Skip to main content

Posts

Showing posts from February, 2021

किस सन में इलियट ने अपने विषय में स्पष्ट लिखा है?

1. किस सन में इलियट ने अपने विषय में स्पष्ट लिखा है? उत्तर - सन 1928 में इलियट ने अपने विषय में स्पष्ट लिखा है।  Kis san me Eliet ne apne vishay me spast likha hai? San 1928 me.

मैथ्यू ऑर्नाल्ड के अनुसार साहित्य में कितने प्रकार की प्रतिभा होती है?

1. मैथ्यू ऑर्नाल्ड के अनुसार साहित्य में कितने प्रकार की प्रतिभा होती है? उत्तर - मैथ्यू ऑर्नाल्ड के अनुसार साहित्य मे दो प्रकार की प्रतिभा होती है ।   Maithyu arnold ke anusar sahitya me kitne prakar ki pratibha hoti hai? Do (2) prakar ki.

मैथ्यू आर्नोल्ड के अनुसार आलोचक का क्या कर्तव्य है?

1. मैथ्यू आर्नोल्ड के अनुसार आलोचक का क्या कर्तव्य है? उत्तर - मैथ्यू आर्नोल्ड के अनुसार आलोचक का कर्तव्य है - काव्य-दोषों का विरोध करना है ।   Maithyu arnold ke anusar aalochak ka kya kartvya hai? Kavya-dosho ka virodh karna hai.

मैथ्यू आर्नोल्ड की दृष्टि में साहित्य क्या है?

1. मैथ्यू आर्नोल्ड की दृष्टि में साहित्य क्या है? उत्तर - मैथ्यू आर्नोल्ड की दृष्टि में साहित्य जीवन की आलोचना है ।   Maithyu arnold ki drishti me sahitya kya hai? Jivan ki aalochana hai.

टी. एस. इलियट ने मैथ्यू ऑर्नॉल्ड को आलोचक की अपेक्षा क्या माना है?

1. टी. एस. इलियट ने मैथ्यू ऑर्नॉल्ड को आलोचक की अपेक्षा क्या माना है? उत्तर - टी. एस. इलियट ने मैथ्यू ऑर्नॉल्ड को आलोचक की अपेक्षा नाटककार माना है।   T. S. Eliet ne maithyu arnold ko aalochak ki apeksha kya mana hai? Natakar mana hai.

मैथ्यू आर्नोल्ड के अनुसार आलोचक में कितने गुण होने चाहिए?

1. मैथ्यू आर्नोल्ड के अनुसार आलोचक में कितने गुण होने चाहिए? उत्तर - मैथ्यू आर्नोल्ड के अनुसार आलोचक में तीन गुण होने चाहिए ।   Maithyu arnold ke anusar aalochak me kitne gun hone chahiye? Teen gun hone chahiye.

मैथ्यू अर्नोल्ड ने अपना साहित्यिक जीवन किस रूप में प्रस्तुत किया?

1. मैथ्यू अर्नोल्ड ने अपना साहित्यिक जीवन किस रूप में प्रस्तुत किया? उत्तर - मैथ्यू अर्नोल्ड ने अपना साहित्यिक जीवन कवि के रूप में प्रस्तुत किया ?  Maithyu arnold ne apna sahityik jivan kis roop me prastut kiya? Kavi ke rup me prastut kiya.

मैथ्यू आर्नोल्ड को क्या माना जाता है?

1. मैथ्यू आर्नोल्ड को क्या माना जाता है? उत्तर - मैथ्यू अरनॉल्ड को अंग्रेजी साहित्य आलोचक माना जाता है।    Maithyu arnold ko kya mana jata hai? Angreji sahitya ka alochak mana jata hai.

'मनोविश्लेषणवाद मानव-मन का विश्लेषण करने की एक मनोवैज्ञानिक पद्धति है' किसका कथन है?

1. 'मनोविश्लेषणवाद मानव-मन का विश्लेषण करने की एक मनोवैज्ञानिक पद्धति है' किसका कथन है? उत्तर - 'मनोविश्लेषणवाद मानव-मन का विश्लेषण करने की एक मनोवैज्ञानिक पद्धति है' यह कथन सिग्मंड फ्रायड का है।   'Manovishleshanvad manav-man ka vishleshan karne ki ek manovaigyanik paddhati hai' kiska kathan hai? Sigmand frayad ka.

औचित्य सम्प्रदाय के प्रतिपादक आचार्य कौन हैं?

1. औचित्य सम्प्रदाय के प्रतिपादक आचार्य कौन हैं? उत्तर - औचित्य सम्प्रदाय के प्रतिपादक आचार्य क्षेमेन्द्र हैं ।   Auchitya samprday ke pratipadak acharya kaun hai? Acharya kshemendra hai.

'Tradition and individual Talent' किस पाश्चात्य समीक्षक की रचना है?

1. 'Tradition and individual Talent' किस पाश्चात्य समीक्षक की रचना है?  उत्तर - 'Tradition and individual Talent' टी. एस. ईलियट की रचना है। 'Tradition and individual Talent' kis Pashachatya samikshak ki rachna hai? T. S. Eliet ki.

विलियम वर्ड्सवर्थ का स्वर किसके लिए विद्रोही है?

1. विलियम वर्ड्सवर्थ का स्वर किसके लिए विद्रोही है? उत्तर - विलियम वर्ड्सवर्थ का स्वर कृत्रिम भाषा के लिए विद्रोही है।  Viliyam wordsworth ka swar kiske liye vidrohi hai? Kritrim bhasha ke liye.

प्लेटो ने श्रेष्ठ काव्य के कितने गुण माने हैं?

1. प्लेटो ने श्रेष्ठ काव्य के कितने गुण माने हैं? उत्तर - प्लेटो ने श्रेष्ठ काव्य के छः गुण माने हैं जो कि इस प्रकार है - सरलता, विषय, कल्पना विरोध, भावुकता विरोध, शक्ति, शिव।  Pleto ne shreshth kavya ke kitne gun mane hai? Chhah gun - sarlta, vishay, kalpna virodh, bhavookta virodh, shakti shiv.

अरस्तु ने अनुकरण के कितने विषय माने हैं?

1. अरस्तु ने अनुकरण के कितने विषय माने हैं? उत्तर - अरस्तु ने अनुकरण के तीन विषय माने हैं - प्रकृति, इतिहास और मानव ।   Arastu ne anukaran ke kitne vishay mane hai? Teen vishay mane hai - Prakriti, itihas aur manav.

'वाक्यं रसात्मकं काव्यम' काव्य लक्षण किस आचार्य का है?

1. 'वाक्यं रसात्मकं काव्यम' काव्य लक्षण किस आचार्य का है? उत्तर - 'वाक्यं रसात्मकं काव्यम' काव्य लक्षण साहित्य दर्पण के रचियता आचार्य विश्वनाथ का है ।  यह प्रश्न ऐसे भी पूछे जा सकते हैं! 2. वाक्यं रसात्मकं काव्यम' किस आचार्य का कथन है? उत्तर - 'वाक्यं रसात्मकं काव्यम' आच्चार्य विश्वनाथ का कथन है।  3. 'वाक्यं रसात्मकं काव्यम' किस आचार्य की उक्ति है? उत्तर - 'वाक्यं रसात्मकं काव्यम' आचार्य विश्वनाथ की उक्ति है।  4. 'वाक्यं रसात्मकं काव्यम' उक्ति का संबंध किस आचार्य से है? उत्तर - वाक्म रसात्मकं काव्यम उक्ति का संबंध राजशेखर से है।  5. 'वाक्यं रसात्मकम् काव्यं' किसने कहा है ? उत्तर - 'वाक्यं रसात्मकम् काव्यं' आच्चार्य विश्वनाथ ने कहा है।   'Vakyam rasatmakam kavyam' kavya lakshan kis aacharya ka hai? Acharya vishvanath ka.

पर्याय वक्रता क्या है?

1. पर्याय वक्रता क्या है? उत्तर - पर्याय वक्रता पद पूर्वार्द्घ वक्रता का एक उपभेद है। जब कवि किसी शब्द का इस प्रकार प्रयोग करें कि उस शब्द से ध्वनित होने वाला अर्थ उसके पर्याय से संभव न हो तब वहाँ पर्याय वक्रता होती है।  Paryay vakrata kya hai? Paryay vakrata pad puravardh vakrta ka ek upbhed hai. jab kavi kisi shabd ka es prkar pryog kare ki us shabd se dhvanit hone vala arth uske paryay se sambhav na ho tab vahan paryay vakrata hoti hai.

लोंजाइनस ने आवेग के कितने रूप बताये हैं?

1. लोंजाइनस ने आवेग के कितने रूप बताये हैं? उत्तर - लोंजाइनस ने आवेग के दो रूप बताये हैं - भव्य (सुखात्मक) आवेग और दुःखात्मक आवेग ।   Lonjainas ne aaveg ke kitne roop bataye hai? Do roop - Bhavya (Sukhatamak) aur Dukhatmak Aaveg .

'टी. एस. ईलियट ने प्रज्ञा के कितने रूप बताये हैं?

1. 'टी. एस. ईलियट ने प्रज्ञा के कितने रूप बताये हैं? उत्तर - 'टी. एस. ईलियट ने प्रज्ञा के दो (2) रूप बताये हैं।   'T. S. Eliat ne pragya ke kitne roop mane hai? Do roop.

'फिलॉसफी ऑफ द स्पिरिट' नामक ग्रंथ किस पाश्चात्य काव्य मीमांसक का है?

1. 'फिलॉसफी ऑफ द स्पिरिट' नामक ग्रंथ किस पाश्चात्य काव्य मीमांसक का है? उत्तर - 'फिलॉसफी ऑफ द स्पिरिट' नामक ग्रंथ इटली के पाश्चात्य काव्य मीमांसक एवं दार्शनिक क्रोचे का है ।  Related Post 'फिलॉसफी ऑफ द स्पिरिट' नामक ग्रंथ किस पाश्चात्य काव्य मीमांसक का है? 'फिलॉसफी' मूलतः किस भाषा का शब्द है?  Philosophy of the Spirit naamak granth kis paschatya kavya mimansak ka hai? Kroche ka.

किस पाश्चात्य समीक्षक ने स्वच्छंदतावादियों को रुग्ण, विक्षिप्त और पागल तक कहा है?

1. किस पाश्चात्य समीक्षक ने स्वच्छंदतावादियों को रुग्ण, विक्षिप्त और पागल तक कहा है? उत्तर - पाश्चात्य समीक्षक मैथ्यू अर्नाल्ड ने स्वच्छंदतावादियों को रुग्ण, विक्षिप्त और पागल तक कहा है। Kis pashchatya samikshak ne svachandatavadiyon ko rugna, vikshipta aur pagal tak kaha hai? Maityu anrnold ne.

अस्तित्ववाद के प्रवर्तक का नाम बताइए।

1. अस्तित्ववाद के प्रवर्तक का नाम बताइए।  उत्तर - अस्तित्ववाद के प्रवर्तक डनिश विचारक सारन कीर्केगार्ड थे।   Astitvvad ke pravartak ka naam btaiye. Danish vicharak Saran keerkegard the.

अरस्तु के किस सिद्धांत की कलापरक, धर्मपरक नीतिपरक व्याख्या की गयी है?

1. अरस्तु के किस सिद्धांत की कलापरक, धर्मपरक नीतिपरक व्याख्या की गयी है? उत्तर - अरस्तु के ' विवेचन सिद्धांत ' की कलापरक, धर्मपरक नीतिपरक व्याख्या की गयी है। Arastu ke kis siddhant ki kalaparak, dharamparak ewm nitiparak vyakhya ki gayi hai? Vivechan siddhant.

'दि स्टेट्समैन' किस पाश्चात्य समीक्षक की कृति है?

1. 'दि स्टेट्समैन' किस पाश्चात्य समीक्षक की कृति है? उत्तर - 'दि स्टेट्समैन' पाश्चात्य समीक्षक प्लेटो की कृति है ।   'The statusman' kis pashchatya samikshak ki kriti hai? Pleto ki.

कल्पना, इमेजिनेशन, जीवंत शक्ति और ललित कल्पना में से कॉलरिज के अनुसार प्राथमिक कल्पना का कौन-सा नाम नहीं है?

