Skip to main content

sohila kiski rachna hai

46. असीदीवार, सोहिला, रहिरास किस कवि की रचनाएँ हैं?

अथवा 

गुरु नानक की तीन रचनाओं के नाम लिखिए?

उत्तर - असीदिवार, सोहिला, रहिरास ये सभी रचनाएँ गुरु नानक की रचनाएं हैं। 

sohila kiski rachna hai

sohila gurunanak ki rachna hai.

 Asidiwar, sohila, rahiras kis kavi ki rachnaen hai?

 इकाई 3. पूर्व मध्यकाल (भक्तिकाल)

इकाई 3. अति लघु उत्तरीय प्रश्न

  1. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने भक्तिकाल की समय सीमा क्या मानी है?
  2. डॉ. नगेन्द्र ने भक्तिकाल की समय सीमा क्या मानी है?
  3. आचार्य शुक्ल ने भक्ति आंदोलन के उदय का कौन-सा प्रमुख कारण माना है?
  4. आलवार भक्तों का मूल स्थान कहाँ था?
  5. आलवार भक्तों की संख्या कितनी मानी गई है?
  6. आलवार भक्त मूलतः किसको कहा जाता है?
  7. भक्ति भावना का मूल स्त्रोत भारत के किस भाग में माना गया है?
  8. इनमें से कौन-सा कथन असत्य है?
  9. अद्वैत वेदांत का प्रचार किसने किया?
  10. तीन अलवार भक्तों के नाम लिखिए?
  11. 'दिव्य प्रबंधम' किसके पदों का संकलन है?
  12. आलवार भक्तों के पद किस भाषा में हैं?
  13. कबीर काव्य में उपलब्ध कुण्डलिनी योग के शब्द किसके प्रभाव से गृहीत हैं?
  14. कबीर के गुरु का नाम क्या था? 
  15. संत कवियों ने वैदिक परम्पराओं की आलोचना किसके प्रभाव से की?
  16. कबीर का जन्म कब माना जाता है?
  17. संत कवियों ने वैदिक परम्पराओं की आलोचना किसके प्रभाव से की?
  18. कबीर का जन्म कब माना जाता है?
  19. विशिष्टाद्वैत के प्रतिपादक आचार्य कौन थे?
  20. श्री सम्प्रदाय के प्रवर्तक आचार्य का नाम बताइए। 
  21. 'पुष्टिमार्ग' का प्रवर्तक आचार्य कौन है?
  22. सखी सम्प्रदाय के प्रवर्तक कौन हैं?
  23. शुद्धाद्वैत सिद्धांत के प्रतिपादक आचार्य कौन थे?
  24. द्वैतवाद के प्रवर्तक आचार्य कौन हैं? 
  25. 'नृपसिंह' को ईश्वर का प्रमुख अवतार मानने वाले आचार्य कौन थे?
  26. 'द्वैताद्वैतवाद' के प्रवर्तक आचार्य का क्या नाम है?
  27. संत कवियों के दार्शनिक सिद्धांतों का मूल आधार क्या है?
  28. कुण्डलिनी योग, सहज समाधि, नाद बिंदु और मारिफ़त में से कौन सा शब्द संत काव्य से संबंधित नहीं है?
  29. इनमें से कौन सी प्रवित्ति संत काव्य की नहीं है। 
  30. बल्ल्भाचार्य के पुत्र का नाम क्या था?
  31. बंगला भाषा में रचित रामकथा का नाम क्या है?
  32. 'तत्वदीप निबंध' के लेखक कौन हैं?
  33. 'बीजक' में किस कवि की रचनाएँ संकलित हैं?
  34. कबीर की पत्नी का नाम क्या था?
  35. रामानंद के तीन शिष्यों के नाम लिखिए?
  36. रामानंद का समय क्या रहा है?
  37. राघवानंद जी किस प्रमुख व्यक्ति के गुरु थे?
  38. 'सिद्धांत पंचमात्रा' ग्रंथ के  रचयिता कौन थे?
  39.  इनमें से कौन संत नहीं है -
  40. गुरु नानक का जन्म किस सन में हुआ था?
  41. हरड़े वाणी के रचयिता कौन हैं -
  42. 'समाधि जोग' ग्रंथ किस सन्त कवि की रचना है?
  43. 'सुन्दर ग्रंथावली' का संकलन किसने किया है?
  44. 'सुखमनी' के रचयिता कौन हैं?
