Skip to main content

सहजोबाई किस शाखा की रचनाकार हैं?

6. सहजोबाई किस शाखा की रचनाकार हैं? (UGC NET 2004)

  (अ) कृष्ण भक्ति शाखा 

  (ब) रामभक्ति शाखा 

  (स) ज्ञानाश्रयी शाखा 

 (द) प्रेमाश्रयी शाखा 

उत्तर - (स) ज्ञानाश्रयी शाखा

सहजो बाई ज्ञानाश्रयी शाखा की रचनाकार हैं। 

वर्ष 2004 के यूजीसी नेट हिंदी साहित्य की परीक्षा में पूछे गए सभी प्रश्न उत्तर के लिंक निचे दिए गए हैं पढ़ें और आनंद लें यदि कोई सुझाव हों तो सोशल मिडिया के माध्यम से हम तक पहुंचे -

HINDI SAHITYA UGC NET 2004

  1. मैथिली का विकास किस अपभ्रंश से माना जाता है?
  2. कीर्तिलता किस भाषा की रचना है?
  3. संविधान के किस अनुच्छेद में हिंदी को संघ की राजभाषा घोषित किया गया है?
  4. आदिकाल में किस कवि ने अवहट्ट भाषा में रचना की?
  5. उत्तर भारत में भक्ति का प्रसार करने का श्रेय किसे प्राप्त है?
  6. सहजोबाई किस शाखा की रचनाकार हैं?
  7. 'उज्ज्वलनीलमणि' के रचयिता कौन है?
  8. 'चन्दायन' किस कवि की रचना है?
  9. दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, मद्रास की स्थापना किसने की?
  10. 'छायावाद' राष्ट्रीय सांस्कृतिक जागरण की काव्यात्मक अभिव्यक्ति है।
  11. कौन सी बोली पश्चिमी हिंदी की नहीं है?
  12. हिंदी भाषा के मानकीकरण का सचेष्ट प्रयास किस पत्रिका में किया गया है?
  13. 'अनुभूति की प्रामाणिकता' नयी कहानी-आंदोलन का प्रमुख आग्रह था।
  14. निम्नलिखित में से कौन सी बोली पूर्वी हिंदी की नहीं है?
  15. 'कल्पना' पत्रिका का प्रकाशन किस नगर से होता था?
  16. माध्यम पत्रिका का सम्पादक कौन है?
  17. रेखाचित्र और संस्मरण के बीच की विभाजक रेखा बहुत सूक्ष्म है।
  18. निम्नलिखित भाषाओं के विकास का सही अनुक्रम बताइए।
  19. निम्नलिखित कवियों का सही काल-क्रम बताइए।
  20. किस लेखिका ने पशु-पक्षियों पर केंद्रित रचना की है?
  21. इन कवियों में सही कालक्रम का निर्देश कीजिए।
  22. सही कृति-क्रम को पहचानिए।
  23. 'सेठ बांकेमल' किसकी रचना है?
  24. 'वारन हेस्टिंग का सांढ़' कहानी की रचना किसने की है?
  25. हिन्दी नाटकों के मंचन में 'यक्षगान' को प्रयोग किस निर्देशक ने किया?
  26. नील परिधान बीच सुकुमार, खिला...इन पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
  27. निम्नलिखित आचार्यों के बीच क्रम में से कौन-सा काल-क्रम की दृष्टि से सही नहीं है?
  28. कृति काल-क्रम की दृष्टि से कौन-सा सही है?
  29. रचनाकर काल-क्रम में सही का निर्देश कीजिए।
  30. निम्नलिखित में से कृति काल-क्रम की दृष्टि से कौन-सा सही है?
  31. निम्नलिखित में से सही कृति काल-क्रम कौन-सा है?
  32. निम्नलिखित निर्गुण कवियों का सही काल-क्रम कौन-सा है?
  33. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों और कवियों को सुमेलित कीजिए।
  34. निम्नलिखित रचनाओं को कवियों के साथ सुमेलित कीजिए।
  35. निम्नलिखित में से अध्यायों के नाम और रचनाओं को सुमेलित कीजिए।
  36. निम्नलिखित ग्रंथों को आलोचकों के साथ सुमेलित कीजिए।
  37. निम्नलिखित नाटककारों और नाटकों को सुमेलित कीजिए।
  38. 'विखंडन' की अवधारणा का संबंध किस 'वाद' से है?
  39. वृन्द-सतसई की विषयवस्तु क्या है?
  40. 'चित्राधार' किसकी रचना है?
  41. 'मेरी तेरी उसकी बात' किसकी रचना है?
  42. ब्रजबुलि का प्रयोग कहाँ होता है?
  43. भारतेन्दु के अनुसार हिन्दी नयी चाल में कब ढली?
  44. निम्नलिखित में अर्थालंकार कौन-सा है?
  45. रामकथा पर आधारित काव्य कौन-सा है?
  46. 'छायावाद का पतन' किस लेखक की कृति है?
  47. इनमें कौन 'तार सप्तक' का कवि नहीं है?
  48. प्रश्न 48 - 50 पठित गद्यांश MCQ UGC NET HINDI 2004 

आप हमारे साथ अपना कीमती अनुभव जरूर शेयर करें ताकि हम आपको और बेहतर तरिके से समझ कर आपके लिए और अच्छा पोस्ट लिख सकें धन्यवाद !

