Skip to main content

उपर्युक्त कथन किसका है?

4. उपर्युक्त कथन किसका है?

 "सगुणोपासक भक्त भगवान के सगुन और निर्गुण दोनों रूप मानता है पर भक्ति के लिए सगुण रूप ही स्वीकार करता है, निर्गुण रूप ज्ञानमार्गियों के लिए छोड़ देता है।" यह कथन किस आलोचक का है?

उत्तर - उपर्युक्त कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल का है। 

Sagunopasak bhakta bhagvan ke sagun aur nirgun donon roop manta hai par bhakti ke liye sagun roop hi svikar karta hai, nirgun roop gyanmargiyon ke liye chhod deta hai. yaha kathan kis aalochak ka hai?

 इकाई-4.

सूफी प्रेमाख्यानक काव्य

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

  1. श्रृंगार रस के घोर विरोधी संत कौन थे?
  2. 'सुन्दर विलास' के रचयिता कवि कौन थे?
  3. संत कवियों में सर्वाधिक शिक्षित कवि कौन थे?
  4. उपर्युक्त कथन किसका है? "सगुणोपासक भक्त...."
  5. यह कथन किसका है? "कबीर तथा अन्य...."
  6. नामदेव का संबंध किस प्रवृति से है?
  7. बिठोबा का भक्त किसे माना जाता है?
  8. भक्तमाल के अनुसार रामानंद के कितने शिष्य थे?
  9. "गहना एक कनक तें गहना इन मुंह भाव न दूजा।" इस पंक्ति... 
  10. कबीर पंथ का निर्माण किस सिद्धांत पर हुआ?
  11. कबीर काव्य में उपलब्ध अहिंसा का तत्व किस सम्प्रदाय की देन है?
  12. कबीर काव्य में उपलब्ध ज्ञान मार्ग की बातें आचार्य शुक्ल के अनुसार कहाँ से ली गई हैं?
  13. आचार्य शुक्ल के अनुसार कबीर को राम नाम किससे प्राप्त हुआ?
  14. कबीर काव्य में उपलब्ध प्रेम तत्व किसकी देन है?
  15. गुरु नानक की तीन रचनाओं के नाम लिखिए?
  16. आचार्य शुक्ल ने निर्गुण मार्ग का निर्दिष्ट प्रवर्तक किसे माना है?
  17. संत काव्य की तीन प्रवृत्ति कौन-कौन सी हैं?
  18. "माया महा ठगिनी हम जानी" पंक्ति किस कवि की है?
  19. हिंदी का कौन-सा कवि समाज सुधारक पहले है, भक्त और कवि बाद में?
  20. सूफी काव्य का दूसरा नाम क्या है?
  21. ऋग्वेद में कौन-सा आख्यान उपलब्ध होता है?
  22. किस अवतार का चरित्र स्वच्छंदतावादी प्रेम पर आधृत है?
  23. नल-दमयंती आख्यान किस ग्रंथ में है? 
  24. 'कृष्ण-रुक्मिणी' का प्रेमाख्यान किस पुराण ग्रंथ में है?
  25. वृहत्कथा के नायक का नाम क्या है?
  26. सूफी प्रेमाख्यानकों में प्रायः कौन-सी विशेषताएँ होती हैं?
  27. सूफी मत का आदि स्त्रोत डॉ. नगेन्द्र ने किससे माना है?
  28. अवधी भाषा का प्रथम महाकाव्य कौन-सा ग्रंथ है?
  29. सूफी शब्द की व्युत्पत्ति किस शब्द से अधिकांश लोग मानते हैं?
  30. सूफी काव्य का एक प्रमुख तत्व क्या है?
  31. सूफी साधना में ईश्वर की कल्पना किस रूप में की गई है?
  32. 'हाल' की दशा में गिनी जाने वाली दशा का नाम क्या है?
  33. सूफी साधना के मुकामों में क्या हासिल नहीं है?
