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इकाई 1 : भारतीय काव्यशास्त्र साहित्य के सिद्धांत तथा आलोचना शास्त्र दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर

 इकाई 1. : भारतीय काव्यशास्त्र साहित्य के सिद्धांत तथा आलोचना शास्त्र  

 एम. ए. हिन्दी (तृतीय सेमेस्टर) साहित्य के सिद्धांत तथा आलोचना शास्त्र (प्रथम प्रश्न पत्र)


1. काव्य के विभिन्न लक्षणों को दृष्टि में रखते हुए उनके स्वरूप का व्यापक निर्णय कीजिए, जिनमें उनके आभ्यंतर और बाह्य दोनों पक्षों का समुचित समन्वय हो।

5. रस-संबंधी विभिन्न मतों का पर्यावलोचन करते हुए, प्राचीन और आधुनिक आचार्यों की रस-संबंधी मान्यताओं का विवेचन कीजिए। Coming soon !

6. भारतीय काव्यशास्त्र में रस के स्वरूप का वर्णन कीजिए। Coming soon !

7. विभावानुभाव व्यभिचारि संयोगाद्रसः निष्पत्तिः में 'संयोग' और 'निष्पत्ति' के संदर्भ में विभिन्न आचार्यों द्वारा प्रस्तुत किये गये मतों का निरूपण कीजिए। Coming soon !

8. भारतीय काव्यशास्त्र के अनुसार रस के अंगों का परिचय प्रस्तुत कीजिए। Coming Soon !

9. साधारणीकरण का क्या आशय है? साधारणीकरण के विषय में आचार्यों के विभिन्न मतों का उल्लेख करते हुए यह बताइये कि साधारणीकरण किसका होता है? Coming soon !


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