1. कल्पना, इमेजिनेशन, जीवंत शक्ति और ललित कल्पना में से कॉलरिज के अनुसार प्राथमिक कल्पना का कौन-सा नाम नहीं है? उत्तर - कल्पना, इमेजिनेशन, जीवंत शक्ति और ललित कल्पना में से कॉलरिज के अनुसार प्राथमिक कल्पना का नाम ललित कल्पना नहीं है ।   Kalpna, Imagination, Jivant shakti aur lalit me se kolrij ke anusar prathmik kalpana ka kaun-sa nam nahi hai? Lalit kalpana.

जिसे कॉलरिज ने प्राथमिक कल्पना माना है, उसे डॉ. शांतिस्वरूप गुप्त ने क्या बताया है?

1. जिसे कॉलरिज ने प्राथमिक कल्पना माना है, उसे डॉ. शांतिस्वरूप गुप्त ने क्या बताया है? उत्तर - जिसे कॉलरिज ने प्राथमिक कल्पना माना है, उसे डॉ. शांतिस्वरूप गुप्त ने ब्रम्ह कल्पना बताया है।   Jise kolrij ne prathmik kalpna mana hai, use dr. shantiswarup gupt ne kya bataya hai? Bramh kalpna bataya hai.

कॉलरिज के अनुसार प्राथमिक कल्पना कैसा सिद्धांत है?

1. कॉलरिज के अनुसार प्राथमिक कल्पना कैसा सिद्धांत है? उत्तर -  कॉलरिज के अनुसार प्राथमिक कल्पना व्यवस्थापित सिद्धांत है ।  Colrij ke anusar prathmik kalpana kaisa siddhant hai? Kalpana vyavasthit siddhant hai.

डॉ. भगीरथ दीक्षित के अनुसार कल्पना की कितनी कोटियाँ होती हैं?

1. डॉ. भगीरथ दीक्षित के अनुसार कल्पना की कितनी कोटियाँ होती हैं? उत्तर - डॉ. भगीरथ दीक्षित के अनुसार कल्पना की दो कोटियाँ होती हैं ।   Dr. Bhagirath dikshit ke anusar kalpna ki kitni kotiyaa hoti hai? Do kotiyaa hoti hai.

ड्राइडन ने अमेजीनेशन और फैन्सी शब्दों को किस प्रकार का माना है?

1. ड्राइडन ने अमेजीनेशन और फैन्सी शब्दों को किस प्रकार का माना है? उत्तर - ड्राइडन ने अमेजीनेशन और फैन्सी शब्दों को पर्यायवाची शब्दों के प्रकार का माना है।    Dridon ne Imagination aur fancy shabdo ko kis prkar ka mana hai? Paryayvachi shabdo ke prakar ka mana hai.

कॉलरिज के अनुसार साहित्यकार अपनी किस शक्ति के आधार पर सर्वजन मनोहारिणी रचनाएँ प्रस्तुत करता है?

1. कॉलरिज के अनुसार साहित्यकार अपनी किस शक्ति के आधार पर सर्वजन मनोहारिणी रचनाएँ प्रस्तुत करता है? उत्तर - कॉलरिज के अनुसार साहित्यकार अपनी कल्पना शक्ति के आधार पर सर्वजन मनोहारिणी रचनाएँ प्रस्तुत करता है।   Colrij ke anusar sahityakar apni kis shakti ke aadhar par sarvjan manoharini rachanaen prastut karta hai? Kalpana sakti ke aadhar par.

कॉलरिज की मान्यता के अनुसार कल्पना की क्षमता कितनी होती हैं?

1. कॉलरिज की मान्यता के अनुसार कल्पना की क्षमता कितनी होती हैं? उत्तर - कॉलरिज की मान्यता के अनुसार कल्पना की क्षमता परिमित होती हैं ।   Colrij ki manyata ke anusar kalpana ki kshamta kitni hoti hai? Parimit hoti hai.

कॉलरिज के अनुसार कल्पना के कितने भेद होते हैं?

1. कॉलरिज के अनुसार कल्पना के कितने भेद होते हैं? उत्तर - कॉलरिज के अनुसार कल्पना के दो भेद होते हैं।   Colrij ke anusar kalpana ke kitne bhed hote hai? Do (2) bhed hote hai.

कॉलरिज ने वर्ड्सवर्थ की मान्यताओं पर कितने आक्षेप किये हैं?

1. कॉलरिज ने वर्ड्सवर्थ की मान्यताओं पर कितने आक्षेप किये हैं? उत्तर - कॉलरिज ने वर्ड्सवर्थ की मान्यताओं पर दो आक्षेप किये हैं।   Colrij ne vardsvarth ki manytao par kitne aakshep kiye the? Do (2) akshep kiye the.

लौंजाइनस के अनुसार दुःखात्मक आवेग के अंतर्गत कितने आवेग होते हैं?

1. लौंजाइनस के अनुसार दुःखात्मक आवेग के अंतर्गत कितने आवेग होते हैं? उत्तर - लौंजाइनस के अनुसार दुःखात्मक आवेग के अंतर्गत पाँच आवेग होते हैं ।   Laujainas ke anusar duhkhatmak aaveg ke antargat kitne aaveg hote hai? Panch aaveg hote hai.

लौंजाइनस ने सुखात्मक आवेग के अंतर्गत कितने भाव माने हैं?

1. लौंजाइनस ने सुखात्मक आवेग के अंतर्गत कितने भाव माने हैं? उत्तर - लौंजाइनस ने सुखात्मक  आवेग के अंतर्गत चार भाव माने हैं।  Laujainas ne sukhatmak aweg ke antargat kitne bhav mane hai? Char bhav mane hai.

लौंजाइनस ने आवेग के कितने रूप बताये हैं?

1. लौंजाइनस ने आवेग के कितने रूप बताये हैं? उत्तर - लौंजाइनस ने आवेग के दो रूप बताये हैं।   Launjainas ne aveg ke kitne roop bataye hai? Do (2) roop bataye hai. 

लौंजाइनस ने उदात्तता का पोषण करने वाले कितने अलंकारों की घोषणा की है?

1. लौंजाइनस ने उदात्तता का पोषण करने वाले कितने अलंकारों की घोषणा की है? उत्तर - लौंजाइनस ने उदात्तता का पोषण करने वाले तेरह (13) अलंकारों की घोषणा की है।  Laujainas ne udattata ke poshan karne wale kitne alankaro ki ghoshana ki hai? Terah (13) alankaro ki ghoshna ki hai. 

लौंजाइनस ने उदात्तता के तत्व कितने माने हैं, जिनके आधार पर कवियों को प्रतिष्ठा प्राप्त होती है?

1. लौंजाइनस ने उदात्तता के तत्व कितने माने हैं, जिनके आधार पर कवियों को प्रतिष्ठा प्राप्त होती है? उत्तर - लौंजाइनस ने उदात्तता के दो तत्व माने हैं , जिनके आधार पर कवियों को प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।  Laujainas ne udattata ke tatva kitne mane hai, jinke aadhar par kaviyon ko pratishtha prapt hoti hai? Do (2) tatva mane hai.

उदात्तता के बहिरंग तत्त्व लौंजाइनस ने कितने माने हैं?

1. उदात्तता के बहिरंग तत्त्व लौंजाइनस ने कितने माने हैं? उत्तर - उदात्तता के बहिरंग तत्त्व लौंजाइनस ने पाँच अंग माने हैं।  Udattata ke bahirang tattatva launjainas ne kitne mane hai? Panch ang mane hai.

अरस्तु ने त्रासदी के विषय में जो कहा है, उसके अनुसार त्रासदी के कितने अंग हैं?

1. अरस्तु ने त्रासदी के विषय में जो कहा है, उसके अनुसार त्रासदी के कितने अंग हैं? उत्तर - अरस्तु ने त्रासदी के विषय में जो कहा है, उसके अनुसार त्रासदी के पाँच अंग हैं।   Arastu ne trasdi ke vishay me jo kaha hai, uske anusar trasdi ke kitne ang hai? Trasdi ke panch ang hai.

डॉ. देवीशरण रस्तोगी ने लौंजाइनस के अनुसार उदात्तता की कितनी अन्य विशेषताएँ बतायी हैं?

1. डॉ. देवीशरण रस्तोगी ने लौंजाइनस के अनुसार उदात्तता की कितनी अन्य विशेषताएँ बतायी हैं? उत्तर - डॉ. देवीशरण रस्तोगी ने लौंजाइनस के अनुसार उदात्तता की तीन अन्य विशेषताएँ बतायी हैं।   Dr. Devisharan rastogi ne launjainas ke anusar udatta ki kitni anya visheshtaen batayee hai? Teen anya visheshtaen batayee hai.

अरस्तु ने त्रासदी को किसका भेद मानकर उसकी व्याख्या की है?

1. अरस्तु ने त्रासदी को किसका भेद मानकर उसकी व्याख्या की है? उत्तर - अरस्तु ने त्रासदी को नाटक का भेद मानकर उसकी व्याख्या की है।  Arastu ne trasdi ko kiska bhed mankar uski vyakhya ki hai? Natak ka.

डॉ. शांतिस्वरूप गुप्त ने अरस्तु के काव्यशास्त्र में अनुकरण में कितनी कमियाँ बतायी हैं?

1. डॉ. शांतिस्वरूप गुप्त ने अरस्तु के काव्यशास्त्र में अनुकरण में कितनी कमियाँ बतायी हैं? उत्तर - डॉ. शांतिस्वरूप गुप्त ने अरस्तु के काव्यशास्त्र में अनुकरण में पाँच कमियाँ बतायी हैं ।   Dr. Shantiswarup gupta ne arastu ke kavyashastra me anukaran me kitni kamiyan batayee hai? Panch kamiya batayee hai.

अरस्तु के अनुसार काव्य कितनी वस्तुओं में से किसी एक का अनुकरण कर सकता है?

1. अरस्तु के अनुसार काव्य कितनी वस्तुओं में से किसी एक का अनुकरण कर सकता है?  उत्तर - अरस्तु के अनुसार काव्य दो में से किसी एक वस्तु का अनुकरण कर सकता है।  Arastu ke anukaran kavya kitni vastuon me se kisi ek ka anukaran kar sakta hai? Do me se kisi ek vastu ka.

अरस्तु ने अनुकरण शब्द का प्रयोग कितने शास्त्रों में किया है?

1. अरस्तु ने अनुकरण शब्द का प्रयोग कितने शास्त्रों में किया है? उत्तर - अरस्तु ने अनुकरण शब्द का प्रयोग तीन शास्त्रों में किया है।   Arastu ne anukaran shabd ka prayog kitne shastro me kiya hai? Teen shastro me.

अनुकरण के आधार पर प्लेटो ने कलाओं के कितने भेद किये हैं?

1. अनुकरण के आधार पर प्लेटो ने कलाओं के कितने भेद किये हैं ? उत्तर - अनुकरण के आधार पर प्लेटो ने कलाओं के दो भेद किये हैं।   Anukaran ke aadhar par pleto ne kalaon ke kitne bhed kiye hai? Do (2) bhed kiye hai.

काव्यशास्त्र के क्षेत्र में अरस्तु ने कितने सिद्धांतों को प्रतिपादित किया है?

1. काव्यशास्त्र के क्षेत्र में अरस्तु ने कितने सिद्धांतों को प्रतिपादित किया है? उत्तर - काव्यशास्त्र के क्षेत्र में अरस्तु ने दो सिद्धांतों को प्रतिपादित किया है।   Kavyashastra ke kshetra me arastu ne kitne sidhdhanto ko pratipadit kiya hai? Do sihddhanton ko.

प्लेटो ने श्रेष्ट काव्य के कितने गुण माने हैं?

1. प्लेटो ने श्रेष्ट काव्य के कितने गुण माने हैं? उत्तर - प्लेटो ने श्रेष्ट काव्य के छः गुण माने हैं।   Pleto ne shreshtha kavya ke kitne gun mane hai? Chhah (6) gun.

प्लेटो काव्य को सत्य से कितनी दूरी पर मानता है?

