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Showing posts from December, 2022

हिन्दी रेखाचित्र एवं संस्मरण क्या है | sansmaran aur rekhachitra in hindi

नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग में पिछले पोस्ट में हमने जाना था हिंदी साहित्य में आत्मकथा क्या है और यह हमने लिया था छिंदवाडा यूनिवर्सिटी के सिलेबस से यह चतुर्थ सेमेस्टर के तृतीय प्रश्न पत्र से लिया गया है अभी हम इसी पर काम कर रहें है यदि आप नयें हैं तो प्लीज ब्लॉग को सबस्क्राइब कर लें ताकि ऐसे ही पोस्ट आपतक पहुंचता रहे सबसे पहले।  चलिए आज का हमारा यह टॉपिक शुरू करते हैं जिसमें हम जानेंगे रेखाचित्र एवं संस्मरण के बारे में हिंदी साहित्य में यह कैसे और किस प्रकार आया साथ ही इनमें जो प्रमुख अंतर है उसके बारे में भी यहाँ पर बताया गया है।  सबसे महत्वपूर्ण यहाँ पर रेखाचित्र और संस्मरण में क्या अंतर है क्या भेद है उसको समझना ही ज्यादा जरूरी है क्योंकि इन दोनों में बहुत ही बारीक पतली सी रेखा होती है अंतर कहें तो नहीं के बराबर होता है कई लेखकों ने यह काहा भी है जिसे आप आगे पढ़ेंगे भी अब चलिए शुरू करते हैं - sansmaran aur rekhachitra in hindi हिन्दी रेखाचित्र एवं संस्मरण रेखाचित्र अंग्रेजी के 'स्केच' शब्द का अनुवाद है। जिस प्रकार चित्रकला में बिना रंगों का प्रयोग किए हुए...

आत्मकथा क्या है ? | Aatmakatha kya hai?

यदि आप हमारे ब्लॉग में पहली बार आये हैं तो प्लीज इसे सबस्क्राइब कर लें ताकि हिंदी साहित्य से जुड़ी हुई जानकारियाँ आपतक सीधे मेल के माध्यम से सबसे पहले पहुंच सके. चलिए अब शुरू करते हैं आज का हमारा टॉपिक आत्मकथा क्या है? पिछले पोस्ट में हमने जाना था जीवनी के बारे में की हिंदी साहित्य में जीवनी क्या है? यह हमारा नया सीरिज चल रहा है जो की छिंदवाडा यूनिवर्सिटी के चौथे सेमेस्टर के सिलेबस से  लिया गया है. आत्मकथा हिंदी में  आत्मकथा आत्मकथा का अर्थ – आत्मकथा का अर्थ है अपनी आत्म की कथा अर्थात अपनी कथा . जब कोई महान व्यक्ति अपने जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का श्रृंखलाबद्ध विवरण स्वयं लिखता है, तब उसे ‘आत्मकथा’ कहा जाता है | आत्मकथा में लेखक को निरपेक्ष एवं तटस्थ रहना चाहिए | हिंदी में लिखित कुछ आत्मकथाएं इस प्रकार हैं : क्रम आत्म कथा लेखक कृतियों के नाम 1. बनारसीदास जैन अर्द्ध कथानक-हिंदी की पहली आत्मकथा 2. भारतेन्दु बाबू हरिश्चन्द्र कुछ आप बीती कुछ जग बीती ( अपूर्ण ) 3. अम्बिकादत्त व्यास निज वृत्तान्त 4. स्वामी श्रद्धानन्द कल्याण पथ का पथिक 5. भाई परमानन्द आप बीती 6. जव...

