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Showing posts from October, 2020

Bihari Satsai Sampadak Jagannath Das Ratnakar 50 Dohe Hindi Sahitya part two

हिंदी साहित्य- बिहारी रत्नाकर -सतसई  बिहारी रत्नाकर के दोहे सम्पादक - जगन्नाथ दास रत्नाकर   Bihari Satsai Sampadak Jagannath Das Ratnakar 50 Dohe Hindi Sahitya part one दीरघ साँस न लेहि दुख, सुख साईहिं न भूलि।  दई दई क्यौं करतु है, दई दई सु क़बूलि।।51।। बैठि रही अति सघन बन, पैठि सदन-तन माँह।  देखि दुपहरी जेठ की छाँहौं चाहति छाँह।।52।। हा हा! बदनु उघारि, दृग सफल करैं सबु कोइ।  रोज सरोजनु कैं परै, हँसी ससी की होइ।।53।। होमति सुखु, करि कामना तुमहिं मिलन की, लाल।  ज्वालामुखी सी जरति लखि लगनि-अगनि की ज्वाला।।54।। सायक-सम मायक नयन, रँगे त्रिबिध रँग गात।  झखौ बिलखि दूरि जात जल, लखि जलजात लजात।।55।। मरी डरी कि टरई बिथा, कहा खरी, चलि चाहि।  रही कराहि कराहि अति, अब मुँह आहि न आहि।।56।। कहा भयौ, जौ बीछुरे, मो मनु तोमन-साथ।  उड़ी जाउ कित हूँ, तऊ गुड़ी उड़ाइक हाथ।।57।। लखि लोन लोइननु कैं, कौइनु, होई न आजु।  कौन गरीबु निवाजिबौ, कित तूठ्यौं रातिराजु।।58।। सीतलताउरू सुबास कौ घटे न महिमा-मूरु।  पीनस वारैं जौ तज्यौ सोरा जानि कपूरु।।59।। कागद पर लिखत...

Bihari Satsai Sampadak Jagannath Das Ratnakar 50 Dohe Hindi Sahitya

Bihari Satsai  Sampadak - Jagannath Das Ratnakar बिहारी-रत्नाकर सतसई  सम्पादक जगन्नाथ दास रत्नाकर  दोहे Bihari Satsai Sampadak Jagannath Das Ratnakar 50 Dohe Hindi Sahitya part two मेरी भव बाधा हरौ, राधा नागरी सोइ। जा तन की झाँई परैं स्यामु हरित-दुति होइ।। 1 ।। अपने अंग के जानि कै जोबन-नृपति प्रबीन। स्तन, मन, नैन, नितम्ब की बड़ौ इजाफा कीन।। 2 ।। अर तैं टरत न बर-परे, दई मरक मनु मैन। होड़ाहोडी बढि चले चितु, चतुराई, नैन।। 3 ।। औरें-ओप कनीनिकनु गनी घनी-सिरताज। मनीं धनी के नेह की बनीं छनीं पट लाज।। 4 ।। सनि-कज्जल चख-झख-लगन उपज्यौ सुदिन सनेहु। क्यौं न नृपति ह्वै भोगवै लहि सुदेसु सबु देहु।। 5 ।। सालति है नटसाल सी, क्यौं हूँ निकसति नाँहि। मनमथ-नेजा-नोक सी खुभी खुभी जिय माँहि।। 6 ।। जुवति जोन्ह मैं मिलि गई, नैन न होति लखाइ। सौंधे कैं डोरैं लगी अली चली सँग जाइ।। 7 ।। हौं रीझी, लखि रीझिहौ छबिहिं छबीले लाल। सोनजुही सी होवति दुति-मिलत मालती माल।। 8 ।। बहके, सब जिय की कहत, ठौरु कुठौरु लखैं न। छिन औरे, छिन और से, ए छबि छाके नैन।। 9 ।। फिरि फिरि चितु उत हीं रहतु, टुटी लाज की लाव। अंग-अंग-छ...

