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लोचन प्रसाद पाण्डेय : छत्तीसगढ़ी एवं हिंदी साहित्यकार

1. लोचन प्रसाद पाण्डेय का जीवन परिचय दीजिए। 

उत्तर - 

  लोचन प्रसाद पाण्डेय 

पंडित लोचन प्रसाद पाण्डेय का जन्म संवत 1943 में बालपुर ग्राम (बिलासपुर) में हुआ था। आप एक समृद्ध मालगुजार थे। छत्तीसगढ़ के पुरातत्व और इतिहास के क्षेत्र में आपके अनुसंधानों ने अनेकशः नव सोपानों का उद्घाटन किया है।

 छत्तीसगढ़ी में आपकी कविताएं स्फुट रूप में ही प्राप्त होती हैं। मूल प्रकाशित प्रतियों के अप्राप्य होने के कारण उनके रचना काल का सुनिश्चित निर्धारण नहीं किया जा सकता, तथापि इतना अवश्य कहा जा सकता है कि पाण्डेय जी ने सन 1907 - 08 से ही छत्तीसगढ़ी काव्य-लेखन आरंभ कर दिया था। प्राप्त रचनाओं में 'कृषक बाल रखा', 'भूतहा मंडल', 'रोपा धान', 'वंदना गीत' आदि उल्लेख्य हैं। 

पाण्डेय जी का छत्तीसगढ़ी काव्य राष्ट्रीय विचारधारा से प्रभावित है तथा छत्तीसगढ़ के प्रति उनके गौरव भाव की ही अभिव्यक्ति उनमें अधिक हुई है -

जयति जय-जय छत्तीसग़ढ देस, जनमभूमि सुंदर सुखखान 

जहाँ के तिल, सन, हर्रा, लाख, गहूँ, अऊ नाना विधि के धान,

बनिया बैपारी के अधार, बढ़ाये देस राज के मान,

जहाँ के हम सब संतान, सत्ताधारी अन सरल किसान,

हम्मन ला पाके हो इस धन्न हमार प्यारा हिन्दुस्तान। 

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