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वाच्य किसे कहते हैं - वाच्य के भेद

 17.  वाच्य : Voice

आपका स्वागत है मेरे ब्लॉग में जिसमें हम आपसे बात करते हैं। पढ़ाई लिखाई के बारे में पिछले पोस्ट में हमने आपके साथ साझा किया था। काल TENSE को जिसमें हमने इसके बारे में अच्छी तरह से जाना था प्रकार और उदाहरण के माध्यम से। 

वाच्य किसे कहते हैं

क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि क्रिया का मुख्य विषय कर्ता है, कर्म है या भाव, उस रूपांतरण को वाच्य कहते हैं। जैसे कि यहां पर कुछ वाक्य दिए गए हैं इन्हें पढ़कर हम समझ सकते हैं कि वाच्य क्या है?

उदाहरण 

  1. खिलावन पुस्तक पढ़ता है। (क्रिया - कर्ता के अनुसार)
  2. मालती के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है। (क्रिया - कर्म के अनुसार) 
  3. संदीप पढ़ता है (क्रिया - भाव के अनुसार) 

उपरोक्त वाक्यों में पहले वाक्य में क्रिया के व्यापार का मुख्य विषय कर्ता खिलावन और दूसरे वाक्य में क्रिया के व्यापार का मुख्य विषय कर्म (पुस्तक) है, जबकि तीसरे वाक्य में क्रिया के व्यापार का मुख्य विषय (पढ़ना) है। 

वाच्य के भेद

वाच्य के तीन भेद होते हैं जो कि इस प्रकार हैं -

  1. कर्तृवाच्य वाच्य 
  2. कर्मवाच्य 
  3. भाववाच्य 

1. कर्तृवाच्य - जब क्रिया के व्यापार का मुख्य विषय कर्ता हो, उन वाक्यों को कर्तृवाच्य कहते हैं; जैसे कि - 

  1. खिलावन क्रिकेट खेलता है। 
  2. रामु विद्यालय जाता है। 

कर्तृवाच्य में अकर्मक तथा सकर्मक दोनों प्रकार की क्रियाएं होती हैं; जैसे -

सकर्मक अकर्मक क्रिया को इन उदाहरणों के माध्यम से समझे जैसे कि हमारा उदाहरण है -

सकर्मक -

  1. खिलावन पुस्तक पढ़ रहा है। 
  2. राहुल ने पत्र लिखा। 
  3. रमेश ने कहानी पढ़ी। 

अकर्मक

  1. खिलावन भीतर सो रहा है। 
  2. सभी विद्यार्थी चिल्ला रहे हैं। 
  3. सोहन गाता है। 

कर्मवाच्य को इस प्रकार से समझा जा सकता है -

2. कर्मवाच्य - ऐसे वाक्य जिनमें कर्ता प्रधान न होकर कर्म प्रधान होता है और क्रिया का लिंग और वचन कर्म के अनुसार होता है, उसे कर्मवाच्य कहते हैं। 

कर्मवाच्य के वाक्यों की क्रिया सदा सकर्मक होती है; जैसे -

जैसे कि - 

  1. दादी के द्वारा कहानी सुनाई जाती है। 
  2. श्यामा द्वारा कहानी पढ़ी जाती है। 

कर्मवाच्य में केवल सकर्मक क्रियाओं का ही प्रयोग किया जाता है क्योंकि अकर्मक क्रियाओं में कर्म होता ही नहीं है। 

3. भाववाच्य - क्रिया के जिस रुप से यह बोध हो कि वाक्य का उद्देश्य कर्ता या कर्म नहीं है; बल्कि क्रिया के भाव की ही प्रधानता है, उसे भाववाच्य कहते हैं। 

भाववाच्य में क्रिया सदैव एकवचन, पुल्लिंग, अकर्मक तथा अन्य पुरुष में रहती है; जैसे कि इन उदाहरणों के माध्यम से देखें -

  1. मुझसे अब सहा नहीं जाता। 
  2. सर्दी में बाहर निकला नहीं जाता। 

वाच्य परिवर्तन के नियम

 इन नियमों के माध्यम से हम कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य और भाववाच्य बना सकते हैं, जो इस प्रकार है; जैसे -

(क) कर्ता के साथ लगी विभक्तियों को हटाकर कर्ता के साथ 'से' या 'के' द्वारा जोड़ दिया जाता है। 

(ख) क्रिया को सामान्य भूतकाल में बदल दिया जाता है। फिर उस परिवर्तित क्रिया का काल, पुरुष, वचन और लिंग के अनुसार बने रूप को जोड़कर, साधारण क्रिया में परिवर्तित किया जाता है। 