  45. गुरू अर्जुनदेव के कितने पद गुरु ग्रन्थ साहब में संकलित हैं?
  46. असीदीवार, सोहिला, रहिरास किस कवि की रचनाएँ हैं?
  47. इन सिख गुरुओं में सबसे अच्छे कवि कौन हैं?
  48. सुखमनी, बावन अखरी, बारहमासा किस कवि की रचनाओं के नाम हैं?
  49. "काहे री नलिनी तू कुम्हिलानी" यह पंक्ति किस कवि की है?
  50. "ढाई आखर प्रेम के पढ़ै सो पण्डित होय" पंक्ति किस कवि की है?
  51. "अजगर करै न चाकरी पंछी करै न काम" यह पंक्ति किस कवि की है?
  52. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कबीर की भाषा को क्या नाम दिया है?
  53. कबीर को 'वाणी का डिक्टेटर' किस समीक्षक ने कहा है?
  54. साखी, सबद, रमैनी किसकी रचनाएँ हैं-
  55. साखी का मूल तत्सम शब्द क्या है?
  56. संत काव्य में किस रस की प्रधानता है?
  57. कबीर की उलटबांसियों में कौन-सा रस प्रमुख है?
  58. "अवधू गगन मण्डल घर कीजै" यह पंक्ति किस कवि की है?
  59. "प्रभुजी तुम चन्दन हम पानी" यह पंक्ति किस कवि की है? 
  60. "दुलहिनि गावहु मंगलचार" पंक्ति किस कवि की है?
  61. "पानी ही तैं हिम भया हिम ह्वै गया बिलाय" यह पंक्ति किस कवि की है -
  62. चौरासी वैष्णवन की वार्ता के लेखक कौन थे?
  63. दो सौ बावन वैष्णवन की वार्ता नामक ग्रंथ किसने लिखा? 
  64. वल्ल्भाचार्य के दार्शनिक मत का नाम क्या है?
  65. राधावल्लभ सम्प्रदाय के प्रवर्तक कौन थे?
  66. सखी सम्प्रदाय का दूसरा नाम क्या है तथा इसके प्रवर्तक कौन थे?
  67. निम्बार्क सम्प्रदाय के प्रवर्तन का श्रेय किसे दिया जाता है?
  68. गौड़ीय सम्प्रदाय का दुसरा नाम क्या था तथा इसके प्रवर्तक कौन थे?
  69. अद्वैतवाद के प्रवर्तक आचार्य कौन हैं?
  70. 'द्वैताद्वैतवाद' के प्रवर्तक आचार्य का क्या नाम है?
  71. विशिष्टाद्वैतवाद के प्रवर्तक आचार्य का नाम क्या है?
  72. द्वैतवाद के प्रवर्तक आचार्य कौन थे?
  73. श्री सम्प्रदाय का प्रवर्तन किसने किया?
  74. आचार्य विष्णु स्वामी द्वारा प्रवर्तित मत का नाम क्या है?
  75. रामावत सम्प्रदाय के प्रवर्तन का श्रेय किस आचार्य को है?
  76. सूरदास की कृतियों के नाम लिखिए। 
  77. सूरदास के कृष्ण का स्वरूप क्या है?
  78. सूरदास के काव्य में किन रसों प्रमुखता है?
  79. सूरदास के भ्रमरगीत प्रसंग का मूल प्रतिपाद्य क्या है?
  80. भ्रमरगीत प्रसंग का मूल उपजीव्य ग्रंथ क्या है?
  81. नंददास के चार प्रसिद्ध ग्रंथों के नाम लिखिए?
  82. 'सिद्धांत पंचाध्यायी' की रचना किसने की है? तथा इसका वर्ण्य-विषय क्या है?
  83. रास पंचाध्यायी के रचनाकार का नाम बताते हुए इसके वर्ण्य-विषय का उल्लेख कीजिए।
  84. मीराबाई का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
  85. "राग सोरठा के पद" किस कवि की रचना है?
  86. रसखान का जन्म कब हुआ था?
  87. रसखान की प्रसिद्ध रचनाओं के नाम लिखिए?
  88. तुलसीदास जी का जन्म आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कब और कहाँ माना है?
  89. तुलसीदास की मृत्यु कब हुई थी?
  90. तुलसीदास द्वारा रचित पांच प्रसिद्ध ग्रंथों के नाम बताइए?
  91. रामचरितमानस की रचना कब प्रारम्भ हुई?

