10. लिंग : Gender
नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग में इसका मुख्य उद्देश्य है। हिंदी माध्यम में आपतक जानकारी जितना ज्यादा हो सके पहुंचाना आज हम हिंदी व्याकरण/ग्रामर के अंतर्गत लिंग जिसे अंग्रेजी में Gender कहा जाता है चलिए शुरू करते हैं।जेंडर किसे कहते हैं
जेंडर का अर्थ - संज्ञा के जिस रूप से उसके पुरुष अथवा स्त्री जाति का बोध होता है, उसे लिंग या जेंडर कहते हैं।
- तान्या खेल रही है।
- तेजस्विनी गाना गा रही है।
- अरुण मेला देखने गया।
- लड़की सुंदर है।
- शिक्षक हमें बुला रहें हैं।
- नाना जी टीवी में कुछ देख रहे हैं।
लिंग के भेद
- पुल्लिंग
- स्त्रीलिंग
लिंग की पहचान
- नित्य पुल्लिंग
- नित्य स्त्रीलिंग
- प्रतिभा पाटिल हमारे देश की राष्ट्रपति थी।
- अटल बिहारी हमारे देश के प्रधानमंत्री थे।
पुल्लिंग की पहचान
- देश - भारत, नेपाल, श्रीलंका,बांग्लादेश, पाकिस्तान आदि।
- धतु - सोना, पीतल, लोहा, ताँबा (चाँदी अपवाद) आदि।
- समुद्र - हिंद महासागर, अटलांटिक महासागर, हिन्द महासागर, दक्षिण महासार आदि।
- अनाज - गेहूँ, चावल, चना, बाजरा, जौ, उड़द आदि।
- पेड़ - बरगद, पीपल, अशोक, आम, शीशम, नीम आदि।
- द्रव - पानी, घी, तेल, दूध, शरबत (चाय, कॉफी, लस्सी अपवाद) अदि।
- पर्वत - हिमालय, कैलाश पर्वत, अरावली, सतपुड़ा, विंध्याचल आदि।
- वार - सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरूवार, शक्रवार, शनिवार, रविवार आदि।
- रत्न - मोती, पन्ना, मूँगा, हीरा, पुखराज आदि।
- समय - घंटा, दिन, सप्ताह, मिनट, मास, वर्ष आदि।
- जिन शब्दों के अंत में कुछ इस प्रकार के प्रत्यय यदि लगें हो तो वे प्रायः पुल्लिंग होते हैं; देखें जैसे कि
- आर - सुनार, लुहार आदि।
- आपा - बुढ़ापा, मोटाप, सियापा आदि।
- पन - बचपन, बड़प्प, लड़कपन आदि।
- एरा - चचेरा, ममेरा, फुफेरा, लुटेरा आदि।
- ना - सजाना, सोना, लिखना, पढ़ना आदि।
- आवा - पहनावा, दिखावा, चढ़ावा, भुलावा आदि।
- त्व - कवित्त्व, अपनत्व, पुरुषत्व, महत्व आदि।
- अन - भाषण, रमण, आगमन, गमन, लेखन आदि।
- आव - लगाव, बहाव, खिंचाव, चुनाव, बचाव आदि।
- अक - नायक, शिक्षक, लेखक, गायक, बालक आदि।
स्त्रीलिंग की पहचान
- नदी - यमुना, कोसी, गोदावरी, गंगा, नर्मदा आदि।
- लिपि - देवनागरी, फारसी, रोमन, गुरुमुखी आदि।
- भाषा - हिंदी, उर्दू, तमिल, बंगाली, संस्कृत आदि।
- बोली - अवधी, अर्धमागधी, शौरसेनी, मागधी, राजस्थानी आदि।
- झील - डल, बैकाल, चिलका, सौरभ आदि।
- शरीर के अंग - छाती, कमर, आँख, नाक, पलक, जीभ, मुंह आदि।
- खाने के चीज - पूड़ी, सब्जी, रोटी, खीर, खींचडी आदि।
- सस्कृत का आकारांत वाले शब्द - दया, माया, क्षमा, कृपा, प्रतिमा आदि।
- संस्कृत उकारांत वाले शब्द - आयु, वस्तु, वायु, ऋतु, धातु आदि।
