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दूरभाष यंत्र क्या है? | What is telephone device?

1. दूरभाष यंत्र क्या है? उत्तर -जैसे की नाम से पता चलता है दूर अर्थात जो हमारे पास या नजदीक न हो और भाष का अर्थ होता है भाषा या आवाज अर्थात दूर की आवाज को हम तक पहुँचाने वाला यंत्र या मशीन ही दूरभाष यंत्र कहलाता है।  दूरभाष यंत्र के रूप अभी सिर्फ टेलीफोन को जाना जाता था लेकिन अब मोबाईल जैसे उपकरण के आ जाने से इसकी परिभाषा ही बदल गयी है अब मोबाईल दूरभाष यंत्र के साथ दूरदर्शन यंत्र का काम भी कर देता है।  दूरभाष यंत्र के उदाहरण के रूप में रेडियो को भी लिया जाता है जिसमें रेडियो नाटक के माध्यम से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया जाता था जब दूरदर्शन का अविष्कार नहीं हुआ था। आगे और भी पोस्ट के अपडेट पाने के लिए ब्लॉग को सब्सक्राईब जरुर करे धन्यवाद!

न्यूटन के गति के नियम उदाहरण सहित

हैल्लो  दोस्तों  न्यूटन के गति के नियम के बारे में बताने वाला हूँ तो चलिए शुरू करता हूँ। न्यूटन की गति के नियम, शरीर पर काम करने वाली बल के बीच संबंध और शरीर की गति से है। यह नियम भौतिक विज्ञानी और गणितज्ञ सर आइजैक न्यूटन द्वारा तैयार किए गए है। न्यूटन के प्रथम गति नियम क्या है न्यूटन के पहले नियम में कहा गया है कि, यदि कोई शरीर आराम अवस्था में है या एक सीधी रेखा में स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है, तो वह आराम पर रहेगा या जब तक किसी बल द्वारा उस पर कार्य नहीं किया जाता है। तब तक वह निरंतर गति से सीधी रेखा में चलते रहेंगे। इस अवस्था को जड़त्व का नियम के रूप में जाना जाता है।  जड़ता का नियम पहले गैलिलियो गैलीली द्वारा पृथ्वी पर क्षैतिज गति के लिए तैयार किया गया था और बाद में रेने डेकार्टेस द्वारा सामान्यीकृत किया गया था। गैलीलियो से पहले यह सोचा गया था कि सभी क्षैतिज गति को एक प्रत्यक्ष कारण की आवश्यकता होती है, लेकिन गैलीलियो ने अपने प्रयोगों से यह अनुमान लगाया कि गति में एक शरीर तब तक गति...

पौधों में जल अवशोषण एवं संवहन की क्रिया

दोस्तों सभी जानते हैं, की सभी जंतुओं में श्वसन की क्रिया होती है और श्वशन के माध्यम से ही सभी जीव जीवित रहते हैं। लेकिन श्वशन के साथ पानी भी आवश्यक होता है। तो आज हम बात करते हैं पौधों जल अवशोषण के बारे में सबसे पहले हम आपको बताते हैं। पौधों जल अवशोषक के अंग प्रायः पौधों में जल का अवशोषण मूल (जड़) के द्वारा होता है,लेकिन कुछ पौधों में जल का अवशोषण पत्तियों तथा तनों के द्वारा भी होता है। जलोद भीद (hydrophyte) पादपों (पौधों) में जल का अवशोषण प्रायः सामान्य सतह के द्वारा होता हैं। वुड wood,1925   के अनुसार कुछ पौधों जैसे कोचिका बेवोसिया kochia baosia तथा रेगोडिया rhagodia आदि जल अवशोषण वायुमण्डल से करते हैं। इसी प्रकार का जल अवशोषण अंगूर (vits),चुकन्दर (beta), मूंग (phaseolus), बैगन (solanum), तथा मिर्च (Lycopersicum) में भी पाया जाता है। इस प्रकार पत्तियों द्वारा जल का अंतर्ग्रहण निम्न बिंदुओं द्वारा प्रभावित होता है एपिडर्मिस तथा क्यूटिकिल की संरचना एवं पारगम्यता(permeability) पत्ती की सतह...