1. प्लेटो काव्य को सत्य से कितनी दूरी पर मानता है? उत्तर - प्लेटो काव्य को सत्य से तिगुनी दूरी पर मानता है।  Pleto kavya ko satya se kitni duri par manta hai? Tiguni duri par .

प्लेटो के अनुसार देवों और दैत्यों की कहानी कैसी होती है?

1. प्लेटो के अनुसार देवों और दैत्यों की कहानी कैसी होती है? उत्तर - प्लेटो के अनुसार देवों और दैत्यों की कहानी अपरिपक्व होती है।   Pleto ke anusar devo aur daityo ki kahani kaisi hoti hai? Apripakva hoti hai.

प्लेटो के अनुसार मनुष्य के कितने धर्म होते हैं?

1. प्लेटो के अनुसार मनुष्य के कितने धर्म होते हैं? उत्तर - प्लेटो के अनुसार मनुष्य के दो धर्म होते हैं।   Pleto ke anusar manushya ke kitne dharma hote hai? Do dharm.

प्लेटो काव्य-प्रेरणा को सत्य से हीन होने के कारण समाज के लिए कैसा मानता है?

1. प्लेटो काव्य-प्रेरणा को सत्य से हीन होने के कारण समाज के लिए कैसा मानता है? उत्तर - प्लेटो काव्य-प्रेरणा को सत्य से हीन होने के कारण समाज के लिए समाज के लिए अनुपयोगी मानता है।  Plato kavya-prerna ko satya se hin hone ke karan samaj ke liye kaisa manta hai? Samaj ke liye anupyogi manta hai.

स्वच्छंदतावाद का उग्र रूप किसकी विचारधारा है?

1. स्वच्छंदतावाद का उग्र रूप किसकी विचारधारा है? उत्तर - स्वच्छंदतावाद का उग्र रूप क्रोचे की विचारधारा है।   Swachhandtawad ka ugra roop kiski vichardhara hai? Kroche ki.

बीसवीं शताब्दी के यूरोप के मूर्धन्य कलाकार कौन थे?

1. बीसवीं शताब्दी के यूरोप के मूर्धन्य कलाकार कौन थे? उत्तर - बीसवीं शताब्दी के यूरोप के मूर्धन्य कलाकार टी. एस. इलियट थे।  Bisavi shatabdi ke yurop me murdhanya kalakar kaun the? T. S. Eliat.

यूरोप में किस शताब्दी का आरम्भ कुण्ठा , निराशा, विद्रोह और अनास्था के साथ हुआ है?

1. यूरोप में किस शताब्दी का आरम्भ कुण्ठा , निराशा, विद्रोह और अनास्था के साथ हुआ है? उत्तर - यूरोप में बीसवीं शताब्दी का आरम्भ कुण्ठा , निराशा, विद्रोह और अनास्था के साथ हुआ है।   Yurop me kis shatabdi ka aarambh kuntha, nirasha, vidroh aur anastha ke sath hua hai? Bisvin shatabdi ka.

किस शताब्दी के अंत में यूरोप में कलावाद प्रबल हुआ?

1. किस शताब्दी के अंत में यूरोप में कलावाद प्रबल हुआ? उत्तर - उ न्नीसवीं शताब्दी के अंत में यूरोप में कलावाद प्रबल हुआ। Kis shatabdi ke ant me yurop me kalavad prabal hua? Unnisavin shatabdi ke.

वर्ड्सवर्थ के 'लिरिकल बैलेड्स' का प्रकाशन किस सन में हुआ था?

1. वर्ड्सवर्थ के 'लिरिकल बैलेड्स' का प्रकाशन किस सन में हुआ था? उत्तर - वर्ड्सवर्थ के 'लिरिकल बैलेड्स' का प्रकाशन सन 1978 में हुआ था।   Wordsworth ke 'Lyrical baleds' ka prakashan kis san me hua tha? San 1978 me.

यूरोप में स्वच्छंदतावाद का विकास किस शताब्दी में हुआ?

1. यूरोप में स्वच्छंदतावाद का विकास किस शताब्दी में हुआ? उत्तर - यूरोप में स्वच्छंदतावाद का विकास अठारहवीं शताब्दी में हुआ।   Yurop me savchchhandtavad ka vikas kis shtabdi me hua? Attharhavi shatabdi me.

साहित्य की स्वच्छंदता के लिए यूरोप में विद्रोह किस शताब्दी के उत्तरार्द्ध में हुआ?

1. साहित्य की स्वच्छंदता के लिए यूरोप में विद्रोह किस शताब्दी के उत्तरार्द्ध में हुआ? उत्तर - साहित्य की स्वच्छंदता के लिए यूरोप में विद्रोह सत्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में हुआ।   Sahitya ki savchchhandta ke liye yurop me vidroh kis shatabdi ke uttrardh me hua? Satrhavi shatabdi me.

पाश्चात्य काव्यशास्त्र में रहस्यवादी काव्य प्रवृत्ति के उन्नायक कौन माने जाते हैं?

1. पाश्चात्य काव्यशास्त्र में रहस्यवादी काव्य प्रवृत्ति के उन्नायक कौन माने जाते हैं? उत्तर - पाश्चात्य काव्यशास्त्र में रहस्यवादी काव्य प्रवृत्ति के उन्नायक जान डन माने जाते हैं।   Pashchatya kavyshastra me rahasyavadi kavya pravitti ke unnayak kaun mane jate hain? Jan dan.

हेनरी रोनाल्ड्स की पुस्तक 'मिचोमिस्टस' कब प्रकाशित हुई?

1. हेनरी रोनाल्ड्स की पुस्तक 'मिचोमिस्टस' कब प्रकाशित हुई? उत्तर - हेनरी रोनाल्ड्स की पुस्तक 'मिचोमिस्टस' सन 1933 में प्रकाशित हुई?  Henary ronalds ki pustak 'Michomits' kab prakashit hui? San 1933 me.

सर फिलिप सिडनी की पुस्तक 'अपोलॉजी फॉर पोइट्री' कब प्रकाशित हुई?

1. सर फिलिप सिडनी की पुस्तक 'अपोलॉजी फॉर पोइट्री' कब प्रकाशित हुई? उत्तर - सर फिलिप सिडनी की पुस्तक 'अपोलॉजी फॉर पोइट्री' सन 1595 में प्रकाशित हुई?  Sir filip sidney ki pustak 'Apology for poetry' kab prakashit hui? San 1595 me.

अलंकारशास्त्रीय परम्परा पाश्चात्य में कब आरम्भ हुई?

1. अलंकारशास्त्रीय परम्परा पाश्चात्य में कब आरम्भ हुई? उत्तर - अलंकारशास्त्रीय परम्परा पाश्चात्य में सन 1580   से आरम्भ हुई।  Alankarshastriya parampara pashchatya me kab aarambh hui? 1580 ke bad.

वेन जॉन्सन, ड्राइडन आदि समीक्षकों पर किसका विशेष प्रभाव पड़ा?

1. वेन जॉन्सन, ड्राइडन आदि समीक्षकों पर किसका विशेष प्रभाव पड़ा? उत्तर - वेन जॉन्सन, ड्राइडन आदि समीक्षकों पर विलेस का विशेष प्रभाव पड़ा।   Wen jonshan, dridon aadi samikshakon par kiska vishesh prabhav pada? Vilesh ka.

अंग्रेजी काव्यशास्त्र के पूरे जागरण काल की प्रमुख विशेषता किस वाद को माना जाता है?

1. अंग्रेजी काव्यशास्त्र के पूरे जागरण काल की प्रमुख विशेषता किस वाद को माना जाता है? उत्तर - अंग्रेजी काव्यशास्त्र के पूरे जागरण काल की प्रमुख विशेषता मानवाद को माना जाता है।   Angreji kavyshastra ke pure jagran kal ki pramukh visheshta kis vad ko mana jata hai? Manav wad ko.

पंद्रहवीं शताब्दी में इटली में किस वाद का उदय हुआ?

1. पंद्रहवीं शताब्दी में इटली में किस वाद का उदय हुआ? उत्तर - पंद्रहवीं शताब्दी में इटली में मानवाद का उदय हुआ।  Pandrahavi satabdi me itali me kis wad ka uday hua? Manav wad ka.

अंग्रेजी साहित्य का पुनर्जागरण काल कब से कब तक माना जाता है?

1. अंग्रेजी साहित्य का पुनर्जागरण काल कब से कब तक माना जाता है? उत्तर - अंग्रेजी साहित्य का पुनर्जागरण काल 1400 से 1600 ईसवी तक माना जाता है।   Angreji sahitya ka punarjagran kal kab se kab tak mana jata hai? 1400 se 1600 isvi tak.

पश्चिमी चिंतन परम्परा का पतन अथवा अन्धकारकाल कितने वर्ष का माना जाता है?

1. पश्चिमी चिंतन परम्परा का पतन अथवा अन्धकारकाल कितने वर्ष का माना जाता है? उत्तर - पश्चिमी चिंतन परम्परा का पतन अथवा अन्धकारकाल एक हजार वर्ष का माना जाता है।   Pashchim chintan parmpara ka patan athva andkarkal kitne vash ka mana jata hai? Ek hajar varsh ka.

काव्यकला की उपेक्षा त्यागने का परामर्श किस पाश्चात्य काव्यशास्त्री ने दिया?

1. काव्यकला की उपेक्षा त्यागने का परामर्श किस पाश्चात्य काव्यशास्त्री ने दिया? उत्तर - काव्यकला की उपेक्षा त्यागने का परामर्श पाश्चात्य काव्यशास्त्री सिसरो ने दिया।   Kavyakala ki upeksha tyagne ka pramarsh kis pashchatya kavyshastri ne diya? Sisaro ne.

पाश्चात्य समीक्षक सिसरो कहाँ का निवासी था?

1. पाश्चात्य समीक्षक सिसरो कहाँ का निवासी था? उत्तर - पाश्चात्य समीक्षक सिसरो रोम का निवासी था।   Pashchatya samikshak sisro kaha ka nivasi tha? Rom ka.

पाश्चात्य काव्यशास्त्री लौंजाइनस कहाँ का निवासी था?

1. पाश्चात्य काव्यशास्त्री लौंजाइनस कहाँ का निवासी था? उत्तर - पाश्चात्य काव्यशास्त्री लौंजाइनस  यूनान  का निवासी था।  Pashchatya kavyshastri laujainas kaha ka nivasi tha? Yunan ka.

यूनान का पहला काव्यशास्त्री किसे माना जाता है?

1. यूनान का पहला काव्यशास्त्री किसे माना जाता है? उत्तर - यूनान का पहला काव्यशास्त्री प्लेटो को माना जाता है।  Yunaan ka pahla kavyashastry kise mana jata hai? Pleto ko.

पाश्चात्य काव्यशास्त्र का विकास कहाँ हुआ?

1. पाश्चात्य काव्यशास्त्र का विकास कहाँ हुआ? उत्तर - पाश्चात्य काव्यशास्त्र का विकास रोम में हुआ।   Pashchatya kavyashastra ka vikas kaha hau? Rom me.

पाश्चात्य काव्यशास्त्र का उद्भव कहाँ हुआ?

1. पाश्चात्य काव्यशास्त्र का उद्भव कहाँ हुआ? उत्तर - पाश्चात्य काव्यशात्र का उद्भव युनान में हुआ।   Pashchatya kavashastra ka udbhav kahan hau? Yunan me.

पश्चिम में सबसे पहले सभ्यता का विकास कहाँ हुआ?

1. पश्चिम में सबसे पहले सभ्यता का विकास कहाँ हुआ? उत्तर - पश्चिम में सबसे पहले सभ्यता का विकास यूनान में हुआ।  Pashchim me sabse pahle sabhyta ka vikas kaha hua? Yunan me.

वह कौन सा देश है जिसे पाश्चात्य देश नहीं समझा जाता है?

1. वह कौन सा देश है जिसे पाश्चात्य देश नहीं समझा जाता है? उत्तर - आफ्रिका एक ऐसा देश है जिसे पाश्चात्य देश नहीं समझा जाता है।   Vah kaun sa desh hai jise pashschatya desh nahi samjha jata hai? Africa.

'काव्यादर्श किस अलंकारवादी आचार्य का ग्रंथ है?

