अपनी बात कही है जैसे सुभाषचन्द्र को लिखे पत्र में। और गांधी को लिखे पत्र में ऐसे ही कला देखने को मिलते हैं जिससे एक सहज व्यक्तित्व झलकता है। पत्र की भूमिका  ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो आज भी भारत, मिस्र, चीन में और सुमेर के समय से रोम, ग्रीस के माध्यम से पत्र आज भी मौजूद हैं।  पत्र का उपयोग सत्रहवीं और अठ्ठारहवीं शत...

भाषा किसे कहते हैं - हिंदी व्याकरण

आज इस पोस्ट में हम आपसे बात करने वाले हैं। भाषा-बोली, लिपि और व्याकरण के बारे में। इस पोस्ट में हम विस्तार से जानेंगे की भाषा किसे कहते हैं? बोली क्या है? लिपि क्या है? तथा इनसे व्याकरण किस प्रकार संबंधित है।   1.    भाषा-बोली, लिपि और व्याकरण  Language-Dialect, Script and Grammar भाषा किसे कहते हैं भाषा का उपयोग हम अक्सर बोलने, पढ़ने और  लिखने के लिए करते हैं। यह दुसरो को अपना भाव प्रगट करने का एक जरिया है। जिससे हम अपने बात को सामने वाले तक पहुंचते है। यह कई प्रकार के हो सकते है।  भाषा की संरचना इसका व्याकरण है और मुक्त घटक इसकी शब्दावली है। सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषाओं में लेखन प्रणालियाँ होती हैं जो ध्वनियों या संकेतों को रिकॉर्ड करने में सक्षम बनाती हैं। परिभाषा - भाषा भाष धातु से बना है, जिसका अर्थ होता है सुचना। इस प्रकार भाषा एक प्रकार के सुचना का काम करता है। अपने भावों विचारों को व्यक्त करने का यह सिर्फ एक माध्यम नहीं है इसके अलावा और भी माध्यम हैं ...

जीवन में खेलों का महत्व | Importance of Game in life essay in hindi

 3.   जीवन में खेलों का महत्व      सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा ये गाना जब कोई Game में या खेल में जब सुनने को मिलता है तो मन खुश हो जाता है।  आज के इस पोस्ट में हम किस संबंध में बात करने वाले हैं यह तो आपको पता चल ही गया होगा आज हम बात करने जा रहें हैं जीवन में हमारे लिए खेल कितना महत्व रखता है इस संबंध में और आज का विषय है जीवन में खेलों के महत्व पर निबंध लिखिए।  इससे पहले भी हमने  विज्ञान के चमत्कार और विद्यार्थी जीवन में अनुशासन के महत्व पर निबंध लिख लिया है जिसमें हमने कोशिस की है की कैसे लिखें जिससे हमें अच्छे नंबर मिल सकें।  आज का विषय हमारे हिंदी निबंध का लेखन सीरीज निबंध लेखन Class 12 का तीसरा निबंध है यदि आप उन निबंधों के बारे में पढ़ना चाहते हैं तो जाके पढ़ सकते हैं।  यह रहा लिंक - विद्यार्थी जीवन और अनुशासन निबंध - Essay on student life and discipline in hindi विज्ञान के बढ़ते चरण - Wonder of Science Essay more than 250 words for class 12 जीवन में खेलो का महत्व हो न हो इससे अभी के समय में बहुत ज्यादा कमाई हो...

सर्वनाम की परिभाषा - सर्वनाम के भेद

 13.  सर्वनाम : Pronoun आपका स्वागत है मेरे ब्लॉग में आज हम जानने वाले हैं हिंदी व्याकरण के सर्वनाम के बारे में पिछले पोस्ट में हमने आपके साथ शेयर किया था। इसी हिंदी ग्रामर के कारक के बारे में जानकारी यदि आपने वह पोस्ट नही पढा है तो एक बार पढ़ के जरूर देखें और हमेशा अपडेटेड रहने के लिए ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें।चलिए शुरु करते हैं सर्वनाम की परिभाषा से  सर्वनाम की परिभाषा  जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं उन्हें सर्वनाम कहते हैं।  आपके लिए कुछ वाक्य लिखें हैं इन्हें ध्यान से पढ़े और समझने का प्रयास करते हैं चलिए  राधा माता-पिता के साथ स्टेशन पर आई है।  वह अपनी नानी की गाड़ी के आने की प्रतीक्षा कर रही है।  वह पास की पुस्तक की दुकान से कुछ खरीदना चाहती है।  उसने पिता को अपनी इच्छा बताई।  उन्होंने उसकी रुचि जाननी चाही।  वे उसे साथ लेकर पुस्तक विक्रेता के पास गए।  इन वाक्यों में राधा (संज्ञा) शब्द के स्थान पर 'वह', 'उसने', 'उन्होंने', 'वे', शब्दों का प्रयोग किया गया है, इन्हें सर्वनाम शब्द कहते है...

नक्सलवाद और छत्तीसगढ़ पर निबंध - Essay on Naxalism and Chhattisgarh in Hindi

नक्सलवाद और छत्तीसगढ़ Hello and Welcome Friends आज के इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं यार, नक्सलवाद औरे छत्तीसगढ़ पर निबन्ध के बारे में, साथ ही यह छत्तीसगढ़ राज्य की बहोत बड़ी समस्या रही है, जिसको हम यहाँ के प्रमुख समस्या के रूप में देखते हैं।  इस पोस्ट के माध्यम से हम समझने की कोशिस करेंगे की इस निबंध को किस प्रकार से लिखने पर हमें अच्छे नंबर मिल सकते हैं और निबन्ध लिखेंगे चलिए जान लेते हैं हमारे इस निबन्ध सीरिज  निबंध लेखन Class 12  के अन्य पोस्ट के बारे में जिसे हमने पिछले पोस्ट में लिखा था वे टॉपिक्स हैं – आधुनिक भारतीय नारी पर निबंध  जीवन में खेलों का महत्व पर निबंध  विज्ञान के चमत्कार पर निबंध  विद्यार्थी जीवन और अनुशासन पर निबंध  कोई भी निबन्ध लिखने से पहले हमें उसकी रूपरेखा तैयार कर लेनी चाहिए क्योंकि निबन्ध का अर्थ ही होता है नियम से बंधकर लिखा हुआ कोई जानकारी से भरा ज्ञानवर्धक बातें चलिए शुरू करते हैं – रुपरेखा -  प्रस्तावना   छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद   नक्सलवाद के कारण और शासन   उपसंहार ...