- संस्कृत इकारांत वाले शब्द - शक्ति, अग्नि, संधि, जाति, हानि, गति आदि।
लिंग परिवर्तन, पुल्लिंग और स्त्रीलिंग के उदाहरण
- रूपवान - रूपवती
- गुणवान - गुणवती
- आयुष्मान - आयुष्मति
- बुद्धिमान - बुद्धिमती
- श्रीमान - श्रीमती
- पुत्रवान - पुत्रवती
- धोबी - धोबिन
- लुहार - लुहारिन
- दर्जी - दर्जिन
- पड़ोसी - पड़ोसिन
- माली - मालिन
- नाग - नागिन
- सुनार - सुनारीन
- ग्वाल - ग्वालिन
- नायक - नायिका
- लेखक - लेखिका
- अध्यापक - अध्यापिका
- शिक्षक - शिक्षिका
- पाठक - पाठिका
- सेवक - सेविका
- बालक - बालिका
- गायक - गायिका
- सरदार - सरदारनी
- शेर - शेरनी
- हंस - हंसनी
- ऊँट - ऊँटनी
- मोर - मोरनी
- सिंह - सिंहनी
- ★संज्ञा के जिस रूप से उसके पुरुष अथवा स्त्री जाति का बोध होता है, उसे लिंग कहते हैं।
- ★ लिंग के दो भेद होते हैं- 1. पुल्लिंग 2. स्त्रीलिंग
- ★ कुछ पुल्लिंग शब्दों के अंत में प्रत्यय जोड़कर स्त्रीलिंग शब्द बनाए जाते हैं।
- ★ पर्वतों, समुद्र, देश, पेड़, अनाज, वार, रत्न, द्रव, समय, धातु आदि के नाम सदैव पुल्लिंग होते हैं।
- ★ झील, नदी, बोली,भाषा, लिपि, खाने की कुछ चीजें तथा शरीर के कुछ अंग सदैव स्त्रीलिंग होते हैं।
Hindi grammar Question
- स्त्रीलिंग और पुल्लिंग में क्या अंतर है?
- कोई दो शब्द बताओ जिनका लिंग निर्णय हम वाक्य प्रयोग के आधार पर करते हैं।
- शरीर के कौन-से अंग प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं? बताओ।
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए -
- लिंग किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट करो।
- लिंग के कितने भेद हैं।
- संज्ञा के जिस रूप से उसके पुरुष या स्त्री जाति का बोध हो, उसे---------कहते हैं।
- पुरुष जाति का बोध कराने वाले शब्दों को---------कहते हैं।
- मछली, तितली, कोयल, मैना, मक्खी, गिलहरी आदि शब्द सदैव--------होते हैं।
- कुछ पुल्लिंग शब्दों के अंत में-------जोड़कर स्त्रीलिंग शब्द बनाए जाते हैं।
- लिंग के दो भेद होते हैं।
- स्त्री जाति का बोध कराने वाले शब्दों को स्त्रीलिंग कहते हैं।
- जो शब्द न पुल्लिंग होते हैं और न स्त्रीलिंग, उनका लिंग निर्धारण वाक्य में प्रयोग के आधार पर किया जाता है।
- जो शब्द सदैव स्त्रिलिंग में ही प्रयुक्त होते हैं, उन्हें नित्य पुल्लिंग कहते हैं।
- भारत -
- फारसी -
- आचार्य -
- हिंदी -
- जेठ -
- रोटी -
- यमुना -
- पानी -
- प्रत्यय
- लिंग
- उपसर्ग
- स्त्रीलिंग
- पुल्लिंग
- उपर्युक्त सभी
- पुल्लिंग
- स्त्रीलिंग
- उपर्युक्त दोनों में से कोई नहीं
- सदैव स्त्रीलिंग
- नित्य पुल्लिंग
- स्त्रीलिंग
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