1. 'काव्यादर्श किस अलंकारवादी आचार्य का ग्रंथ है? उत्तर - 'काव्यादर्श' अलंकारवादी आचार्य दण्डी का ग्रंथ है।   Kavyadarsh kis alankarvadi acharya ka granth hai? Dandi ka.

किसी एक उभयालंकार का नाम लिखिए?

1. किसी एक उभयालंकार का नाम लिखिए? उत्तर - उभयालंकार के अंतर्गत दो अलंकार आते हैं - संकर और संसृष्टि। जहाँ दो अलंकारों का इस प्रकार मेल होता है की उनमें से एक शब्दालंकार और दुसरा अर्थालंकार होता है, वहाँ उभयालंकार माना जाता है।  Kisi ek ubhyalankar ka naam likhiye?

नाट्यशास्त्र में कितने अलंकारों का उल्लेख है?

1. नाट्यशास्त्र में कितने अलंकारों का उल्लेख है? उत्तर - नाट्यशास्त्र में चार अलंकारों का उल्लेख है - उपमा, रूपक, दीपक और यमक।   Natyashastra me kitne alankaro ka ullekh hai? Char alankaro ka.

नाट्यशास्त्र में कितने रसों का उल्लेख है?

1. नाट्यशास्त्र में कितने रसों का उल्लेख है? उत्तर - नाट्यशास्त्र में भरतमुनि ने आठ रसों का उल्लेख किया है।   Natyashastra me kitne rson ka ullekh hai? Aath (8)

भरत मुनि ने रस के कितने अंग माने हैं?

1. भरत मुनि ने रस के कितने अंग माने हैं? उत्तर - भरत मुनि ने रास के चार अंग माने हैं - स्थाई भाव, विभाव, अनुभाव और व्यभीचारी भाव ।   Bharat muni ne ras ke kitne ang mane hai? Char ang sthaai bhaav, vibhaav, anubhaav aur Vyabhichaari bhaav .

रीति का विवेचन कितने आचार्यों ने किया है?

1. रीति का विवेचन कितने आचार्यों ने किया है? उत्तर - रीति का विवेचन नौ आचार्यों ने किया है। इनके नाम हैं - भामह, दण्डी, वामन, रुद्रट, राजशेखर, मम्मट, अभिनवगुप्त, आनंदवर्धन और विश्वनाथ।   Riti ka vivechan kitne acharyo ne kiya hai? Riti ka vivechan nau acharyon ne kiya hai. inke naam hai - Bhamah, Dandi, Vaman, Rudrat, Rajshekhar, Mammat, Abhinavgupta, Anandvardhan aur Vishvnath.

'काव्य शोभा करान धर्मान अलंकरान प्रचक्षते' किस आचार्य की उक्ति है?

1. 'काव्य शोभा करान धर्मान अलंकरान प्रचक्षते' किस आचार्य की उक्ति है? उत्तर - उक्त उक्ति आचार्य दण्डी की है।  यह प्रश्न इस प्रकार भी पूछे जा सकते हैं! 2. 'काव्य शोभाकरान धर्मान अलंकरान प्रचक्षते' किसने कहा है? (अ) भामह (ब) दण्डी (स) रुद्रट (द) जयदेव।  उत्तर - (ब) दण्डी।  3. 'काव्य शोभाकरान धर्मान अलंकरान प्रचक्षते। ' काव्य लक्षण के आचार्य का नाम बताइये।  उत्तर - उक्त काव्य लक्षण आचार्य दण्डी का है।  IMG By Khilawan Kavya shobha karan dharman alankran prchkshte kis acharya ki ukti hai?   Acharya Dandi ki.

'चित्र तुरंगवत न्याय' के आधार पर रस सूत्र की व्याख्या किस आचार्य ने की है?

1. 'चित्र तुरंगवत न्याय' के  आधार पर रस सूत्र की व्याख्या किस आचार्य ने की है? उत्तर - 'चित्र तुरंगवत न्याय' के  आधार पर रस सूत्र की व्याख्या आचार्य शंकुक ने की है।    'Chitra turangvat nyay' ke aadhar par ras sutra ki vyakhya kis acharya ne ki hai?

आचार्य रुय्यक के लक्षण-ग्रन्थ का क्या नाम है?

1. आचार्य रुय्यक के लक्षण-ग्रन्थ का क्या नाम है? उत्तर - आचार्य रुय्यक के लक्षण-ग्रन्थ का नाम ' अलंकार सर्वस्व ' है।  Acharya ruyyak ke lakshan-granth ka kya naam hai? 'Alankar sarvasva'.

'ध्वनि प्रस्थापन परमाचार्य' किस आचार्य को कहा जाता है?

1. 'ध्वनि प्रस्थापन परमाचार्य' किस आचार्य को कहा जाता है? उत्तर - 'ध्वनि प्रस्थापन परमाचार्य' आचार्य मम्मट को कहा जाता है।   Dhvani prasthapan parmacharya' kis acharya ko kaha jata hai? Acharya mammat ko.

यमक और अनुप्रास अलंकार वक्रोक्ति के किस भेद के अंतर्गत आते हैं?

1. यमक और अनुप्रास अलंकार वक्रोक्ति के किस भेद के अंतर्गत आते हैं? उत्तर - यमक और अनुप्रास अलंकार वक्रोक्ति के ' वर्णविन्यास वक्रता ' के अंतर्गत आते हैं।   Yamak aur anupras alankar vakrokti ke kis bhed ke antargat aate hai? 'Vanvinnyas vakrata.'

डॉ. कृष्णदेव शर्मा ने औचित्य के विषय में क्या स्वीकार किया है?

1. डॉ. कृष्णदेव शर्मा ने औचित्य के विषय में क्या स्वीकार किया है? उत्तर - डॉ. कृष्णदेव शर्मा ने औचित्य के विषय में स्वीकार किया है कि औचित्य की स्थिति रस से उच्च है ।   Dr. Krishnadev sharma ne auchitya ke vishay me kya svikar kiya hai? Auchitya ki sthiti ras se uchcha hai.

क्षेमेन्द्र ने औचित्य के कितने भेद माने हैं?

1. क्षेमेन्द्र ने औचित्य के कितने भेद माने हैं? उत्तर - क्षेमेन्द्र ने औचित्य के सत्ताईस ( 27 ) भेद माने हैं।   Kshemendra ne auchitya ke kitne bhed mane hai? Sattais (27).

औचित्य को काव्य में अनिवार्य तत्व किस आचार्य ने माना है?

1. औचित्य को काव्य में अनिवार्य तत्व किस आचार्य ने माना है? उत्तर - औचित्य को काव्य में अनिवार्य तत्व आचार्य महिमभट्ट ने माना है।   Auchitya ko kavya me anivarya tatva kis acharya ne mana hai? Acharya Mahimbhatta ne.

ध्वन्यालोक पर लोचन टीका के रचना करने वाले किस आचार्य ने औचित्य का महत्व स्वीकार किया है?

1. ध्वन्यालोक पर लोचन टीका के रचना करने वाले किस आचार्य ने औचित्य का महत्व स्वीकार किया है? उत्तर - ध्वन्यालोक पर लोचन टीका के रचना करने वाले आचार्य अभिनवगुप्त ने औचित्य का महत्व स्वीकार किया है।   Dhvanyalok par lochan tika ke rachna karne vale kis acharya ne auchitya ka mahatva svikar kiya hai? Acharya abhinavgupta ne.

आचार्य भामह ने औचित्य का क्या बताया है?

1. आचार्य भामह ने औचित्य को क्या बताया है? उत्तर - आचार्य भामह ने औचित्य को काव्य का सबसे बड़ा दोष बताया है।  Acharya bhamah ne auchitya ko kya batya hai? Kavya ka sabse bada dosh.

आचार्य क्षेमेन्द्र ने औचित्य को काव्य का क्या बताया है?

1. आचार्य क्षेमेन्द्र ने औचित्य को काव्य का क्या बताया है?  उत्तर - आचार्य क्षेमेन्द्र ने औचित्य को काव्य का जीवित अंग बताया है।  Acharya kshemendra ne auchitya ko kavya ka kya bataya hai? Jivit ang.

आचार्य क्षेमेंद्र के लक्षण ग्रंथ का क्या नाम है?

1. आचार्य क्षेमेंद्र के लक्षण ग्रंथ का क्या नाम है? उत्तर - आचार्य क्षेमेंद्र के लक्षण ग्रंथ का नाम औचित्य विचारचर्चा है।   Acharya kshemendra ke lakshan granth ka kya naam hai? Auchitya vicharcharcha.

आचार्य मम्मट ने ध्वनि काव्य के कितने भेद किये हैं?

1. आचार्य मम्मट ने ध्वनि काव्य के कितने भेद किये हैं? उत्तर - आचार्य मम्मट ने ध्वनि काव्य के दो (2) भेद किये हैं।  Acharya mammat ne dhvanni kavya ke kitne bhed kiye hai?   Do (2)

तुलसीदास कौन हैं?

1. तुलसीदास कौन हैं? उत्तर - तुलसीदास को मुख्य रूप से रामचरितमानस के रचनाकार के रूप में जाना जाता है। यह सर्वविदित है की रामचरित मानस हिन्दू धर्म में कितना महत्व रखता है। रामचरित मानस की रचना अवधि भाषा में तुलसीदास ने की है लेकिन मुख्य रूप से इन्हें हिंदी साहित्य के कवि के रूप में जाना जाता है।  आशा है आप इस संक्षिप्त उत्तर से संतुष्ट होंगे! Tulsidas kaun hai?

ध्वनिकार आनंदवर्धन ने ध्वनि-काव्य के कितने भेद किये हैं?

1. ध्वनिकार आनंदवर्धन ने ध्वनि-काव्य के कितने भेद किये हैं? उत्तर - ध्वनिकार आनंदवर्धन ने ध्वनि-काव्य के दो (2) भेद किये हैं।   Dhvanikar Aanandvardhan ne dhvani-kavya ke kitne bhed kiye hai? Dhvanikar Aanandvardhan ne dhvani-kavya ke Do (2) bhed kiye hai.

ध्वनि सिद्धांत की स्थापनाएँ कितनी हैं?

1. ध्वनि सिद्धांत की स्थापनाएँ कितनी हैं? उत्तर - ध्वनि सिद्धांत की आठ स्थापनाएँ हैं।   Dhvani siddhant ki sthapnae kitni hain? Dhvani siddhant ki Aath (8) sthapnae hai.

ध्वनि के संबंध में कितनी विप्रतीतियाँ मानी गयी हैं?

1. ध्वनि के संबंध में कितनी विप्रतीतियाँ मानी गयी हैं? उत्तर - ध्वनि के संबंध में बारह (१२) विप्रतीतियाँ मानी गयी हैं।   Dhvani ke sambandh me kitni vipratitiyaan mani gayee hai? Dhvani ke sambandh me Barah vipratitiyaan mani gayee hai.

ध्वनि सिद्धांत का समर्थन करने वाले एक आचार्य का नाम क्या है?

1. ध्वनि सिद्धांत का समर्थन करने वाले एक आचार्य का नाम क्या है? उत्तर - ध्वनि सिद्धांत का समर्थन करने वाले एक आचार्य भामह है।   Dhvani siddhant ka samrthan karne vale ek acharya ka naam kya hai? Dhvani siddhant ka samrthan karne vale ek acharya Bhamah hai.

ध्वनि सिद्धांत का विरोध करने वाले तीन आचार्यों के नाम क्या-क्या हैं?

1. ध्वनि सिद्धांत का विरोध करने वाले तीन आचार्यों के नाम क्या-क्या हैं? उत्तर - ध्वनि सिद्धांत का  विरोध करने वाले तीन आचार्यों के नाम इस प्रकार है - मुकुलभट्ट  प्रतिहारेन्दु राज  भट्टनायक  Dhvani sidhdhant ka virodh karne vale-teen acharyon ke naam kya-kya hai? Dhvani sidhdhant ka virodh karne vale-teen acharyon ke naam is prkaar hai - Mukulbhatt Pratiharendu raj Bhattnayak

हिंदी आचार्य भिखारीदास ने अपने किस ग्रंथ में ध्वनि का विवेचन किया है?