Sahajobai kis shakha ki rachnakar hai?

Comments

Popular posts from this blog

भ्रमरगीत सार : सूरदास पद क्रमांक 88 सप्रसंग व्याख्या By Khilawan

   भ्रमरगीत सार आचार्य रामचंद्र शुक्ल  अगर आप हमारे ब्लॉग को पहली बार विजिट कर रहे हैं तो आपको बता दूँ की इससे पहले हमने  भ्रमर गीत के पद क्रमांक 87 की व्याख्या  को अपने इस ब्लॉग  questionfieldhindi.blogspot.com  में पब्लिस किया था। आज हम  भ्रमर गीत पद क्रमांक 88 की सप्रसंग व्याख्या  के बारे में जानेंगे तो चलीये शुरू करते हैं। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) के एम.ए. हिंदी साहित्य (MA Hindi) के पाठ्यक्रम में ' भ्रमरगीत सार ' (संपादक: आचार्य रामचंद्र शुक्ल) द्वितीय सेमेस्टर (Second Semester) के अंतर्गत पढ़ाया जाता है। यह पुस्तक दूसरे सेमेस्टर के मध्यकालीन काव्य प्रश्न-पत्र के पाठ्यक्रम का मुख्य हिस्सा है। भ्रमरगीत सार की व्याख्या     पद क्रमांक 88 व्याख्या  -  सम्पादक आचार्य रामचंद्र शुक्ल bhrmar-geet-sar-surdas-ke-pad - 88 श्री कृष्ण का वचन उद्धव-प्रति 88. राग गौरी ऊधो ! क्यों राखौं ये नैन ?  सुमिरि सुमिरि गुन अधिक तपत हैं सुनत तिहारो बैन।। हैं जो मन हर बदनचंद के सादर कुमुद चकोर। परम-तृषारत सजल स्यामघन ...

CG TET 2024 PRT PAPER 1 FREE MOCK TEST CDP BY KHILAWAN

PYQ CG TET 2024 PRT PAPER 1 PART-I Child Development and Pedagogy (बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र) 0% Question 1. किसने कहा था? "किशोरावस्था बड़े संघर्ष, तनाव, तूफान तथा विरोध की अवस्था है।" A. क्रो एंड क्रो B. स्टेनले हॉल C. हण्ट D. सिम्पसन Explanation: "किशोरावस्था बड़े संघर्ष, तनाव, तूफान तथा विरोध की अवस्था है" यह प्रसिद्ध कथन अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जी. स्टेनली हॉल (G. Stanley Hall) का है, जिन्होंने किशोरावस्था को "तूफान और तनाव" (Storm and Stress) की अवस्था बताया था, जो इस अवस्था में होने वाले तीव्र शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक परिवर्तनों को दर्शाता है. जी. स्टेनली हॉल (G. Stanley Hall): इन्होंने 1904 में किशोरावस्था पर वैज्ञानिक अध्ययन किया और इसे "तनाव, संघर्ष और उथल-पुथल" का दौर कहा. अर्थ: उनके अनुसार, यह अवस्था माता-पिता से संघर्ष, मूड में बदलाव और जोखिम भरे व्यवहार से चिह्नित होती है, जो किशोरावस्था की जैविक और मनोवैज्ञानिक जटिलताओं के कारण होता है. Question 2: सं...

भ्रमरगीत सार: जब ज्ञान का अहंकार, प्रेम के सागर में डूब गया!

Bhramar geet   क्या आपने कभी सोचा है कि जब इस ब्रह्मांड का सबसे बड़ा ज्ञानी, प्रेम की साक्षात् मूरत से टकराता है, तो क्या होता है? महाकवि सूरदास की कालजयी कृति 'भ्रमरगीत सार' (संपादक: आचार्य रामचंद्र शुक्ल) केवल कविताओं का संग्रह नहीं है। यह बुद्धि और हृदय का महायुद्ध है। यह निर्गुण (निराकार ईश्वर) पर सगुण (साक्षात् कृष्ण) की, और ज्ञान पर अनन्य प्रेम की ऐसी विजय गाथा है, जिसे पढ़कर आज भी आँखें नम और मन मंत्रमुग्ध हो जाता है। आइए, ब्रज की उस पावन भूमि पर चलें जहाँ तर्क हार गया और प्रेम जीत गया। 🌟 कथा की पृष्ठभूमि: मथुरा से आया एक संदेश श्रीकृष्ण अब गोकुल के 'कान्हा' नहीं रहे, वे मथुरा के राजा बन चुके हैं। ब्रज में गोपियाँ उनके विरह (जुदाई) की आग में जल रही हैं। उधर मथुरा में, कृष्ण के सखा उद्धव को अपने ज्ञान और योग-साधना पर बड़ा अहंकार है। वे मानते हैं कि ईश्वर को केवल बुद्धि और ध्यान से पाया जा सकता है, प्रेम से नहीं। उद्धव के इसी 'ज्ञान के रोग' को ठीक करने के लिए, श्रीकृष्ण उन्हें एक दूत बनाकर ब्रज भेजते हैं। कृष्ण जानते हैं कि जो पाठ उद्धव को कोई ग्रंथ नहीं...