कर्तृवाच्य कर्मवाच्य 

1. लड़की खाना खा रही थी। 1. लड़की द्वारा खाना खाया जा रहा था। 

2. चित्रकार चित्र बनाता है। 2. चित्रकार द्वारा चित्र बनाया जाता है। 

कर्तृवाच्य भाववाच्य 

1. अरुण से हँसता है। 1. अरुण से हँसा जाता है। 

2. मेघा नहीं भाग सकती। 2. मेघा से भागा नहीं जाता। 

महत्वपूर्ण बिंदु 

  • क्रिया के जिस रुप से यह पता चले कि वह वाक्य में कर्ता, कर्म और भाव में किसके अनुसार प्रयुक्त है, उसे वाच्य कहते हैं। 
  • वाच्य के तीन भेद होते हैं - 1. कर्तृवाच्य 2. कर्मवाच्य 3. भाववाच्य 
  • कर्तृवाच्य में क्रिया कर्ता के अनुसार होती है। 
  • कर्मवाच्य में क्रिया कर्म के अनुसार होती है। 

वाच्य से संबंधित प्रश्न

(क) भाववाच्य में क्रिया अकर्मक होती है या सकर्मक?

उत्तर- अकर्मक। 

(ख) अकर्मक तथा सकर्मक क्रिया का प्रयोग किस वाच्य में होता है? 

उत्तर- अकर्मक तथा सकर्मक क्रिया का प्रयोग कर्तृवाच्य में होता है। 

(ग) कर्मवाच्य में किसकी प्रधानता होती है? 

उत्तर- कर्म की प्रधानता होती है। 

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए - 

(क) वाच्य किसे कहते हैं? 

उत्तर - क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि क्रिया का मुख्य विषय कर्ता है, कर्म है या भाव, उस रूपांतरण को वाच्य कहते हैं।

(ख) वाक्य के कितने भेद हैं?

उत्तर - वाक्य के तीन भेद हैं- 

कर्तृवाच्य 

कर्मवाच्य 

भाववाच्य 

(ग) कर्तृवाच्य में क्रिया के किस भेद का प्रयोग हो सकता है?

उत्तर - कर्तृवाच्य में क्रिया के सकर्मक और अकर्मक भेदों का प्रयोग हो सकता है। 

2. बक्से में दिए गए शब्दों से रिक्त स्थान भरिए। 

भाववाच्य वाच्य कर्तृवाच्य कर्मवाच्य 

  1. क्रिया के जिस रुप से यह जाना ज्यादा जाए कि वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय कर्ता, कर्म या भाव है, उसे ---वाच्य--- कहते हैं। 
  2. जिस वाक्य में मुख्य विषय कर्ता होता है, वह ---कर्तृवाच्य--- कहलाता है। 
  3. जिस वाक्य में मुख्य विषय कर्म रहता है, वह ---कर्मवाच्य--- कहलाता है। 
  4. जिन वाक्यों में भाव की ही प्रधानता रहती है, कर्ता या कर्म कि नहीं, उसे ---भाववाच्य--- कहते हैं। 

(3.) सही कथन पर सही का चिन्ह या गलत का चिन्ह लगाइए -

(क) वाच्य के तीन भेद होते हैं। 

उत्तर - सहीं। 

(ख) कर्मवाच्य के वाक्यों की क्रिया सदा सकर्मक होती है।

उत्तर - गलत।  

(ग) क्रिया के जिस रुप से यह बोध हो कि वाक्य का उद्देश्य कर्ता या कर्म नहीं है, बल्कि क्रिया भाव की ही प्रधानता है, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं। 

उत्तर - गलत। 

(घ) भाववाच्य में क्रिया सदैव बहुवचन के रूप में रहती है।

उत्तर - गलत। 

(ङ) कर्ता के साथ लगी विभक्तियों को हटाकर कर्ता के साथ 'से' या 'के' द्वारा जोड़कर कर्तृवाच्य को कर्मवाच्य मैं बदला जाता है। 

