Skip to main content

पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से ऐसे करें अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कम्प्लीट

 हेलो दोस्तों मेरा नाम खिलावन पटेल है और पिछले 4 सालों से ब्लॉगिंग कर रहा हूँ साल 2021 में मैने हिंदी ब्लॉग questionfieldhindi.blogspot.com चालू किया जिसमें मैने एम. ए. हिंदी साहित्य से बहोत सारे प्रश्न और उत्तर वहां पर दिए हैं।

apna graduation kaise kare complete
प्रवेश द्वार पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी

इसी को लेकर मेरे मन में यह प्रश्न आया कि क्यों न आपको अभी हाल ही में पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी रायपुर में हो रहे रेगुलर और प्राइवेट स्टडी के बारे में बताया जाए।

तो अभी हाल ही में रेगुलर और प्राइवेट वालों के लिए परीक्षा फार्म भरने की घोषणा रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी रायपुर द्वारा कर दी गयी है जिसकी आखरी तारीख 24 दिसम्बर 2022 को है यदि इसके बाद आप परीक्षा के लिए फॉर्म भरते हैं तब आपको 100 रुपये अतिरिक्त शुल्क के साथ फॉर्म भरना होगा।

यह भी 30 तारिक तक ही वैद्य होगा इसके बाद फार्म भरने की अनुमति नहीं है।

यदि आप रेगुलर स्टूडेंट नहीं है तब भी यहां से प्राइवेट में फार्म भरकर कर सकते हैं अपना ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कम्प्लीट।

सबसे पहले आपको उनके वेबसाइट पर यूजर आईडी और पासवर्ड बनाना है उसके बाद जो जो मांगा गया है सबमिट कर फार्म को सबमिट कर दें।

जो प्रिंट आउट है उसे अपने नजदीकी कॉलेज में लेजाकर जमा कर दें। पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में है और इसके मान्यता प्राप्त बहोत सारे महाविद्यालय हैं।

जिनके माध्यम से आप अपना ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा कर सकते हैं। यदि आप प्राइवेट में हैं तो आपकी फीस रेगुलर स्टूडेंट से ज्यादा हो सकती है।

वहीं यदि आप रेगुलर स्टूडेंट हैं तो आपकी फीस थोड़ी कम हो होगी। मान्यता की बात करें तो आप चाहे रेगुलर से अपनी ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन कम्प्लीट करें मान्यता उतनी ही होगी।

अब आपके लिए यह बड़ी बात नहीं होगी कि आप किसी कारण से पढाई न कर सकें यदि आप एक मन से पढाई करें तो आपकी मेहनत जरूर रंग लाएगी।

तो आज के इस पोस्ट में बस इतना ही मिलते हैं नए पोस्ट और नई जानकारियों के साथ।

यदि आपके कोई प्रश्न हों तो कमेंट करें! धन्यवाद।

Comments

Popular posts from this blog

भ्रमरगीत सार : सूरदास पद क्रमांक 88 सप्रसंग व्याख्या By Khilawan

   भ्रमरगीत सार आचार्य रामचंद्र शुक्ल  अगर आप हमारे ब्लॉग को पहली बार विजिट कर रहे हैं तो आपको बता दूँ की इससे पहले हमने  भ्रमर गीत के पद क्रमांक 87 की व्याख्या  को अपने इस ब्लॉग  questionfieldhindi.blogspot.com  में पब्लिस किया था। आज हम  भ्रमर गीत पद क्रमांक 88 की सप्रसंग व्याख्या  के बारे में जानेंगे तो चलीये शुरू करते हैं। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) के एम.ए. हिंदी साहित्य (MA Hindi) के पाठ्यक्रम में ' भ्रमरगीत सार ' (संपादक: आचार्य रामचंद्र शुक्ल) द्वितीय सेमेस्टर (Second Semester) के अंतर्गत पढ़ाया जाता है। यह पुस्तक दूसरे सेमेस्टर के मध्यकालीन काव्य प्रश्न-पत्र के पाठ्यक्रम का मुख्य हिस्सा है। भ्रमरगीत सार की व्याख्या     पद क्रमांक 88 व्याख्या  -  सम्पादक आचार्य रामचंद्र शुक्ल bhrmar-geet-sar-surdas-ke-pad - 88 श्री कृष्ण का वचन उद्धव-प्रति 88. राग गौरी ऊधो ! क्यों राखौं ये नैन ?  सुमिरि सुमिरि गुन अधिक तपत हैं सुनत तिहारो बैन।। हैं जो मन हर बदनचंद के सादर कुमुद चकोर। परम-तृषारत सजल स्यामघन ...

किस कवि को 'अभिनव जयदेव' कहा जाता है और क्यों?

22. किस कवि को 'अभिनव जयदेव' कहा जाता है और क्यों? उत्तर - विद्यापति जिनका जन्म उत्तरी बिहार के मिथिला क्षेत्र के वर्तमान मधुबनी जिला के विस्फी गाँव में हुआ था। यह ब्राम्हण परिवार से थे। इन्हें मैथिल कोकिल के नाम से भी जाना जाता है और इन्हें 'अभिनव जयदेव' कहा जाता है, क्योंकि उनकी पदावली पर जयदेव रचित गीतगोविन्द का प्रभाव है।  जयदेव रचित गीतगोविन्द श्री मद भागवत के बाद दूसरी सबसे बड़ी राधा कृष्ण का वणर्न करने वाली रचना है। इन्ही की रचना का प्रभाव इनके रचना पर है इस वजह से यह अभिनव अर्थात नए जयदेव के रूप में आज भी जाने जाते हैं।  Kis kavi ko 'abhinav jaydev' kaha jata hai aur kyon? प्राचीन एवं मध्यकालीन काव्य इकाई-1. चन्दबरदायी : पृथ्वीराज रासो (पद्मावती समय) अतिलघु उत्तरीय प्रश्न आदिकाल के अधिकांश युद्धों का कारण क्या था? पद्मावती समय का नामकरण किस आधार पर किया गया है? पद्मावती समय में किन भाषाओं की अभिसन्धि देखने को मिलती है? 'पद्मावती समय' 'पृथ्वीराज रासो' का कौन-सा समय रहा है? 'पद्मावती समय' का उद्देश्य क्या है? 'पद्मावती समय' क...