सर्वनाम के प्रश्न - Sarvanam ke prashna uttar Hindi Grammar

 13.1  सर्वनाम के प्रश्न : Pronoun Q&A दोस्तों पिछले पोस्ट में हमने जाना था सर्वनाम के बारे में इस पोस्ट में हम सर्वनाम के प्रश्न उत्तर के बारे में जानेंगे जो की ज्यादातर पूछे जाते हैं। किसी भी स्कुल वाली परीक्षाओं में, कम्पीटिशन परीक्षाओं में यदि आप कम्पीटिशन परीक्षाओं की तैयारी कर रहें हैं तो ब्लॉग को सब्स्क्राइब जरूर करें।  ताकि जो हम समान्य ज्ञान GK IN HINDI से रिलेटेड जानकारी शेयर करते हैं आपको हमेशा मिलती रहे।  सर्वनाम प्रश्न  Sarvnam ke Prashna uttar (A.)  सर्वनाम के प्रश्न  1. सर्वनाम किन शब्दों के स्थान पर प्रयोग किया जाता है? उत्तर- सर्वनाम संज्ञा शब्दों के स्थान पर प्रयोग किया जाता है।  2. 'श्रोता' के लिए किस सर्वनाम का प्रयोग होता है? उत्तर- श्रोता के लिए पुरुषवाचक सर्वनाम के तीसरे प्रकार उत्तम पुरुष का प्रयोग किया जाता है। (B.)  सर्वनाम के दो से तीन वाक्य वाले प्रश्न  उत्तर 1. सर्वनाम किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। उत्तर -  ऐस...

प्रगतिवाद का दर्शन किससे प्रभावित है?

 1. प्रगतिवाद का दर्शन किससे प्रभावित है? उत्तर प्रगतिवाद का दर्शन मार्क्सवाद से प्रभावित है. Pragativad ka darshan kis se prabhavit hai? Pragativad ka darshan marksvad se prabhavit hai.

बादल को घिरते देखा है कविता के रचनाकार कौन हैं?

 1. बादल को घिरते देखा है कविता के रचनाकार कौन हैं? उत्तर- बादल को घिरते देखा है कविता के रचनाकार नागार्जुन हैं. Badal Ko ghirte dekha hai Kavita ke rachnakar kaun hai? Badal Ko ghirte dekha hai Kavita ke rachnakar nagarjun hai.

दूसरा तार सप्तक का प्रकाशन वर्ष लिखिए?

1. दूसरा तार सप्तक का प्रकाशन वर्ष लिखिए? 2. दूसरा सप्तक का प्रकाशन वर्ष है उत्तर- दूसरा तार सप्तक का प्रकाशन वर्ष 1951 में हुआ था. Detail Solution दूसरा सप्तक अज्ञेय द्वारा प्रकाशित कराया गया तार सप्तक का दूसरा भाग है यह एक काव्य संग्रह है जिसमें सात कवियों द्वारा लिखी गयी कविताओं का संग्रह है।  तारसप्तक को नयी कविता के शुरुआत के तौर पर अज्ञेय द्वारा 1943 ई. में प्रकाशित किया गया था।  तारसप्तक के कुल चार भाग प्रकाशित हुए थे जिसके तीन भागों को स्वयं अज्ञेय ने प्रकाशित किया था। बाद में चौथे भाग का प्रकाशन नामवर सिंह ने किया था।  चारो सप्तक के प्रकाशन वर्ष निम्न अनुसार हैं - प्रथम सप्तक (सन 1943) दुसरा सप्तक (सन 1949) तीसरा सप्तक (सन 1959) चौथा सप्तक (सन 1979) dusra saptak ka prakashan varsh hai Dusra tar saptak ka Prakashan varsh likhiye? Dusra tar saptak ka Prakashan varsh 1951 main hua tha.

