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छतीसगढ़ी क्या है?

1. छतीसगढ़ी क्या है?

उत्तर - छत्तीसगढ़ी एक बोली का नाम है जो कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बोली जाती है।

छत्तीसगढ़ी भाषा का विकास पूर्वी हिंदी से हुआ है यह हिंदी भाषा के सबसे निकट की बोली है।

इसे छत्तीसगढ़ में लगभग 2 करोड़ लोगों के द्वारा बोला जाता है। 

In detail...

Chhattisgarhi_kya_hai
Chhatisgarhi kya hai


छतीसगढ़ी क्या है? 

छत्तीसगढ़ी भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में बोली जाने वाली प्रमुख भाषा है। 

यह हिन्द-आर्य (Indo-Aryan) भाषा परिवार का हिस्सा है और इसे मुख्य रूप से 'पूर्वी हिंदी' की एक बोली या शाखा माना जाता है। 

छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़ी कुछ प्रमुख जानकारियाँ इस प्रकार हैं: 

  • लिपि: छत्तीसगढ़ी भाषा को लिखने के लिए मुख्य रूप से देवनागरी लिपि का उपयोग किया जाता है (वही लिपि जिसमें हिंदी और संस्कृत लिखी जाती है)। 
  • राजभाषा का दर्जा: छत्तीसगढ़ राज्य के गठन (1 नवंबर 2000) के बाद, छत्तीसगढ़ी को राज्य की राजभाषा का दर्जा दिया गया है। 

इसे सरकारी काम-काज और स्थानीय शिक्षा में भी बढ़ावा दिया जा रहा है। 

  • वक्ता: मुख्य रूप से यह पूरे छत्तीसगढ़ में बोली जाती है। इसके अलावा, इससे सटे राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों में भी इसके बोलने वाले पाए जाते हैं। 

इसके वक्ताओं की संख्या लगभग 1.5 से 2 करोड़ के बीच है। 

लोक संस्कृति और साहित्य: छत्तीसगढ़ी भाषा का लोक साहित्य अत्यंत समृद्ध है। 

इसमें लोकगीत (जैसे- ददरिया, सुआ, पंथी), लोककथाएँ और लोकनाट्य (जैसे- नाचा) शामिल हैं। प्रसिद्ध लोक गाथा 'पंडवानी' (जिसे तीजन बाई ने विश्व स्तर पर लोकप्रिय बनाया) छत्तीसगढ़ी भाषा की ही देन है। 

  • बोलियाँ: छत्तीसगढ़ी के अंतर्गत भी कई क्षेत्रीय बोलियाँ या रूप पाए जाते हैं, जैसे- सरगुजिया, सदरी, बैगानी, बिंझवारी आदि, जो अलग-अलग जिलों में स्थानीय प्रभाव के कारण थोड़ी भिन्न होती हैं। 
  • शब्दावली: यद्यपि इसका अधिकांश शब्दकोश संस्कृत और प्राकृत से विकसित हुआ है, लेकिन इसमें मुंडा और द्रविड़ भाषाओं (जैसे गोंडी, कुरुख) के शब्दों का भी गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। 

संक्षेप में, छत्तीसगढ़ी केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की माटी, वहां की समृद्ध संस्कृति, और जनजीवन की पहचान है।

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