इकाई-3. का हमारा अति लघु उत्तरीय प्रश्न समाप्त होता है। पिछले अध्याय के अति लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर के लिए यहां निचे दिए लिंक पर क्लिक करें और पहुँचे -

इकाई-1. इतिहास दर्शन और साहित्येतिहास  अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

इकाई-2. हिंदी साहित्य के आदिकाल की पृष्ठभूमि  अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

इकाई-3. पूर्व मध्यकाल (भक्तिकाल) अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

इकाई-4. सूफी प्रेमाख्यानक काव्य अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

आपके कोई सुझाव हो तो निचे दिए लिंक के माध्यम से हमें बताएँ आपके सुझावों पर कुछ न कुछ प्रतिक्रियाएँ जरूर दिए जाएँगे। 

Comments

Popular posts from this blog

भ्रमरगीत सार : सूरदास पद क्रमांक 88 सप्रसंग व्याख्या By Khilawan

   भ्रमरगीत सार आचार्य रामचंद्र शुक्ल  अगर आप हमारे ब्लॉग को पहली बार विजिट कर रहे हैं तो आपको बता दूँ की इससे पहले हमने  भ्रमर गीत के पद क्रमांक 87 की व्याख्या  को अपने इस ब्लॉग  questionfieldhindi.blogspot.com  में पब्लिस किया था। आज हम  भ्रमर गीत पद क्रमांक 88 की सप्रसंग व्याख्या  के बारे में जानेंगे तो चलीये शुरू करते हैं। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) के एम.ए. हिंदी साहित्य (MA Hindi) के पाठ्यक्रम में ' भ्रमरगीत सार ' (संपादक: आचार्य रामचंद्र शुक्ल) द्वितीय सेमेस्टर (Second Semester) के अंतर्गत पढ़ाया जाता है। यह पुस्तक दूसरे सेमेस्टर के मध्यकालीन काव्य प्रश्न-पत्र के पाठ्यक्रम का मुख्य हिस्सा है। भ्रमरगीत सार की व्याख्या     पद क्रमांक 88 व्याख्या  -  सम्पादक आचार्य रामचंद्र शुक्ल bhrmar-geet-sar-surdas-ke-pad - 88 श्री कृष्ण का वचन उद्धव-प्रति 88. राग गौरी ऊधो ! क्यों राखौं ये नैन ?  सुमिरि सुमिरि गुन अधिक तपत हैं सुनत तिहारो बैन।। हैं जो मन हर बदनचंद के सादर कुमुद चकोर। परम-तृषारत सजल स्यामघन ...

CG TET 2024 PRT PAPER 1 FREE MOCK TEST CDP BY KHILAWAN

PYQ CG TET 2024 PRT PAPER 1 PART-I Child Development and Pedagogy (बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र) 0% Question 1. किसने कहा था? "किशोरावस्था बड़े संघर्ष, तनाव, तूफान तथा विरोध की अवस्था है।" A. क्रो एंड क्रो B. स्टेनले हॉल C. हण्ट D. सिम्पसन Explanation: "किशोरावस्था बड़े संघर्ष, तनाव, तूफान तथा विरोध की अवस्था है" यह प्रसिद्ध कथन अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जी. स्टेनली हॉल (G. Stanley Hall) का है, जिन्होंने किशोरावस्था को "तूफान और तनाव" (Storm and Stress) की अवस्था बताया था, जो इस अवस्था में होने वाले तीव्र शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक परिवर्तनों को दर्शाता है. जी. स्टेनली हॉल (G. Stanley Hall): इन्होंने 1904 में किशोरावस्था पर वैज्ञानिक अध्ययन किया और इसे "तनाव, संघर्ष और उथल-पुथल" का दौर कहा. अर्थ: उनके अनुसार, यह अवस्था माता-पिता से संघर्ष, मूड में बदलाव और जोखिम भरे व्यवहार से चिह्नित होती है, जो किशोरावस्था की जैविक और मनोवैज्ञानिक जटिलताओं के कारण होता है. Question 2: सं...

भ्रमरगीत सार: जब ज्ञान का अहंकार, प्रेम के सागर में डूब गया!

Bhramar geet   क्या आपने कभी सोचा है कि जब इस ब्रह्मांड का सबसे बड़ा ज्ञानी, प्रेम की साक्षात् मूरत से टकराता है, तो क्या होता है? महाकवि सूरदास की कालजयी कृति 'भ्रमरगीत सार' (संपादक: आचार्य रामचंद्र शुक्ल) केवल कविताओं का संग्रह नहीं है। यह बुद्धि और हृदय का महायुद्ध है। यह निर्गुण (निराकार ईश्वर) पर सगुण (साक्षात् कृष्ण) की, और ज्ञान पर अनन्य प्रेम की ऐसी विजय गाथा है, जिसे पढ़कर आज भी आँखें नम और मन मंत्रमुग्ध हो जाता है। आइए, ब्रज की उस पावन भूमि पर चलें जहाँ तर्क हार गया और प्रेम जीत गया। 🌟 कथा की पृष्ठभूमि: मथुरा से आया एक संदेश श्रीकृष्ण अब गोकुल के 'कान्हा' नहीं रहे, वे मथुरा के राजा बन चुके हैं। ब्रज में गोपियाँ उनके विरह (जुदाई) की आग में जल रही हैं। उधर मथुरा में, कृष्ण के सखा उद्धव को अपने ज्ञान और योग-साधना पर बड़ा अहंकार है। वे मानते हैं कि ईश्वर को केवल बुद्धि और ध्यान से पाया जा सकता है, प्रेम से नहीं। उद्धव के इसी 'ज्ञान के रोग' को ठीक करने के लिए, श्रीकृष्ण उन्हें एक दूत बनाकर ब्रज भेजते हैं। कृष्ण जानते हैं कि जो पाठ उद्धव को कोई ग्रंथ नहीं...