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रासो काव्य की प्रमुख विशेषताएँ बताइये।

 1. रासो काव्य की प्रमुख विशेषताएँ बताइये।

उत्तर - 

रासों काव्य की प्रमुख विशेषताएँ

  1. इनमें अपभ्रंश के चरित्र काव्य की कथानक रूढ़ियाँ एवं काव्य रूढ़ियाँ प्रयुक्त हुई हैं। यथा-संवाद तत्व, शुक-सुरी संवाद आदि।
  2. दो रचनाएँ अधिकतर बड़ीं हैं और उनमें प्रायः छंद-वैविध्य भी अधिक है। पृथ्वीराज रासो में लगभग बहत्तर प्रकाश के मात्रिक वार्णिक, संयुक्त तथा फुटकर छंदों का प्रयोग हुआ है।
  3. इन काव्यों में युद्धों का प्रसंग अधिक मिलता है।
  4. ये काव्य वीर रस प्रधान हैं, श्रृंगार की भी छटा निराली है।
  5. गेयता आदि लोक तत्व विद्यमान है।
  6. इनमें आश्रयदाता राजाओं की वीरता का अतिश्योक्तिपूर्ण वर्णन मिलता है।
  7. इनमें इतिहास और कल्पना का समन्वय है।
  8. ये प्रबन्ध रचनाएँ हैं।
  9. इनमें काव्य सौंदर्य भी उत्कृष्ट है। अनुरति और अभिव्यक्ति का सुंदर समन्वय है।
  10. इनकी भाषा प्रायः मिश्रित है।

Raso kavyon ki pramukh visheshtaayen btaiye?

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