  34. डॉ. नगेन्द्र ने प्रेमाख्यानक काव्य परम्परा का पहला ग्रंथ किसे माना है? 
  35. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने किस काव्य ग्रंथ को प्रेमाख्यानक काव्य परम्परा का पहला ग्रंथ माना है?
  36. ईश्वरदास कृत सत्यवती कथा को किस आलोचक ने हिंदी प्रेमाख्यानक काव्य परम्परा का पहला ग्रंथ माना है? 
  37. चंदायन के रचयिता का नाम क्या है?
  38. मधुमालती के रचनाकार का नाम बताइए?
  39. शेखनवी की एक रचना का नाम बताइये?
  40. 'माधवनल-कामकंदला' नामक रचना किस कवि की है?
  41. जान कवि के लिखे प्रेमाख्यानक ग्रंथों की संख्या कितनी है?
  42. रूपमंजरी के रचयिता कौन हैं?
  43. छिताई वार्ता किस कवि की रचना है?
  44. गणपति रचित माधवानल-कामकंदला किस भाषा में रचित है?
  45. ढोला मारू रा दूहा किस भाषा में रचित प्रेमाख्यानक है?
  46. मधुमालती का नायक कौन है?
  47. किस प्रेमाख्यानक काव्य का नायक राजकुमार ऋतुपर्व है?
  48. उसमान कृत चित्रावली का नायक कौन है?
  49. 'ज्ञानदीप' नामक प्रेमाख्यानक काव्य की नायिका कौन है?
  50. लैला-मजनू के कथानक को हिंदी में प्रेमाख्यानककाव्य परम्परा में प्रस्तुत करने का श्रेय किस कवि को है?
  51. पद्मावत किस भाषा में लिखा गया है?
  52. जायसी ने पद्मावत जब लिखा तब दिल्ली पर किस राजा का शासन था?
  53. "तन चितउर मन राजा कीन्हा" पंक्ति किस काव्य ग्रंथ की है?
  54. "माधवानल-कामकंदला" पर प्रेमाख्यानक किन कवियों ने लिखा?
  55. 'रत्नशेखर कथा' के आधार पर हिंदी में कौन-सा ग्रंथ लिखा गया?
  56. हिंदी का कौन-सा प्रेमाख्यानक कवि एक आँख वाला काना था?
  57. "औ मैं जानि कवित अस कीन्हा। मकु यह रहै जगत महं चीन्हां।" यह पंक्ति किस कवि की है?
  58. किस काव्य ग्रंथ में रूपकत्व का निर्वाह माना गया है?
  59. सूफी काव्यों की तीन विशेषताएँ लिखिए?
  60. किस जैन कवि ने अपने आत्मचरित में मधुमालती एवं मृगावती का उल्लेख किया है?
  61. जायसी के गुरु का नाम क्या था?
  62. 'आखिरी कलाम' नामक पुस्तक जायसी ने किस शासक के शासन काल में लिखी थी?
  63. पद्मावत की अधिकतर हस्तलिखित प्रतियां किस लिपि में मिली हैं?
  64. "मोहि का हंसेसि कि कोहरहि" पंक्ति किस कवि की है?
  65. रामचरितमानस की रचना कितने समय में पूर्ण हुई?
  66. रामचरितमानस किस भाषा में लिखा गया है?
  67. रामचरितमानस में कुल कितने काण्ड हैं? इनके नाम बताइए। 
  68. "लोकनायक वही हो सकता है जो समन्वय कर सके।" यह कथन किस आलोचक का है?
  69. रामचरितमानस में किस-किस का समन्वय मिलता है?
  70. विनयपत्रिका की रचना किस भाषा में हुई है?
  71. "भारतीय जनता का प्रतिनिधि कवि यदि किसी को कह सकते हैं तो तुलसीदास को।" यह कथन किस आलोचक का है?
  72. रामभक्ति काव्य परम्परा में रसिक भावना का समावेश किस कवि ने किया?
  73. रामायण महानाटक की रचना करने वाले कृतिकार कौन हैं?

