(1) 'रामचंद्रिका' के रचनाकार कौन हैं?
उत्तर - रामचंद्रिका के रचनाकार केशवदास हैं।
इसकी रचना 1601 ई. (संवत 1658) में हुई थी। यह रीतिकाल का एक अत्यंत प्रसिद्ध प्रबंध काव्य है, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र का वर्णन किया गया है। विविध छंदों के प्रचुर प्रयोग के कारण प्रसिद्ध आलोचक डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी ने इसे "छंदों का अजायबघर" कहा है।
स्मरणीय तथ्य जो आपको याद रखना चाहिए -
1. 'रामचंद्रिका' के रचयिता / रचनाकार
- रचनाकार: आचार्य केशवदास
- रचना वर्ष: 1601 ई. (संवत 1658)
- विशेष तथ्य: विविध छंदों के व्यापक प्रयोग के कारण डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी ने 'रामचंद्रिका' को "छंदों का अजायबघर" कहा है। आचार्य केशवदास को 'कठिन काव्य का प्रेत' भी कहा जाता है।
2. 'रामचंद्रिका' किस काल का महाकाव्य है?
- काल: रीतिकाल
- काव्यधारा: रीतिबद्ध शाखा
- स्वरूप: यह प्रबंधात्मक शैली में रचा गया एक प्रसिद्ध महाकाव्य है, जिसमें भगवान श्रीराम की कथा का 39 प्रकाशों (अध्यायों) में निरूपण किया गया है।
3. 'अनुभव चंद्रिका' किसकी रचना है?
- रचनाकार: मलूकदास (भक्तिकाल की ज्ञानाश्रयी निर्गुण संत काव्यधारा के प्रमुख संत कवि)
- अन्य संदर्भ: यदि यह प्रश्न तंत्र/दर्शन शास्त्र या पारंपरिक संस्कृत-आयुर्वेदिक ग्रंथों के संदर्भ में हो, तो इसे प्राचीन वैदांतिक/शास्त्रीय टीकाओं में भी उल्लिखित पाया जाता है; किंतु हिंदी साहित्य के इतिहास में 'अनुभव बोध' और 'अनुभव चंद्रिका' का संबंध मुख्य रूप से संत मलूकदास से माना जाता है।
संक्षिप्त सारांश सारणी
| रचना का नाम | रचयिता (कवि) | काल / काव्यधारा | विधा |
| रामचंद्रिका | आचार्य केशवदास | रीतिकाल (रीतिबद्ध) | महाकाव्य (प्रबंध काव्य) |
| अनुभव चंद्रिका | संत मलूकदास | भक्तिकाल (निर्गुण ज्ञानाश्रयी) | संत काव्य |
Ramchandrika ke rachnakar kaun hai?
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