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अरस्तु ने त्रासदी को किसका भेद मानकर उसकी व्याख्या की है?

1. अरस्तु ने त्रासदी को किसका भेद मानकर उसकी व्याख्या की है?

उत्तर - अरस्तु ने त्रासदी को नाटक का भेद मानकर उसकी व्याख्या की है। 

Arastu ne trasdi ko kiska bhed mankar uski vyakhya ki hai?

Natak ka.

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भ्रमरगीत सार : सूरदास पद क्रमांक 88 सप्रसंग व्याख्या By Khilawan

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