जीक्नी क्या है? | Jiwani Kya Hai

नमस्कार आपका स्वागत है  Question Field Hindi Blog    में अभी हम छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी चतुर्थ सेमेस्टर के सिलेबस पर काम रहे थे तो पिछले पोस्ट में हमने देखा था निबंध के बारे में आज हम जीक्नी पर थोड़ी सी चर्चा करेंगे - जीवनी क्या है? यह हमारा प्रमुख प्रश्न है चलिए शुरू करते हैं - जीवनी हिंदी साहित्य की  विधा  जीवनी  किसी महान व्यक्ति के जीवन का सम्पूर्ण विवरण क्रमबद्ध रूप में महत्वपूर्ण घटनाओं के माध्यम से जब कोई अन्य लेखक प्रस्तुत करता है तो उस साहित्यिक रचना को जीवनी कहा जाता है।  जबकि आत्मकथा स्वयं लिखी जाती है, जीवनी किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा लिखी जाती है। हिंदी में लिखी गई कुछ महत्वपूर्ण जीवनियां इस प्रकार हैं : क्रम जीवनी लेखक कृति का नाम 1. भारतेन्दु बाबू हरिश्चंद्र बादशाह दर्पण, पंच पवित्रात्मा, चरितावली 2. रामविलास शर्मा निराला की साहित्य साधना, तीन खण्डों में प्रकाशित निराला की जीवनी) 3. अमृतराय कलम का सिपाही (प्रमचंद की जीवनी) 4. शान्ति जोशी पन्त की जीवनी 5. विष्णु प्रभाकर आवारा मसीहा (बंगला भाषा के प्रसिद्ध उपन्यासकार शरतचंद्र की ज...

What is letter writing with reference and how to write?

Have you ever written a letter for someone, have you wished that you write a letter for his job and if you get a job, then today we are going to know about this. Hello friends, I am Khilwan and you are reading QUESTION FIELD HINDI blog in which today I am going to tell about the letter written in English which is called reference letter. Through this post you can know how to write letter with reference. Reference in Hindi means to help someone, so here we are going to know how the reference is given. And why is given, as well as how can we write this letter, how can we add context to it, you must be knowing all this at the end of the letter so let's start. What is a reference letter? Look man, if we talk about the reference letter, then it is like helping people. When writing a letter for another person or for his relative so that he can get a job or get a job somewhere. To recommend it is to write a reference letter. In which along with your name, his works are also mentioned. Th...

अंतर्राष्ट्रीय मिट्टी दिवस International mud day by khilawan

Hello and welcome my dear friends आज है अंतर्राष्ट्रीय मिटटी दिवस आज हम बात करने वाले हैं इसी दिन के बारे में क्या है ख़ास बात और क्या है इस दिन से जुडी रोचक जानकारियां आइये जानते हैं इस पोस्ट में तो चलिए शुरू करते हैं...  International Mud Day (अंतर्राष्ट्रीय मिट्टी दिवस) प्रत्येक वर्ष 29 जून को मनाया जाता है। यह दिन सभी को अपने काम और पढ़ाई से समय निकालने के लिए प्रोत्साहित करता है और इसके बजाय मिट्टी पर लेटकर या उसके साथ खेलकर अपना समय पृथ्वी के साथ एक होने को प्रेरित करता है। अंतर्राष्ट्रीय मिट्टी दिवस के बारे में  (About the international mud day) अंतरराष्ट्रीय मिट्टी दिवस के दौरान, लोग विभिन्न प्रकार की Activity करते हैं जिससे उन्हें इस दिन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद मिलती है। लोग मिट्टी पर लेटकर और मिट्टी पर इमारतें (घरौंदे) बनाने का आनंद लेते हैं। माता-पिता अपना समय अपने बच्चों के साथ बिताते हैं जो मिट्टी पर खेलना पसंद करते हैं। लोग इस समय को धरती के साथ एक होने का अवसर भी मानते हैं। ऐसा करने के लिए कीचड़ से बांधना एक अच्छा तरीका है। Earth, Seed Grow on ...

छत्तीसगढ़ में कौन कौन से खनिज पाए जाते हैं?

1. छत्तीसगढ़ में कौन कौन से खनिज पाए जाते हैं? उत्तर -छत्तीसगढ़ में प्रमुख रूप से पाए जाने वाले खनिजों के नाम इस प्रकार हैं - cg khanij lis hindi me चूना पत्थर (lime stone) डोलोमाइट (Dolomite) अभ्रक (mica) हीरा (daimond) कोयला लौह अयस्क मैगनीज (Maganese) कोरण्डम (Korandam)  सोना (Gold) आदि. भाई भाई इसे क्यों छोड़ रहा और पढ़ ले - Related Post छत्तीसगढ़ में कितने विश्वविद्यालय है? - How many universities are there in Chhattisgarh? छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियाँ - Major Rivers of Chhattisgarh  छत्तीसगढ़ का कुल क्षेत्रफल कितना है - total area of chhattisgarh काकतीय वंश छत्तीसगढ़ - बस्तर राजवंश का इतिहास छत्तीसगढ़ में प्राप्त प्रमुख खनिज - Major minerals obtained in Chhattisgarh छत्तीसगढ़ में प्राप्त प्रमुख खनिज - Major minerals obtained in Chhattisgarh छत्तीसगढ़ मे खनिज संसाधन - Mineral Resources in Chhattisgarh छत्तीसगढ़ के बारे में रोचक बातें - Interesting facts about Chhattisgarh  महासमुंद शासकीय महाविद्यालय - Govt. College Mahaprabhu Vallabhacharya Mahasamund छत्तीसढ़ के राष्ट्रीय उद...