उत्तर - सही। 

 4. निम्नलिखित वाक्य में वाच्य भेद छांट कर लिखिए

(क) नूपुर गा नहीं सकती

उत्तर- भावाच्य। 

(ख) प्रधानमंत्री द्वारा फैसला किया गया। 

उत्तर- कर्मवाच्य। 

(ग) जायसी ने पद्मावत की रचना की। 

उत्तर- कर्तृवाच्य। 

(घ) झूठी शान के लिए लोग कर्ज लेकर ब्याह-शादी पर खर्च करते हैं। 

उत्तर - भाववाच्य। 

(ङ) चित्रकार चित्र बनाता है।

उत्तर - कर्मवाच्य।  

(च) मां द्वारा खाना बनाया गया।

उत्तर - कर्मवाच्य। 

(छ) मुझसे अब पढ़ा नहीं जाता। 

उत्तर - भाववाच्य। 

 5. सही विकल्प पर सही का चिन्ह लगाइए

1. वाक्य के कितने भेद होते हैं। 

  1. दो 
  2. तीन 
  3. चार 

उत्तर - 2. तीन। 

2. जब क्रिया के व्यापार का मुख्य विषय कर्ता हो, उन वाक्यों में कौन-सा वाच्य होता है?

  1. भाववाच्य। 
  2. कर्तृवाच्य। 
  3. कर्मवाच्य। 

उत्तर - कर्तृवाच्य। 

3. ऐसे वाक्य जिनमें कर्ता प्रधान न होकर कर्म प्रधान होता है, उन वाक्यों में कौन-सा वाच्य होता है?

  1. कर्तृवाच्य। 
  2. कर्मवाच्य। 
  3. भाववाच्य। 

उत्तर - 2. कर्मवाच्य।  

4. क्रिया के जिस रुप से यह बोध होता है कि वाक्य का उद्देश्य कर्ता या कर्म नहीं है बल्कि क्रिया के भाव की ही प्रधानता है, उन वाक्यों में कौन सा वाच्य होता है। 

  1. कर्मवाच्य। 
  2. भाववाच्य। 
  3. कर्तृवाच्य। 

उत्तर - भावाच्य 

5. कर्तृवाच्य में कितनी क्रियाएं होती हैं। 

  1. तीन। 
  2. दो। 
  3. पाँच। 

उत्तर - 2. दो। 

 (6.) निम्नलिखित वाक्यों के वाच्य निर्देशानुसार लिखिए - 

(क) सुमन के द्वारा कविता सुनाई जाती है। (कर्तृवाच्य)

उत्तर - सुमन कविता सुनाती है। 

(ख) मैं दौड़ नहीं सकता। (कर्मवाच्य)

उत्तर - मैं दौड़ नहीं सकता हूँ। 

(ग) आचार्य ने विद्यार्थियों को पढ़ाया। (कर्मवाच्य)

उत्तर - आचार्य के द्वारा िद्यार्थियों को पढ़ाया गया। 

(घ) मोहिनी किताब पढ़ती है। (भाववाच्य)

उत्तर- मोहिनी किताब से पढ़ती है। 

(ङ) भारत द्वारा नया उपग्रह छोड़ा गया। (कर्तृवाच्य)

उत्तर - भारत ने नया उपग्रह छोड़ा। 

(च) तुम फूल तोड़ोगे। (कर्मवाच्य)

उत्तर - तुम्हारे द्वारा फूल तोड़ा जाता है। 

(छ) बच्चे से बोला नहीं जाता। (भाववाच्य)

उत्तर- बच्चे। 

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अन्य महत्वपूर्ण टॉपिक जो की आपके लिए उपयोगी हैं - 

1. भाषा-बोली, लिपि और व्याकरण Language-Dialect, Script and Grammar

2. वर्ण विचार : Phonology

3. संधि : Joining

4.  शब्द-विचार: Morphology

5. उपसर्ग : Prefix

6.  प्रत्यय : Suffix

7. समास : Compound

रचनात्मक मूल्यांकन-1

8. शब्द-भंडार : Vocabulary

9. संज्ञा : Noun 

10. लिंग : Gender 

11. वचन : Number 

12. कारक : Case 

13. सर्वनाम : Pronoun 

14. विशेषण : Adjective 

रचनात्मक मूल्यांकन-2 

योगात्मक मूल्यांकन-1 

15. क्रिया : Verb 

16. काल : Tense 

17. वाच्य : Voice 

18. वाक्य विचार : Syntax 

19. विराम-चिन्ह : Punctuation Marks 

रचनात्मक मूल्यांकन-3 

20. मुहावरे और लोकोक्तियाँ : Idioms and Proverbs 

21. अनुच्छेद लेखन : Paragraph-Writing 

22. पत्र-लेखन : Letter-Writing 

23. निबंध-लेखन : Essay-Writing 

24. अपठित गद्यांश : Unseen Passage

रचनात्मक मूल्यांकन-4 

योगात्मक मूल्यांकन-2 

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