1. हिंदी आचार्य भिखारीदास ने अपने किस ग्रंथ में ध्वनि का विवेचन किया है?  उत्तर - हिंदी आचार्य भिखारीदास ने अपने काव्य निर्णय  ग्रंथ में ध्वनि का विवेचन किया है।  Hindi acharya bhikharidas ne apne kis granth me dhvani ka vivechan kiya hai? Hindi acharya bhikharidas ne apne Kavya nirnay granth me dhvani ka vivechan kiya hai.

हिंदी आचार्य चिन्तामणी ने ध्वनि-काव्य को कौन-सा स्थान दिया है?

1. हिंदी आचार्य चिन्तामणी ने ध्वनि-काव्य को कौन-सा स्थान दिया है? उत्तर - हिंदी आचार्य चिन्तामणी ने ध्वनि-काव्य को उत्तम स्थान दिया है।   Hindi acharya chintamani ne dhvani-kavya ko kaun-sa sthan diya hai? Hindi acharya chintamani ne dhvani-kavya ko Uttam sthan diya hai.

आचार्य विश्वनाथ ने अपने 'साहित्य-दर्पण' के कौन-से परिच्छेद में ध्वनि का विवेचन किया है?

1. आचार्य विश्वनाथ ने अपने ' साहित्य-दर्पण ' के कौन-से परिच्छेद में ध्वनि का विवेचन किया है? उत्तर - आचार्य विश्वनाथ ने अपने 'साहित्य-दर्पण' के चौथे परिच्छेद में ध्वनि का विवेचन किया है।   Acharya vishvanath ne apne 'Sahitya-darpan' ke kaun-se parichchhed me dhvani ka vivechan kiya hai? Acharya vishvanath ne apne 'Sahitya-darpan' ke Chauthe (4th) parichchhed me dhvani ka vivechan kiya hai.

आनंदवर्धन का काव्यशास्त्र-सम्बन्धी कौन-सा ग्रंथ है?

1. आनंदवर्धन का काव्यशास्त्र-सम्बन्धी कौन-सा ग्रंथ है? उत्तर - आनंदवर्धन का काव्यशस्त्र-संबंधी ग्रंथ का नाम ध्वन्यालोक है।  Aanandvardhan ka kavyashastra-sambandhi kaun-sa granth hai? Aanandvardhan ka kavyashastra-sambandhi granth ka nam Dhvnayalok hai.

ध्वनि सम्प्रदाय के संस्थापक कौन-से आचार्य हैं?

1. ध्वनि सम्प्रदाय के संस्थापक कौन-से आचार्य हैं? उत्तर - ध्वनि-सम्प्रदाय के संस्थापक आचार्य आनंदवर्धन हैं। Dhvani sampraday ke sansthapak kaun-se acharya hai? Dhvani samprday ke sansthapak acharya Aanandvardhan hai.

डॉ. कृष्णदेव शर्मा ने क्रोचे के अभिव्यंजनावाद और कुंतक की वक्रोक्ति में कितनी भिन्नताएं स्पष्ट की है?

1. डॉ. कृष्णदेव शर्मा ने क्रोचे के अभिव्यंजनावाद और कुंतक की वक्रोक्ति में कितनी भिन्नताएं स्पष्ट की है? उत्तर - डॉ. कृष्णदेव शर्मा ने क्रोचे के अभिव्यंजनावाद और कुंतक की वक्रोक्ति में छः (6) भिन्नताएं स्पष्ट की है।  Dr. Krishndev sharma ne kroche ke abhivyanjanavad aur kuntak ki vakrokti me kitni bhinntaen spasht ki hai? Dr. Krishndev sharma ne kroche ke abhivyanjanavad aur kuntak ki vakrokti me Chhah bhinntaen spasht ki hai.

डॉ. नगेन्द्र ने अभिव्यंजनावाद और वक्रोक्ति में कितनी समानताएँ बतायी हैं?

1. डॉ. नगेन्द्र ने अभिव्यंजनावाद और वक्रोक्ति में कितनी समानताएँ बतायी हैं? उत्तर - डॉ. नगेन्द्र ने अभिव्यंजनावाद और वक्रोक्ति में चार समानताएँ बतायी हैं।   Dr. Nagendra ne abhivyanjanavad aur vakrokti me kitni samantaen batayee hai? Dr. Nagendra ne abhivyanjanavad aur vakrokti me char samantayen batayee hai.

पाश्चात्य काव्यशास्त्री क्रोचे के अभिव्यंजनावाद के कितने निष्कर्ष निकल सकते हैं?

1. पाश्चात्य काव्यशास्त्री क्रोचे के अभिव्यंजनावाद के कितने निष्कर्ष निकल सकते हैं? उत्तर - पाश्चात्य काव्यशास्त्री क्रोचे के अभिव्यंजनावाद के सात निष्कर्ष निकल सकते हैं।   Pashchatya kavyashastri kroche ke abhivyanjanavad ke kitne nishkarsh nikal sakte hai? Pashchatya kavyashastri kroche ke abhivyanjanavad ke Sat nishkarsh nikal sakte hai.

आचार्य मम्मट ने अपने काव्यप्रकाश के नवम सर्ग में शब्दालंकारों के अंतर्गत वक्रोक्ति को कौन-सा स्थान दिया है?

1. आचार्य मम्मट ने अपने काव्यप्रकाश के नवम सर्ग में शब्दालंकारों के अंतर्गत वक्रोक्ति को कौन-सा स्थान दिया है? उत्तर - आचार्य मम्मट ने अपने काव्यप्रकाश के नवम सर्ग में शब्दालंकारों के अंतर्गत वक्रोक्ति को प्रथम स्थान दिया है।  Acharya mammat ne apne kavyaprakash ke navam sarg me shabdalankaro ke antargat vakrokti ko kaun-sa sthan diya hai? Acharya mammat ne apne kavyaprakash ke navam sarg me shabdalankaro ke antargat vakrokti ko pratham sthan diya hai.

वक्रोक्ति को शब्दालंकार किसने माना है?

1. वक्रोक्ति को शब्दालंकार किसने माना है? उत्तर - वक्रोक्ति को शब्दालंकार विश्वनाथ ने माना है।   Vakrokti ko shabdalankar kisne mana hai?  Vakrokti ko shabdalankar Vishvanath ne mana hai.

कुंतक के परवर्ती कितने आचार्यों ने वक्रोक्ति पर विचार किया है?

1. कुंतक के परवर्ती कितने आचार्यों ने वक्रोक्ति पर विचार किया है? उत्तर - कुंतक के परवर्ती आठ आचार्यों ने वक्रोक्ति पर विचार किया है।  Kuntak ke parvarti kitne acharyo ne vakrokti par vichar kiya hai? Kuntak ke parvarti Aath (8) acharyo ne vakrokti par vichar kiya hai.

डॉ. नगेन्द्र ने कुंतक की वक्रोक्ति-संबंधी मान्यताओं का विवेचन करके कितने निष्कर्ष निकाले हैं?

1. डॉ. नगेन्द्र ने कुंतक की वक्रोक्ति-संबंधी मान्यताओं का विवेचन करके कितने निष्कर्ष निकाले हैं? उत्तर - डॉ. नगेन्द्र ने कुंतक की वक्रोक्ति-संबंधी मान्यताओं का विवेचन करके पाँच निष्कर्ष निकाले हैं।  Dr. Nagendra ne kuntak ki vakrokti-sambandhi manytaon ka vivechan karke kitne nishkarsh nikale hai? Dr. Nagendra ne kuntak ki vakrokti-sambandhi manytaon ka vivechan karke Panch nishkarsh nikale hai.

आचार्य दण्डी ने वक्रोक्ति के अंतर्गत किन अलंकारों को स्वीकार किया है?

1. आचार्य दण्डी ने वक्रोक्ति के अंतर्गत किन अलंकारों को स्वीकार किया है? उत्तर - आचार्य दण्डी ने वक्रोक्ति के अंतर्गत सभी अलंकारों को स्वीकार किया है।  Acharya dandi ne vakrokti ke antargat kin alankaro ko svikar kiya hai? Acharya dandi ne vakrokti ke antargat kin Sabhi alankaro ko svikar kiya hai.

कुंतक के परवर्ती आचार्यों ने वक्रोक्ति को मुख्य रूप क्या स्वीकार किया है?

1. कुंतक के परवर्ती आचार्यों ने वक्रोक्ति को मुख्य रूप से क्या स्वीकार किया है? उत्तर - कुंतक के परवर्ती आचार्यों ने वक्रोक्ति को मुख्य रूप से अलंकार स्वीकार किया है।  Kuntak ke parvarti acharyo ne vakrokti ko mukhya rup kya svikaar kiya hai? Kuntak ke parvarti acharyo ne vakrokti ko mukhya rup Alankar svikaar kiya hai.

डॉ. राजवंश सहाय हीरा ने कुंतक के पूर्ववर्ती आचार्यों के विवेचन को कितने भागों में बांटा है?

1. डॉ. राजवंश सहाय हीरा ने कुंतक के पूर्ववर्ती आचार्यों के विवेचन को कितने भागों में बांटा है? उत्तर - डॉ. राजवंश सहाय हीरा ने कुंतक के पूर्ववर्ती आचार्यों के विवेचन को चार भागों में बाँटा है।   Dr. Rajvansh sahay hira ne kuntak ke purvvarti acharyon ke vivechan ko kitne bhagon me bata hai? Dr. Rajvansh sahay hira ne kuntak ke purvvarti acharyon ke vivechan ko char bhago me bata hai.

आचार्य कुंतक ने वक्रोक्ति के कितने भेद किये हैं?

1. आचार्य कुंतक ने वक्रोक्ति के कितने भेद किये हैं? उत्तर - आचार्य कुंतक ने वक्रोक्ति के छः भेद किये हैं।  Acharya kuntak ne vakrokti ke kitne bhed kiye hai? Acharya kuntak ne vakrokti ke chhah bhed kiye hai.

आचार्य कुंतक ने काव्यशास्त्र के किस ग्रन्थ की रचना की?

1. आचार्य कुंतक ने काव्यशास्त्र के किस ग्रन्थ की रचना की? उत्तर - आचार्य कुंतक ने काव्यशास्त्र के वक्रोक्ति जीवितम ग्रन्थ की रचना की।  Acharya kuntak ne kavyashastra ke kis granth ki rachna ki? Acharya kuntak ne kavyashastra ke vakrokti jivitam granth ki rachna ki.

काव्यशास्त्र में वक्रोक्ति सिद्धांत की स्थापना किसने की?

1. काव्यशास्त्र में वक्रोक्ति सिद्धांत की स्थापना किसने की? काव्यशास्त्र में वक्रोक्ति सिद्धांत की स्थापना आचार्य कुंतक ने की।   Kvyashastra me vakrokti siddhant ki sthapna kisne ki? Kvyashastra me vakrokti siddhant ki sathapna kuntak ne ki.

रीति के शास्त्रीय विवेचन का आरम्भ कहाँ से होता है?

1. रीति के शास्त्रीय विवेचन का आरम्भ कहाँ से होता है? उत्तर -रीति के शास्त्रीय विवेचन का आरम्भ भरतमुनि के नाट्यशास्त्र से होता है।  Riti ka shastriya vivechan ka aarambh kahan se hota hai? Riti ka shastriya vivechan ka aarambh Bharatmuni ke natyashastra se hota hai.

आचार्य आनंदवर्धन ने रीति शब्द का अर्थ क्या माना है?

1. आचार्य आनंदवर्धन ने रीति शब्द का अर्थ क्या माना है? उत्तर - आचार्य आनंदवर्धन ने रीति शब्द का अर्थ काव्य की आत्मा माना है।  Acharya aanandvardhan ne riti shabd ka arth kya mana hai? Acharya aanandvardhan ne riti shabd ka arth kavya ki aatma mana hai.

आचार्य वामन के अनुसार गुणों की संख्या कितनी है?

1. आचार्य वामन के अनुसार गुणों की संख्या कितनी है? उत्तर - आचार्य वामन के अनुसार गुणों की संख्या ग्यारह (11) है।  Acharya vaman ke anusar guno ki sankhya kitni hai? Acharya vaman ke anusar guno ki sankhya Gyarah (11) hai.

आचार्य मम्मट ने गुणों की संख्या कितनी मानी है?

