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डॉ. मधुकर गंगाधर कौन हैं? | Who is Dr. Madhukar Gangadhar?

 1.डॉ. मधुकर गंगाधर कौन हैं?

उत्तर - डॉ. मधुकर गंगाधर - विकिपीडिया के अनुसार डॉ. मधुकर गंगाधर का जन्म सन 1933 को 7 जनवरी को हुआ था, एवं मृत्यु 2020 में 6 दिसंबर को हुई थी। 

ये हिंदी साहित्य में कथाकार एवं कवि के रूप में जाने जाते हैं। मधुकर गंगाधर आकाशवाणी (रेडियो) में काम कर चुके हैं इन्होने आकाशवाणी पटना में फणीश्वरनाथ रेणु के साथ काम किया था। जहां ये उनके सहयोगी हुआ करते थे इन्होने रेडियो नाटक के संबंध में कहा है की इसमें कुछ बाधाए हैं जिससे होकर इसे गुजरना पड़ता है। 

रेडियो नाटक की आधारभूत संरचनाओं के बारे इन्होने अपनी पुस्तक भारतीय प्रसारण के विविध आयाम में लिखा है और रेडियों नाटक के महत्वपूर्ण पहलुओं की चर्चा की है.

ये आलइंडिया रेडियो इलहाबाद के निदेशक और दिल्ली के आकाशवाणी के उपमहानिदेशक भी रह चुके हैं। ये हिंदी की नई कहानी के दौर के कहानीकार में से एक हैं जिनके मित्र फणीश्वरनाथ रेणु और कमलेश्वर सक्सेना जैसे हिंदी लेखक रहे हैं। 

जीवनी 

मधुकर गंगाधर का जन्म पूर्णिया जिले (जो की भारत के बिहार राज्य में स्थित है और यह जिला मुख्यालय है) में रूपौली ब्लॉक के एक गाँव झलारी में सन 1933 को हुआ था। यदि इनके कार्य की बात करें तो ये 29 वर्ष तक आलइंडिया रेडियो से जुड़े रहे। 

मधुकर गंगाधर ने विभिन्न विधाओं में लेखन किया हुआ है जिसमें से कुछ के नाम इस प्रकार हैं जो की उपन्यास हैं - 

  1. मोतियों वाले हाँथ (1962) 
  2. यही सच है (1964) 
  3. गर्म पहलुओं वाला मकान (1983)
  4. उत्तरकथा (1984) आदि। 

मधुकर गंगाधर ने सौ से ज्यादा कहानियां भी लिखी हैं जो की चार खंडों में हैं और इसका प्रकाशन, मुकुल प्रकाशन नामक कंपनी के द्वारा करवाया गया था। इनके कहानी संग्रह का नाम - तीन रंग, तरह चित्र, नागरिकता के छिलके, मछलियों की चीख आदि नाम से प्रचलित हैं। 

इसके अलावा इन्होने अन्य विधाओं जैसे - कविता, संस्मरण में भी अपनी एक अलग पहचान बनायी इन्होने बांला साहित्य का हिंदी रूपांतरण भी किया था जैसे बांग्ला के ढोढ़ाय चरित का।

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