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भारतीय साहित्य में 'आज के भारत के बिम्ब' पर प्रकाश डालिए।

1. भारतीय साहित्य में 'आज के भारत के बिम्ब' पर प्रकाश डालिए। 

उत्तर - भारतीय साहित्य में आज के भारत का बिम्ब -

रुपरेखा - 

  1. परिचय 
  2. भारतीय साहित्य 
  3. आज के भारत के बिम्ब 
  4. विशेषताएँ 
  5. निष्कर्ष 
1. परिचय - बिम्ब का अर्थ होता है परछाई आज भारतीय साहित्य में भारत की परछाई या बिम्ब को किस प्रकार साहित्य रचना के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है आज के भारत को जिस प्रकार प्रस्तुत किया गया है उसे बिम्ब कहेंगे। 

2. भारतीय साहित्य - भारत के स्वतंत्रता के पूर्व और स्वतंत्रता के बाद यहां की भाषाओं में की जाने वाली साहित्यिक रचनाओं को भारतीय साहित्य के नाम से जाना जाता है। 

3. आज के भारत का बिम्ब - साहित्य समाज का दर्पण होता है इसमें समाज के विभिन्न रूपों को देखा जा सकता है। साहित्यकार उसी समाज का प्रतिनिधित्व करता है जिसमें उसका जन्म होता है। जो की जन के प्रति उन्मुख होना इन्द्रियों का परिणाम रहा है। मानव में एक विशिष्ट गुण और विवेक है। 

सामजिक व्यवस्था बदलने के साथ-साथ साहित्य की रचना में भी परिवर्तन होता जाता है। मुक्त रूप से मानव नहीं रह सकता समाज से अलग होकर वह रह सकता है लेकिन ज्यादा दिनों तक नहीं लेकिन रचना कर सकता है। भारतीय साहित्य आधुनिक युग को निम्न बिंदुओं के माध्यम से उजागर करता है-

1. कल्पनावादिता - साहित्य रचना एक कला है साहित्यकारों का दृष्टिकोण है की साहित्य हमारी कल्पना की उपज होती है। लेकिन कोई न कोई प्रत्यक्ष रूप अवश्य रहता है। 

2. युग समस्या का चित्रण - साहित्य समाज का दर्पण है साहित्यकार उसी समस्याएं जो समाज में व्याप्त है उसको लोगों तक रचना के माध्यम से पहूँचाकर लोगों को जाग्रत करता है। कवि सब कुछ अनुभव कर सकता है लेकिन सब कह या कर नही सकता। 

3. साहित्य का सर्वोपरि प्रभाव - मानव समाज में और इस युग में सबसे ज्यादा प्रभाव साहित्य का देखने को मिलता है जितने भी जानकार या विद्वान् हुए हैं वो कहीं न कहीं साहित्य के प्रेरणा से हुए या कुछ न कुछ ऐसे साहित्य को पढ़ें हैं जिनसे उन्होंने सीखा है। 

4. साहित्य हमें रोमांच से भर देता है।

4. विशेषताएं - 

  1. समकालीन भारतीय साहित्य में सामाजिक परिवर्तन का स्वर समान रूप से मिलता है। 
  2. दलित एवं नारी चिंतन का स्वर मिलता है। 
5. निष्कर्ष - वर्तमान साहित्य का अध्ययन करने से यह स्पष्ट हो जाता है पृथक होकर भी मूलतः एक है। साहित्य बहिरंग बदलता है आत्मा एक है। 
भारतीय साहित्य में 'आज के भारत के बिम्ब' पर प्रकाश डालिए।
Image By Khilawan


Bhartiya sahitya me aaj ke bharat ke bimb par prakash dalie.

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