1. आचार्य मम्मट ने गुणों की संख्या कितनी मानी है?  उत्तर - आचार्य मम्मट ने गुणों की संख्या तीन मानी है।  Acharya mammat ne guno ki sankhya kitni mani hai? Acharya mammat ne guno ki sankhya Teen mani hai?

'नाट्यशास्त्र' और 'अग्निपुराण' में कितनी रीतियाँ मानी गयी हैं?

1. 'नाट्यशास्त्र' और 'अग्निपुराण' में कितनी रीतियाँ मानी गयी हैं? उत्तर - नाट्यशास्त्र में और अग्निपुराण में चार रीतियाँ मानी गई हैं।  'Natya Shastra' aur 'Agni Puran' me kitni ritiya mani gai hai? 'Natya Shastra' aur 'Agni Puran' me Char ritiya mani gai hai.

रीति का विवेचन कितने आचार्यों ने किया है?

1. रीति का विवेचन कितने आचार्यों ने किया है? उत्तर - रीति का विवेचन सात आचार्यों ने किया है ।  Riti ka vivechan kitne acharyon ne kiya hai? Riti ka vivechan sat acharyon ne kiya hai.

डॉ. राजवंश सहाय हीरा के अनुसार रीति के विकास की कितनी स्थितियाँ हैं?

1. डॉ. राजवंश सहाय हीरा के अनुसार रीति के विकास की कितनी स्थितियाँ हैं? उत्तर - डॉक्टर राजवंश सहाय हीरा के रीती के विकास की तीन स्थितियाँ हैं ।   Dr. rajvansh sahay hira ke anusar riti ke vikas ki kitni sthitiyan hai?  Dr. rajvansh sahay hira ke anusar riti ke vikas ki teen sthitiyan hai

रीति को काव्य की आत्मा किस आचार्य ने माना है?

1. रीति  को काव्य की आत्मा किस आचार्य ने माना है? उत्तर - रीति को काव्य की आत्मा आचार्य वामन ने माना है ।  Riti ko kavya ki aatma kis acharya ne mana hai? Riti ko kavya ki aatma acharya waman ne mana hai.

पाश्चात्य काव्यशास्त्रियों ने अलंकारों को कितने वर्गों में विभाजित किया?

1. पाश्चात्य काव्यशास्त्रियों ने अलंकारों को कितने वर्गों में विभाजित किया? उत्तर - पाश्चात्य काव्यशास्त्रियों ने अलंकारों को सात वर्गों में विभाजित किया है।  Paschatya kavyashastriyon ne alankar ko kitne vargo me vibhajit kiya? Paschatya kavyashastriyon ne alankar ko Sat vargo me vibhajit kiya hai.

हिंदी में आचार्यों ने अलंकारों के कितने भेद किये?

1. हिंदी में आचार्यों ने अलंकारों के कितने भेद किये? उत्तर - हिंदी में आचार्यों ने अलंकारों के तीन भेद किये हैं।  Hindi me acharyon ne alankar ke kitne bhed kiye? Hindi me acharyon ne alankar ke teen bhed kiye.

आचार्य रुय्यक ने कितने अलंकार स्वीकार किये?

1. आचार्य रुय्यक ने कितने अलंकार स्वीकार किये? उत्तर - आचार्य रुय्यक ने 135 अलंकार स्वीकार किये हैं।    Acharya ruyyak ne kitne alankar swikar kiye? Acharya ruyyak ne 135 alankar swikar kiye.

अलंकारों का वर्गीकरण करने वाले तीसरे और अंतिम आचार्य कौन हैं?

1. अलंकारों का वर्गीकरण करने वाले तीसरे और अंतिम आचार्य कौन हैं? उत्तर - अलंकारों का वर्गीकरण करने वाले तीसरे और अंतिम आचार्य रुय्यक हैं ।  Alankaro ka vargikaran karne wale tisre aur antim acharya kaun hai? Alankaro ka vargikaran karne wale tisre aur antim acharya Ruyyak hai.

आचार्य रुद्रट ने अलंकारों का वर्गीकरण कितने रूपों में किया है ?

1. आचार्य रुद्रट ने अलंकारों का वर्गीकरण कितने रूपों में किया है ? उत्तर - आचार्य रुद्रट ने अलंकारों का वर्गीकरण दो रूपों में किया है।  Acharya rudrat ne alankaro ka vargikaran kitne rupo me kiya hai? Acharya rudrat ne alankaro ka vargikaran do rupo me kiya hai

'उक्ति-वैचित्यालंकार:' यह कथन किसका है?

1. ' उक्ति-वैचित्यालंकार: ' यह कथन किसका है? उत्तर - 'उक्ति-वैचित्यालंकार:' यह कथन आचार्य भामह का है।  'Ukti-vaichityalankarah' yah kathan kiska hai? 'Ukti-vaichityalankarah' yah kathan acharya bhamah ka hai.

आचार्य कुंतक ने अलंकारों को कहाँ तक सीमित तक सिमित किया है?

1. आचार्य कुंतक ने अलंकारों को कहाँ तक सीमित तक सिमित किया है? उत्तर - आचार्य कुन्तक ने अलंकारों को बीस (20) तक सीमित ही सिमित किया है ।  Acharya kuntak ne alnkaro ko kaha tak simit kiya hai? acharya kuntak ne alankaro ko 20 (bis) tak simit kiya hai ?

आचार्य रुय्यक के अनुसार अलंकारों की संख्या कितनी है?

1. आचार्य रुय्यक के अनुसार अलंकारों की संख्या कितनी है? उत्तर - आचार्य रुय्यक के अनुसासर अलंकारों की संख्या 80 (अस्सी) है ।  Acharya ruyyak ke anusar alankaro ki sankhya kitni hai? Acharya ruyyak ke anusar alankaro ki sankhya 80 hai.

आचार्य रुद्रट के अनुसार अलंकार कितने प्रकार के हैं?

1. आचार्य रुद्रट के अनुसार अलंकार कितने प्रकार के हैं? उत्तर - आचार्य रुद्रट के अनुसार अलंकार 66 (छहसठ) प्रकार के हैं ।  Acharya rudrat ke anusar alankar kitne prakar ke hai? Acharya rudrat ke anusar alakar 66 (chaisth) prakar ke hai .

आचार्य वामन के अनुसार अलंकार कितने प्रकार के हैं?

1. आचार्य वामन के अनुसार अलंकार कितने प्रकार के हैं? उत्तर - आचार्य वामन के अनुसार अलंकार छतीस (36) प्रकार के हैं।  Acharya vaman ke anusar alankar kitne prakar ke hai? Acharya vaman ke anusar alankar chhattis (36) prakar ke hai .

आचार्य दण्डी ने अलंकारों की संख्या कितनी मानी है?

1. आचार्य दण्डी ने अलंकारों की संख्या कितनी मानी है? उत्तर - आचार्य दण्डी ने अलंकारों की संख्या 39 (उनचालीस) मानी है ।  Acharya dandi ne alankaro ki sankhya kitni mani hai? Acharya dandi ne alankaro ki sankhya 39 (Unchalish) mani hai .   साहित्य के सिद्धांत तथा आलोचना शास्त्र अलंकार सिद्धांत अतिलघु उत्तरीय प्रश्न संस्कृत काव्यशास्त्र में अलंकारवादी आचार्य कितने हैं? आचार्य भामह के अनुसार अलंकारों की संख्या कितनी है? आचार्य दण्डी ने अलंकारों की संख्या कितनी मानी है? आचार्य वामन के अनुसार अलंकार कितने प्रकार के हैं? आचार्य रुद्रट के अनुसार अलंकार कितने प्रकार के हैं? आचार्य रुय्यक के अनुसार अलंकारों की संख्या कितनी है? आचार्य कुंतक ने अलंकारों को कहाँ तक सीमित तक सिमित किया है? 'उक्ति वैचित्यलंकारः' यह कथन किसका है? आचार्य रुद्रट ने अलंकारों का वर्गीकरण कितने रूपों में किया है ? अलंकारों का वर्गीकरण करने वाले तीसरे और अंतिम आचार्य कौन हैं? आचार्य रुय्यक ने कितने अलंकार स्वीकार किये? हिंदी में आचार्यों ने अलंकारों के कितने भेद किये? पाश्चात्य काव्यशास्त्रियों ने अलंकारों को कित...

आचार्य भामह के अनुसार अलंकारों की संख्या कितनी है?

1. आचार्य भामह के अनुसार अलंकारों की संख्या कितनी है? उत्तर - आचार्य भामह के अनुसार अलंकारों की संख्या अड़तीस है।  यह प्रश्न ऐसे भी पूछे जा सकते हैं 2. आचार्य भामह ने अपने ग्रंथ 'काव्यालंकार' में कितने अलंकारों की संख्या निर्धारित की है? उत्तर -   आचार्य भामह ने अपने ग्रंथ 'काव्यालंकार' में अलंकारों की संख्या 38 निर्धारित की है।  acharya bhamah ke anusar alankaro ki sankhya kitni hai? acharya bhamah ke anusar alankaro ki sankhya adtis hai.

संस्कृत काव्यशास्त्र में अलंकारवादी आचार्य कितने हैं?

1. संस्कृत काव्यशास्त्र में अलंकारवादी आचार्य कितने हैं? उत्तर - संस्कृत काव्यशास्त्र में सात अलंकारवादी आचार्य हैं।   Sanskrit kavyashastra me alankarvadi aacharya kitne hai? Sanskrit kavyashastra me saat alankarvadi aacharya hai.

आचार्य वामन ने रीति का क्या अर्थ माना है?

1. आचार्य वामन ने रीति का क्या अर्थ माना है? उत्तर - आचार्य वामन के अनुसार "विशिष्ट पद रचना रीति:" अर्थात विशिष्ट प्रकार की पद रचना रीति है।  Aacharya vaman ne riti ka kya arth mana hai? Aacharya vaman ke anusar "vishisht pad rachna ritih" arthat vishisht prakar ki pad rachna riti hai.

भारतीय काव्यशास्त्र में रस निष्पत्ति के प्रसंग में साधारणीकरण की स्थापना किसने की?

1. भारतीय काव्यशास्त्र में रस निष्पत्ति के प्रसंग में साधारणीकरण की स्थापना किसने की? उत्तर - भारतीय काव्यशास्त्र में रस निष्पत्ति के प्रसंग में साधारणीकरण की स्थापना भट्ट्नायक ने की।  Bhartiya kavyashastra me ras nishpatti ke prasang me sadharanikaran ki sthapna kisne ki? Bhartiya kavyashastra me ras nishpatti ke prasang me s adharnikaran ki sthapna bhattnayak ne ki.

'ध्वन्यालोक' किस आचार्य की रचना है?

1 ' ध्वन्यालोक ' किस आचार्य की रचना है? उत्तर - 'ध्वन्यालोक' आचार्य आनंदवर्धन की रचना है।  ' Dhvanyaloka ' kis aacharya ki rachna hai? Dhvanyaloka' aacharya aanandwardhan ki rachna hai.

'शब्दार्थौ सहितौ काव्यम' किस आचार्य की उक्ती है?

1. 'शब्दार्थौ सहितौ काव्यम' किस आचार्य की उक्ती है? उत्तर - 'शब्दार्थौ सहितौ काव्यम' आचार्य भामह की उक्ती है।  मिलते प्रश्न! 2. 'शब्दार्थौ सहितौ काव्यम' उक्ति किस आचार्य की है? उत्तर - उपर्युक्त उक्ति भामह की है।  Shabdartho sahito kavyam' kis acharya ki ukti hai? Shabdartho sahito kavyam' acharya Bhamah ki ukti hai.

भरतमुनि के ग्रन्थ का नाम लिखिये।

1. भरतमुनि के ग्रन्थ का नाम लिखिये।  उत्तर - भरतमुनि के ग्रंथ का नाम - नाट्यशास्त्र है ।  मिलते जुलते प्रश्न! 2. 'नाट्यशास्त्र' के रचनाकार कौन हैं - उत्तर - भरतमुनि।  Bharat Muni ka granth ka naam likhiye. Bharatmuni ke granth ka naam - Natyashastra hai .

मम्मट ने वैदर्भी रीति को क्या नाम दिया है?