युग धारा काव्य संग्रह के कवि का नाम लिखिए?

 1. युग धारा काव्य संग्रह के कवि का नाम लिखिए? उत्तर- युग धारा काव्य संग्रह के कवि का नाम नागार्जुन है. yugdhara Kavya sangrah ke kavi ka naam likhiye? Uttar- yugdhara Kavya sangrah ke kavi ka naam nagarjun hai.

किस कवि की पंक्तियों ने राजा जयसिंह की आंखें खोल दी?

 1. किस कवि की पंक्तियों ने राजा जयसिंह की आंखें खोल दी? उत्तर- कवि बिहारी की पंक्तियों ने राजा जयसिंह की आंखें खोल दी. Kis Kavi ki panktiyon ne Raja jaisingh ki Aankhen khol di? Bihari Kavi ki panktiyan ne Raja jaisingh ki Aankhen khol di

केशव को गुरु के रूप में सम्मान देने वाले ओरछा नरेश का नाम क्या था?

 1. केशव को गुरु के रूप में सम्मान देने वाले ओरछा नरेश का नाम क्या था? उत्तर- केशव को गुरु के रूप में सम्मान देने वाले ओरछा नरेश का नाम इंद्रजीत सिंह था. Keshav ko Guru ke roop mein Samman Dene Wale Orchha Naresh ka naam kya tha? Keshav ko Guru ke roop mein Samman Dene Wale Orchha Naresh ka naam Indrajeet Singh tha.

अष्टछाप की स्थापना किसके द्वारा की गई थी?

 1. अष्टछाप की स्थापना किसके द्वारा की गई थी? उत्तर- अष्टछाप की स्थापना विट्ठल नाथद्वारा की गई थी. Ashtchhap ki sthapna kiske dwara ki Gai thi? Ashtachhap ki sthapna vitthalnath dwara ki Gai thi.

किस कवि ने कुष्ठ रोग से मुक्ति पाने के लिए गंगा लहरी नामक ग्रंथ की रचना की

 1. किस कवि ने कुष्ठ रोग से मुक्ति पाने के लिए गंगा लहरी नामक ग्रंथ की रचना की? उत्तर- पद्माकर कवि ने कुष्ठ रोग से मुक्ति पाने के लिए गंगा लहरी नामक ग्रंथ की रचना की. Kis Kavi ne kusht Rog se Mukti pane ke liye ye ganga lahari namak Granth ki Rachna ki

सूरदास के काव्य में कौन सा रस प्रमुख है?

 78.  सूरदास के काव्य में कौन सा रस प्रमुख है?  अथवा  सूरदास के काव्य में किन रसों प्रमुखता है? उत्तर- सूरदास के काव्य में वात्सल्य रस प्रमुख है. दूरदास के काव्य में श्रृंगार एवं वात्सल्य रस की प्रमुखता है, वह इन रसों के सम्राट कहे जाते हैं।  Surdas ke Kavya mein kaun sa Ras Pramukh hai? Uttar- Surdas ke Kavya mein vatsalya Ras Pramukh hai.  इकाई 3. पूर्व मध्यकाल (भक्तिकाल) इकाई 3. अति लघु उत्तरीय प्रश्न आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने भक्तिकाल की समय सीमा क्या मानी है? डॉ. नगेन्द्र ने भक्तिकाल की समय सीमा क्या मानी है? आचार्य शुक्ल ने भक्ति आंदोलन के उदय का कौन-सा प्रमुख कारण माना है? आलवार भक्तों का मूल स्थान कहाँ था? आलवार भक्तों की संख्या कितनी मानी गई है? आलवार भक्त मूलतः किसको कहा जाता है? भक्ति भावना का मूल स्त्रोत भारत के किस भाग में माना गया है? इनमें से कौन-सा कथन असत्य है? अद्वैत वेदांत का प्रचार किसने किया? तीन अलवार भक्तों के नाम लिखिए? 'दिव्य प्रबंधम' किसके पदों का संकलन है? आलवार भक्तों के पद किस भाषा में हैं? कबीर काव्य में उपलब्ध कुण्डलिनी योग के ...

