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सम्पर्क भाषा किसे कहते हैं? | Sampark Bhasha

 सम्पर्क भाषा : Sampark Bhasha

सम्पर्क भाषा ऐसी भाषा होती है जो जन समूह के बीच विचारों के आदान-प्रदान के लिए प्रयोग किया जाता है भले ही उनकी मूल भाषा या सांस्कृतिक भाषा अलग-अलग हो और वह अलग - अलग जगहों पर रहते हों यह भाषा उनके मध्य अपने विचारों के आदान प्रदान का माध्यम बनता है।

जैसे उदाहरण के तौर पर बताऊं तो अभी वर्तमान समय में अंग्रेजी पूरे विश्व के लिए सम्पर्क भाषा के रूप में जाना जाता है।

ऐसे ही अन्य छोटी-छोटी जगहों के लिए भी अलग-अलग सम्पर्क भाषाएँ हो सकती हैं।

जैसे छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां के लोगों के लिए छत्तीसगढ़ी बोली सम्पर्क भाषा है।

हालांकि यह पूरे भारत में नहीं समझी जाती है फिर भी यह छत्तीसगढ़ के बहुतायत लोगों के मध्य सम्पर्क भाषा का काम करता है।

भारत में सम्पर्क भाषा हिंदी 

यदि हम हिंदी की बात करें तो भारत में लगभग हर जगह हिंदी भाषा बोली और समझी जाती है हिंदी भाषा का प्रयोग पूरे भारत में होता है इसलिए हिंदी भाषा को भारत की सम्पर्क भाषा कहें तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।

हिंदी भाषा में बहुत सारे ग्रन्थ और साहित्य लिखे जा चुके हैं जिसे लोगों के द्वारा खूब सराहना मिली है साथ ही कई ऐसे विदेशी हैं। जिन्हें हिंदी बोलनी नहीं आती लेकिन समझ जाते हैं।

इस प्रकार सम्पर्क भाषा दो लोगों या समुदाय के मध्य सम्पर्क का काम करता है।

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