1. मम्मट ने वैदर्भी रीति को क्या नाम दिया है? उत्तर - मम्मट ने वैदर्भी रीति को उपनागरिकता वृत्ति नाम दिया है।  Mammat ne vaidarbhi riti ko kya nam diya hai? Mammat ne vaidarbhi riti ko upnagrikta vritti nam diya hai.

"भावों का उत्कर्ष दिखाने और वस्तुओं के रूप, गुण और क्रिया का अधिक तीव्र अनुभव कराने में कभी-कभी सहायक होने वाली उक्ति अलंकार है।" यह कथन किसका है?

1. " भावों का उत्कर्ष दिखाने और वस्तुओं के रूप, गुण और क्रिया का अधिक तीव्र अनुभव कराने में कभी-कभी सहायक होने वाली उक्ति अलंकार है। " यह कथन किसका है? उत्तर - यह उपर्युक्त कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल का है।    Bhavon ka utkarsh dikhane aur vastuo ke rup, gun aur kriya ka adhik tivra anubhav karane me kabhi-kabhi sahayak hone wali ukti alnkar hai. yah kathan kiska hai? Yah uparyukta kathan acharya ramchandra shukla ka hai.

चित्त की निर्वितर्क दशा को साधारणीकरण किसने माना है?

 1. चित्त की निर्वितर्क दशा को साधारणीकरण किसने माना है? उत्तर - चित्त की निर्वितर्क दशा को साधरणीकर आचार्य श्यामसुंदर दास ने माना है।   Chitt ki nirvitark dasha ko sadharnikarn kisne mana hai?  Chitt ki nirvitark dasha ko sadharnikarn acharya shyamsundar das ne mana hai.

रस ध्वनि को काव्य की आत्मा किसने कहा?

1. रस ध्वनि को काव्य की आत्मा किसने कहा? उत्तर- रस ध्वनि को काव्य की आत्मा अभिनवगुप्त ने कहा।   Ras dhvani ko kavya ki aatma kisne kaha? Ras dhvani ko kavya ki aatma abhinavgupta ne kaha.

अनुभावों की परिभाषा दीजिये।

1. अनुभावों की परिभाषा दीजिये।  अनुभावों  परिभाषा इस प्रकार है - ' अनुभावो भाव बोधकः ' अर्थात भाव का बोध कराने वाले कारण अनुभाव कहलाते हैं।  Anubhavon ki pribhasha dijiye. Anubhavo ki pribhasha is prkar hai- ' Anubhavo bhav bodhakh ' arthat bhav ka bodh karane vale karn anubhav kahalate hai. 

संचारी भावों की संख्या कितनी मानी गई है?

1. संचारी भावों की संख्या कितनी मानी गई है? 2. संचारी भावों की संख्या कितनी है? उत्तर - संचारी भावों की संख्या 33 मानी गई है । विस्तार से जानने के लिये नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें और जानें धन्यवाद! संचारी भाव की संख्या कितनी है?  Sanchari bhavon ki sankhya kitni mani gai hai? Sanchari bhavon ki sankhya 33 mani gai hai.

साये में धूप गजल के गजलकार कौन हैं?

1. साये में धूप गजल के गजलकार कौन हैं? उत्तर -  साये में धूप गजल के गजलकार दुष्यंत कुमार हैं।  saye mein dhup ke gazal kar kaun hai saye mein dhup ke gazal kar dushyant kumar hai.

भवानी प्रसाद मिश्र जी किस काव्यधारा से प्रभावित हैं?

1. भवानी प्रसाद मिश्र जी किस काव्यधारा से प्रभावित हैं? उत्तर - भवानी प्रसाद मिश्र जी प्रगतिवादी काव्यधारा से प्रभावित हैं।  Bhavani prasad mishra ji kis kavyadhara se prabhavit hai? Bhavani prasad mishra ji pragativadi kavyadhara se prabhavit hai.

नहीं परागु नहिं मधुर-मधु, नहिं.. बिहारी ने यह दोहा किस राजा के लिए लिखा था?

1. नहीं परागु नहिं मधुर-मधु, नहिं बिकासु इहिं काल।  अलि, कली ही सौं बंध्यौं, आगैं कौन हवाल।। बिहारी ने यह दोहा किस राजा के लिए लिखा था? उत्तर - बिहारी ने उपर्युक्त दोहा राजा जयसिंह के लिए लिखा था।  Nahin parag nahin madhur-madhu, nahi bikasu ihi kal.  Ali, kali hi saun bandhyaun, aagain kain hawal.  Bihari ne yah doha kis raja ke liye likha tha? Bihari ne uparyukta doha raja jaysinh ke liye likha tha.

घनानंद का सर्वाधिक प्रसिध्द ग्रंथ कौन सा है?

1. घनानंद का सर्वाधिक प्रसिध्द ग्रंथ कौन सा है? उत्तर - घनानंद का सर्वाधिक प्रसिध्द ग्रंथ सुजानहि त है।  Ghananand ka sarvadhik prasiddh granth kaun sa hai? Ghananand ka sarwadhik prasiddh granth Sujanhit hai.

आचार्य मम्मट ने काव्य की क्या परिभाषा दी है?

1. आचार्य मम्मट ने काव्य की क्या परिभाषा दी है? उत्तर - आचार्य मम्मट ने काव्य की परिभाषा इस प्रकार दी है - "तददोषौ शब्दार्थौ सगुणावंलंकृति पुनः क्वापि।" Acharya mammat ne kavya ki kya paribhasha di hai? Acharya mammat ne kavya ki paribhasha is prakar di hai - "Taddoshau shabdarthau sagunavanlankriti punah kvapi."

'उचितानुचित विवेकौ व्युत्पत्तिः' यह कथन किसका है?

1. ' उचितानुचित विवेकौ व्युत्पत्तिः ' यह कथन किसका है? उत्तर - 'उचितानुचित विवेकौ व्युत्पत्तिः' यह कथन राजशेखर का है।  'Uchitonuchit vivekau vyutpattih' yah kathan kiska hai? 'Uchitonuchit vivekau vyutpattih' yah kathan kiska hai. 

भरतमुनि ने रसों की संख्या कितनी मानी है ?

1. भरतमुनि ने रसों की संख्या कितनी मानी है ? उत्तर - भरतमुनि ने रसों की संख्या आठ मानी है।  यह प्रश्न इस प्रकार भी पूछे जा सकते हैं! 2. आचार्य भरत ने रसों की संख्या कितनी मानी है? उत्तर - आचार्य भरत ने रसों की संख्या आठ (8) मानी है।  Bharat Muni ne raso ki sankhya kitni mani hai? Bharat Muni ne raso ki sankhya Aath mani hai.

'रस रहस्य' नामक रीतिग्रंथ के रचियता कौन हैं?

1. 'रस रहस्य' नामक रीतिग्रंथ के रचियता कौन हैं? उत्तर - 'रस रहस्य' नामक रीतिग्रंन्थ के रचियता कुलपति मिश्र हैं।  'Ras rahasya' naamak ritigranth ke rachiyta kaun hai? 'Ras rahasya' namak ritigranth ke rachiyta kulpati mishra hai.

काव्य अलंकार किसकी रचना है?

1. काव्यालंकार किसकी रचना है?  उत्तर - 1. काव्यालंकार आचार्य भामह की रचना है जो की 7 वीं शताब्दी के कवि हैं।  इसके अलावा रुद्रट ने भी काव्यालंकार नामक काव्य की रचना की थी जो की 9 वीं शताब्दी के कवि हैं और कश्मीर के रहने वाले थे।  अन्य की पॉइंट जिनपर हमें ध्यान देना चाहिए -  प्रश्न पर  इस प्रश्न के उत्तर को लेकर बहुत से कन्फ्यूजन होते हैं इस प्रश्न का उत्तर यही है। अन्य पश्न जो मैंने निचे दिया है उसका उत्तर वामन है।  अथवा  2. 'काव्यालंकार सूत्रवृत्ति' के रचयिता आचार्य का नाम बताइए? अथवा  3. 'काव्यालंकार सूत्र' किस आचार्य की रचना है?  उत्तर - 2. काव्यालंकार सूत्रवृत्ति के रचयिता का नाम आचार्य वामन है।  3. 'काव्यालंकार सूत्र' आचार्य वामन की रचना है।  'Kavyalankara sutra vritti' ke rachiyata acharya ka naam bataiye? 'Kavyalankara sutra vritti' ke rachiyata acharya ka naam acharya vaman hai.

पाश्चात्य काव्यशास्त्री बूचर ने तादात्म्य की स्थिति किसमें मानी है?

1. पाश्चात्य काव्यशास्त्री बूचर ने तादात्म्य की स्थिति किसमें मानी है? उत्तर - पाश्चात्य काव्यशास्त्री बूचर ने तादात्म्य की स्थिति सहृदय में मानी है।  Pashchatya kavyashastra bucher ne tadaatmya ki sthiti kisme mani hai? Pashchatya kavyashastra bucher ne tadaatmya ki sthiti sahriday me mani hai.

भारतीय काव्यशास्त्र में रस निष्पत्ति के प्रसंग में साधारणीकरण की स्थापना किसने की?

1. भारतीय काव्यशास्त्र में रस निष्पत्ति के प्रसंग में साधारणीकरण की स्थापना किसने की? उत्तर - भारतीय काव्यशास्त्र में रस निष्पत्ति के प्रसंग में साधारणीकरण की स्थापना भट्ट नायक ने की।  मिलते प्रश्न! 2. साधारणीकरण सिद्धांत के आविष्कर्ता कौन हैं? उत्तर - साधारणीकरण  सिद्धांत के आविष्कर्ता भट्ट नायक हैं।  Bhartiya kavyashastra me ras nishpatti ke prasang me sadharanikaran ki sthapna kisne ki? Bhartiya kavyashastra me ras nishpatti ke prasang me sadharanikaran ki sthapna Bhatt nayak ne ki.

आचार्य विश्वनाथ ने व्यभिचारी भावों की संख्या कितनी मानी है?

1. आचार्य विश्वनाथ ने व्यभिचारी भावों की संख्या कितनी मानी है? उत्तर - आचार्य विश्वनाथ ने व्यभिचारी भावों की संख्या तैंतीस (33) मानी है।  Acharya vishwanath ne vyabhichari bhavo ki sankhya kitni mani hai? Acharya vishwanath ne vyabhichari bhavo ki sankhya taitish (33) mani hai.

आचार्य मम्मट ने रसों के कितने स्थायी भाव माने हैं?

1. आचार्य मम्मट ने रसों के कितने स्थायी भाव माने हैं? उत्तर - आचार्य मम्मट ने रसों के आठ स्थायी भाव माने हैं।   Acharya mammat ne raso ke kitne sthai bhav mane hai? Acharya mammat ne raso ke aath sthai bhav mane hai.

आचार्य भरतमुनि ने रस के कितने अंग माने हैं?

1. आचार्य भरतमुनि ने रस के कितने अंग माने हैं? उत्तर - आचार्य भरतमुनि ने रस के तीन अंग माने हैं।  Acharya bharat muni ne ras ke kitne ang mane hai? Acharya bharat muni ne ras ke teen ang mane hai.

भरतमुनि के रस-सूत्र की व्याख्या में अनुमितिवाद किसका सिद्धांत है?

1. भरतमुनि के रस-सूत्र की व्याख्या में अनुमितिवाद किसका सिद्धांत है? उत्तर - भरतमुनि के रस-सूत्र की व्याख्या में अनुमितिवाद श्री शंकुक का सिद्धांत है।  Bharatmuni ke ras-sutra ki vyakhya me anumitivad kiska siddhant hai? Bharatmuni ke ras-sutra ki vyakhya me anumitivad shri shankuk ka siddhant hai.

विभावानुभाव व्यभिचारी संयोगाद रस निष्पत्तिः यह रस-सूत्र किसका है?