 इकाई-4 का हमारा अति लघु उत्तरीय प्रश्न समाप्त होता है। पिछले अध्याय के अति लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर के लिए यहां निचे दिए लिंक पर क्लिक करें और पहुँचे -

इकाई-1. इतिहास दर्शन और साहित्येतिहास  अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

इकाई-2. हिंदी साहित्य के आदिकाल की पृष्ठभूमि  अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

इकाई-3. पूर्व मध्यकाल (भक्तिकाल) अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

इकाई-4. सूफी प्रेमाख्यानक काव्य अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

आपके कोई सुझाव हो तो निचे दिए लिंक के माध्यम से हमें बताएँ आपके सुझावों पर कुछ न कुछ प्रतिक्रियाएँ जरूर दिए जाएँगे। 

Comments

Popular posts from this blog

भ्रमरगीत सार : सूरदास पद क्रमांक 88 सप्रसंग व्याख्या By Khilawan

   भ्रमरगीत सार आचार्य रामचंद्र शुक्ल  अगर आप हमारे ब्लॉग को पहली बार विजिट कर रहे हैं तो आपको बता दूँ की इससे पहले हमने  भ्रमर गीत के पद क्रमांक 87 की व्याख्या  को अपने इस ब्लॉग  questionfieldhindi.blogspot.com  में पब्लिस किया था। आज हम  भ्रमर गीत पद क्रमांक 88 की सप्रसंग व्याख्या  के बारे में जानेंगे तो चलीये शुरू करते हैं। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) के एम.ए. हिंदी साहित्य (MA Hindi) के पाठ्यक्रम में ' भ्रमरगीत सार ' (संपादक: आचार्य रामचंद्र शुक्ल) द्वितीय सेमेस्टर (Second Semester) के अंतर्गत पढ़ाया जाता है। यह पुस्तक दूसरे सेमेस्टर के मध्यकालीन काव्य प्रश्न-पत्र के पाठ्यक्रम का मुख्य हिस्सा है। भ्रमरगीत सार की व्याख्या     पद क्रमांक 88 व्याख्या  -  सम्पादक आचार्य रामचंद्र शुक्ल bhrmar-geet-sar-surdas-ke-pad - 88 श्री कृष्ण का वचन उद्धव-प्रति 88. राग गौरी ऊधो ! क्यों राखौं ये नैन ?  सुमिरि सुमिरि गुन अधिक तपत हैं सुनत तिहारो बैन।। हैं जो मन हर बदनचंद के सादर कुमुद चकोर। परम-तृषारत सजल स्यामघन ...

गोवर्धन पूजा क्यों मनाया जाता है - Festival

दीपावली की हार्दिक बधाई मैं इस पोस्ट में  गोवर्धन पूजा  क्यों किया जाता है और इसका क्या महत्व है बताने वाला हूँ। आज का दिन आपके लिए हसी और ख़ुशियों भरा हो।  गोवर्धान पूजा   भगवान कृष्णा के बारे मे कृष्ण के बारे में जानना जरुरी है क्योकि गोवर्धन पूजा इससे जुड़ा हुआ है। कृष्ण यशोदा और नन्द का पुत्र था उसके असली माता पिता देवकी और वासुदेव थे कुछ कारन वश वासुदेव ने अपने पुत्र को उसके मित्र नन्द के पास अपने पुत्र को छोड़ दिया था। कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार है उसने कई लीलाये किये है उसमे से यह एक है। इंद्र के घमंड को चूर करने के लिए भगवान ने ये लीला की थी। आगे पूरी जानकारी है - आज मैं यह पोस्ट भगवान श्री कृष्ण के जीवन से प्रभावित होकर मेरे मन में कुछ प्रभाव उतपन्न हुए हैं इन्हें मैं आपके साथ शेयर करता हूँ। गोवर्धन पूजा क्यों मनाया जाता है  भगवान श्री कृष्ण की लीला को आज तक कोई समझ नहीं पाया है और शायद ही कोई इसे समझ सकें क्योंकि भगवान ने यहां पृथ्वी पर आकर ऐसी ऐसी कृतियाँ की है की उन्हें समझ पाना बहुत ही कठिन है लेकिन इसे जानने का प्रयास चलिए करते हैं। गोवर्...