छिंदवाडा यूनिवर्सिटी एम. ए. (हिंदी) सेमेस्टर पद्धति चतुर्थ सेमेस्टर सत्र - 2020-21

 छिंदवाडा यूनिवर्सिटी एम. ए. ( हिन्दी )  चतुर्थ सेमेस्टर सत्र - 2020-21 निर्धारित पाठ्यक्रम           पूर्णाक 40  इकाई 1.  हिंदी गद्य विधाओं का स्वरूप एवं प्रवृत्तियाँ - निबंध , जीवनी , आत्मकथा , संस्मरण , यात्रा वृत्तांत, रिपोतार्ज , डायरी एवं फीचर लेख ।  इकाई 2. आचार्य रामचंद्र शुक्ल - चिंतामणि - कविता क्या है, श्रद्धा और भक्ति, क्रोध एवं आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी - कल्पलता - अशोक के फूल, कुटज।  इकाई 3. मुक्तिबोध - एक साहित्यिक की डायरी अज्ञेय - अरे यायावर रहेगा याद, हरिवंश राय बच्चन - क्या भूलूँ क्या याद करूं।  इकाई 4. हरिशंकर परसाई - प्रतिनिधि व्यंग्य - विकलांग श्रद्धा का दौर, भोलाराम का जीव, एक दीक्षांत भाषण।  इकाई 5. महादेवी वर्मा - पथ के साथी - रवीन्द्रनाथ टैगोर, मैथिलीशरण गुप्त,  सुभद्राकुमारी चौहान, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला।  वस्तुनिष्ठ प्रश्न 5 * 1 = 5  लघुउत्तरीय प्रश्न 5 * 2 = 10  दीर्घउत्तरीय प्रश्न  व्याख्यांश  2 * 5 = 10  समीक्षात्मक प्रश्न  3 * 5 = 15  ट...

हिंदी निबन्ध का विकास क्रम कैसा रहा और किस तरीके से हिंदी निबंध की शुरुआत हुई जाने विस्तार से

हिंदी साहित्य में हिंदी निबंध अपना एक अलग ही पहचान रखतीं हैं निबंध लेखन भी एक कला है हिंदी निबंध की शुरुआत भारतेंदु युग से माना जाता यह पोस्ट हिंदी निबंध के विकासक्रम से ही सम्बंधित है इस पोस्ट में हम डिटेल में जानेंगे कि हिंदी निबंध का विकास किस प्रकार हुआ। हिंदी निबंध के विकास क्रम को समझने के लिए विभिन्न काल में बांटा गया है हिंदी निबंध का टेबल ऑफ सीक्वेंस दिया गया है जिनका उपयोग कर आप सीधे उस काल में जा सकते हैं आप जिस भी निबंध काल के बारे में जानना चाहते हैं। हिंदी निबंध का विकास क्रम परिचय भारतेंदु युग (1873 - 1903 ई.) द्वेदी युग (1903 - 1920 ई.) शुक्ल युग (1920 - 1940 ई.) शुक्लोत्तर युग (1940 ई. से अब तक) हिंदी निबन्ध का विकासक्रम      निबन्ध उस गद्य रचना को कहते है, जिसमें लेखक किसी विषय पर अपने विचारों को स्वच्छंद रूप में इस प्रकार व्यक्त करता है कि सारी रचना एक सूत्र मे बंधी हुई प्रतीत होती है।     हिन्दी की अन्य गद्य विधाओं के समान हिन्दी निबन्ध का विकास भी भारतेन्दु युग से प्रारम्भ हुआ। इस क...