 1. विभावानुभाव व्यभिचारी संयोगाद रस निष्पत्तिः यह रस-सूत्र किसका है? उत्तर - विभावानुभाव व्यभिचारी संयोगाद रस निष्पत्तिः यह रस -सूत्र भरतमुनि का है। vibhav anubhav aur vyabhichari bhav ke sahyog se ras ki nishpatti hoti hai yah kiska sutra hai Vibhav anubhav vyabhichari sanyogad rasanishpatti yah ras-sutra Bharatmuni ka hai. इसी से मिलते जुलते अन्य प्रश्न जिन पर क्लिक करके आप उनका उत्तर जान सकते हैं - 'विभावानुभाव व्यभिचारी संयोगाद्रस निष्पतिः' किस आचार्य कथन है? विभावानुभाव व्यभिचारी संयोगाद रस निष्पत्तिः यह रस-सूत्र किसका है? रस सूत्र लिखिए? इकाई 1. भारतीय काव्यशास्त्र अति लघु उत्तरीय प्रश्न  संस्कृत काव्यशास्त्र के अनुसार रस के स्वरूप पर विचार कीजिए।  रस निष्पत्ति पर प्रकाश डालिए। भरतमुनि कौन हैं - Bharatmuni kaun hai?  इकाई 1 : भारतीय काव्यशास्त्र साहित्य के सिद्धांत तथा आलोचना शास्त्र  भरतमुनि द्वारा प्रतिपादित रस सूत्र दीजिये। 

भारतीय काव्यशास्त्र के किस सिद्धांत को सबसे अधिक महत्व प्राप्त हुआ है?

1. भारतीय काव्यशास्त्र के किस सिद्धांत को सबसे अधिक महत्व प्राप्त हुआ है? उत्तर - भारतीय काव्यशास्त्र के वक्रोक्ति सिद्धांत को सबसे अधिक महत्व प्राप्त हुआ है। Bhartiya kavyshastra ke kis siddhant ko sabse adhik mahatva prapt hua hai? Bhartiya kavyshastra ke Vakrokti siddhant ko sabse adhik mahatva prapt hua hai.

उपरूपक के कितने भेद होते हैं नाम लिखिए।

1. उपरूपक के कितने भेद होते हैं नाम लिखिए।  उत्तर - उपरूपक के अठ्ठारह भेद होते हैं जो की इस प्रकार हैं - (1) नाटिका, (2) त्रोटक, (3) गोष्ठी, (4) सट्टक, (5) नाटयरासक, (6) प्रस्थानक, (7) जल्लाप्य, (8) काव्य, (9) प्रेंखण, (10) रासक, (11) संलापक, (12) श्रीगदित (श्रीरासिका,) (13) शिल्पक, (14)विलासिका, (15) दुर्मल्लिका, (16) प्रकर- णिका । (17) हल्लीश, (18) भाणिका । Uprupak ke kitne bhed hote hai?

धनिक और धनंजय ने रूपक के कितने भेद माने हैं?

1. धनिक और धनंजय ने रूपक के कितने भेद माने हैं? उत्तर - धनिक और धनंजय ने रूपक के दस भेद माने हैं।   Dhanik aur dhananjay ne rupak ke kitne bhed mane hai? Dhanik aur dhananjay ne rupak ke das bhed mane hai.

संस्कृत के काव्यशास्त्रीयों के अनुसार काव्य के कौन-कौन से भेद हैं?

1. संस्कृत के काव्यशास्त्रीयों के अनुसार काव्य के कौन-कौन से भेद हैं? उत्तर - संस्कृत के काव्यशास्त्रियों के अनुसार काव्य के तीन भेद इस प्रकार हैं- महाकाव्य  खंडकाव्य चम्पू।   Sanskrit ke kavyashastriyon ke anusar kavya ke kaun-kaun se bhed hai? Sanskrit ke kavyashastriyon ke anusar kavya ke teen bhed is prakar hai- Mahakavya Khandkavya Champu.

ऊँच नीच अरु कर्म बस चलो जात संसार काव्य प्रयोजन किस आचार्य के हैं?

1. निम्नलिखित काव्य प्रयोजन किस आचार्य के हैं? ऊँच नीच अरु कर्म बस चलो जात संसार।  रहत भव्य भगवंत जस, नव्य काव्य सुखसार।। उत्तर - उपर्युक्त काव्य प्रयोजन देव का है।  Nimnlikhit kavya pryojan kis acharya ke hai? Unch nich aru karm bas chlo jat sansar. Rahat bhavya bhagvant jas, navya kavya sukhsar. Uparyukta kavya pryojan dev ka hai.

आचार्य वामन ने काव्य के कौन-से दो प्रयोजन माने हैं?

1. आचार्य वामन ने काव्य के कौन-से दो प्रयोजन माने हैं? उत्तर - आचार्य वामन ने काव्य के दो प्रयोजन कीर्ति और रीति माने हैं।   Acharya vaman ne kavya ke kaun-se do prayojan mane hai?  Acharya vaman ne kavya ke do prayojan Kiri aur reeti mane hai.

अभिनवगुप्त ने प्रतिभा के कितने प्रकार माने हैं?

1. अभिनवगुप्त ने प्रतिभा के कितने प्रकार माने हैं? उत्तर - अभिनवगुप्त ने प्रतिभा के दो प्रकार माने हैं।   Abhinavgupta ne pratibha ke kitne prakar mane hai? Abhinavgupta ne pratibha ke do prakar mane hai.

भामह ने काव्य के जो हेतु माने हैं, वह कौन-कौन से है?

1. भामह ने काव्य के जो हेतु माने हैं, वह कौन-कौन से है? उत्तर - भामह ने काव्य के तीन हेतु माने हैं, वह इस प्रकार हैं - प्रतिभा व्युत्पत्ति  अभ्यास   Bhamah ne kavya ke jo hetu mane hai, wah kaun-kaun se hai? Bhamah ne kavya ke teen hetu mane hai jo ki is prakar hai Pratibha Vyutpatti Abhyas

शब्दार्थौ सहितौ वक्र कवि व्यापार शालिनि। बन्धे व्यवस्थितौ काव्यं तद्दाह्लाद कारिणि।। यह काव्य लक्षण किस आचार्य का है?

1. शब्दार्थौ सहितौ वक्र कवि व्यापार शालिनि। बन्धे व्यवस्थितौ काव्यं तद्दाह्लाद कारिणि।। यह काव्य लक्षण किस आचार्य का है? उत्तर - शब्दार्थौ सहितौ वक्र कवि व्यापार शालिनि। बन्धे व्यवस्थितौ काव्यं तद्दाह्लाद कारिणि।। यह काव्य लक्षण आचार्य कुंतक का है।  Shabdartho sahito vakra kavi vyapar shalini, bandhaye vyavasthitau kavyam tattahlad karini yah kavya lakshan kis aacharya ka hai? Shabdartho sahito vakra kavi vyapar shalini, bandhaye vyavasthitau kavyam tattahlad karini yah kavya lakshan aacharya Kuntak ka hai. साहित्य के सिद्धांत तथा आलोचना शास्त्र  भारतीय काव्यशास्त्र अति लघु उत्तरीय प्रश्न  राजशेखर के अनुसार काव्यशास्त्र के प्रथम आचार्य कौन थे? भरतमुनि के अनन्त्तर काव्यशास्त्र के किस आचार्य का नाम लिया जाता है? आचार्य भामह ने किस ग्रन्थ की रचना की? 'काव्य शोभाकरान धर्मान अलंकरान प्रचक्षते' किस आचार्य की उक्ति है? ' शब्दार्थौ सहितौ काव्यम' किस आचार्य की उक्ती है? 'अलंकार सार संग्रह' किसकी रचना है? आचार्य रुद्रट ने किस काव्यशास्त्रीय ग्रंथ की रचना की? ऐसे कौन-से...

'ननु शब्दार्थौ काव्यम' यह कथन किसका है?

1. ' ननु शब्दार्थौ काव्यम ' यह कथन किसका है? उत्तर - 'ननु शब्दार्थौ काव्यम' यह कथन रुद्रट का है।  ' Nanu shbdarthau kavyam ' yah kathan kiska hai? 'Nanu shbdarthau kavyam' yah kathan Rudrat hai?

'ध्वन्यालोक' किस आचार्य की रचना है?

1. ' ध्वन्यालोक ' किस आचार्य की रचना है? उत्तर - 'ध्वन्यालोक' आचार्य आनंदवर्धन की रचना है।    'Dhvanyalok ' kis acharya ki rachna hai? 'Dhvanyalok' Acharya Abhinav gupt ki rachna hai.

'अंगी करोति यः काव्यं शब्दार्थावनलंकृतीः। असौ न मन्यते कास्मादनुष्यमनलंकृतिः।।' यह किस आचार्य का कथन है?

1. ' अंगी करोति यः काव्यं शब्दार्थावनलंकृतीः। असौ न मन्यते कास्मादनुष्यमनलंकृतिः ।।' यह किस आचार्य का कथन है? उत्तर - 'अंगी करोति यः काव्यं शब्दार्थावनलंकृतीः। असौ न मन्यते कास्मादनुष्यमनलंकृतिः।।' यह आचार्य जयदेव का कथन है।  ' Angi karoti yah kavyan shabdarthavanlankriteeh, asau na manyate kasmadnushyamanalankritih .' yah kis acharya ka kathan hai? 'Angi karoti yah kavyan shabdarthavanlankriteeh, asau na manyate kasmadnushyamanalankritih.' yah acharya Jaydev ka kathan hai?

'तददोषौ शब्दार्थौ सगुणावंलंकृती पुनः क्वापि' किस आचार्य का कथन है?

1. ' तददोषौ शब्दार्थौ सगुणावंलंकृती पुनः क्वापि ' किस आचार्य का कथन है?  उत्तर - 'तददोषौ शब्दार्थौ सगुणावंलंकृती पुनः क्वापि' आचार्य मम्मट का कथन है।  ' Taddoshav shabdarthau sagunavanlankritee punah kvapi ' kis acharya ka kathan hai? 'Taddoshav shabdharthau sagunavanlankritee punah kvapi' Acharya mammat ka kathan hai.

'काव्यस्यातमा ध्वनिरीति बुधैर्यः समामनात पूर्वः' यह किस आचार्य का कथन है?

1. ' काव्यस्यातमा ध्वनिरीति बुधैर्यः समामनात पूर्वः ' यह किस आचार्य का कथन है? उत्तर - 'काव्यस्यातमा ध्वनिरीति बुधैर्यः समामनात पूर्वः' यह आचार्य आनंदवर्धन का कथन है।  ' Kvyasyatma dhvanireeti budhairyah smamnat purvah ' yah kis aacharya ka kathan hai? 'Kvyasyatma dhvanireeti budhairyah smamnat purvah' yah aacharya Anandwardhan ka kathan hai.

'न कान्तमपि निभूर्ष विभाति वनितामुखम' किस आचार्य का कथन है?

1. ' न कान्तमपि निभूर्ष विभाति वनितामुखम ' किस आचार्य का कथन है? उत्तर - 'न कान्तमपि निभूर्ष विभाति वनितामुखम' आचार्य भामह का कथन है।  ' Na kantampi nibhursh vibhati vanitamukham ' kis acharya ka kathan hai? 'Na kantampi nibhursh vibhati vanitamukham' acharya Bhamah ka kathan hai.   साहित्य के सिद्धांत तथा आलोचना शास्त्र  भारतीय काव्यशास्त्र अति लघु उत्तरीय प्रश्न  राजशेखर के अनुसार काव्यशास्त्र के प्रथम आचार्य कौन थे? भरतमुनि के अनन्त्तर काव्यशास्त्र के किस आचार्य का नाम लिया जाता है? आचार्य भामह ने किस ग्रन्थ की रचना की? 'काव्य शोभाकरान धर्मान अलंकरान प्रचक्षते' किस आचार्य की उक्ति है? ' शब्दार्थौ सहितौ काव्यम' किस आचार्य की उक्ती है? 'अलंकार सार संग्रह' किसकी रचना है? आचार्य रुद्रट ने किस काव्यशास्त्रीय ग्रंथ की रचना की? ऐसे कौन-से दो आचार्य हैं, जिन्होंने एक ही नाम से दो लक्षण-ग्रंथ की रचना की ? आचार्य आनंदवर्धन ने किस लक्षण-ग्रंथ की रचना की? व्यक्ति-विवेक की रचना किसने की? आचार्य रुय्यक के लक्षण-ग्रंथ का नाम क्या है? काव्य क...