पद्माकर की सबसे सुंदर एवं उत्तम रचना कौन सी है?

 1. पद्माकर की सबसे सुंदर एवं उत्तम रचना कौन सी है? उत्तर- पद्माकर की सबसे सुंदर एवं उत्तम रचना का नाम गंगा लहरी है.  Padmakar ki sabse sundar awm Uttam Rachna kaun si hai? Padmakar ki sabse sundar awm Uttam Rachna Ganga Lahari hai.

हिंदी काव्य में भ्रमरगीत परंपरा का आरंभ करने वाले कवि का नाम क्या है?

1. हिंदी काव्य में भ्रमरगीत परंपरा का आरंभ करने वाले कवि का नाम क्या है? उत्तर- हिंदी काव्य परंपरा में भ्रमरगीत परंपरा का आरंभ करने वाले कवि का नाम सूरदास है|  Hindi Kavya Mein bhramar geet Parampara ka Aarambh Karne Wale Kavi ka naam kya hai? Hindi Kavya mein Bhramar geet parampara ka aarambh Karne Wale Kavi ka naam Surdas hai.

बिनु गुपाल बैरिन भई कुंजै में कौन सा श्रृंगार है

 1. बिनु गुपाल बैरिन भई कुंजै में कौन सा श्रृंगार है? उत्तर- बिनु गुपाल बैरिन भई कुंजै में विप्रलम्भ श्रृंगार है। Binu gupal bairin bhai kunjai mein kaun sa shringar hai? Binu goopal bairin bhai kunjai mein Vipralambh shringar hai

किस कवि को कठिन काव्य का प्रेत कहा जाता है?

 1. किस कवि को कठिन काव्य का प्रेत कहा जाता है? उत्तर-  केशवदास को कठिन काव्य का प्रेत कहा जाता है। अथवा  2. 'कठिन काव्य का प्रेत' किस कवि को कहते हैं ? उत्तर - कवि केशव को कठिन काव्य का प्रेत कहते हैं।  Kis Kavi ko kathin Kavya ka pret Kaha jata hai? Keshav Das ko kathin Kavya ka Pret Kaha jata hai

मात्र एक ग्रन्थ रचकर हिंदी साहित्य में अमर होने वाले रीतिकालीन कवि का क्या नाम है?

 1. मात्र एक ग्रन्थ रचकर हिंदी साहित्य में अमर होने वाले रीतिकालीन कवि का क्या नाम है? उत्तर- मात्र एक ग्रन्थ रचकर हिंदी साहित्य में अमर होने वाले रीतिकालीन कवि का नाम बिहारी है। Matra ek granth rachkar hindi sahitya mein amar hone vale ritikalin kavi ka kya nam hai? Bihari ne matra ek granth likhkar hindi sahitya mein khyati prapt kiya hai.

लोग हैं लागि कवित्त बनावत, मोहि तो मेरे कवित्त बनावत किस कवि की पंक्तियाँ हैं?

 1. लोग हैं लागि कवित्त बनावत, मोहि तो मेरे कवित्त बनावत किस कवि की पंक्तियाँ हैं? उत्तर- लोग हैं लागि कवित्त बनावत, मोहि तो मेरे कवित्त बनावत कवि घनानन्द की पंक्तियाँ हैं। Log hai lagi kavita banavat mohi to mere kavitt banavat kis kavi ki panktiyan hain? Uttar- Log hai lagi kavita banavat mohi to mere kavitt banavat kavi Ghananand ki panktiyan hain.

रीतिकाल में किस ग्रन्थ की पचासों टीकाएँ रची गई?

 1. रीतिकाल में किस ग्रन्थ की पचासों टीकाएँ रची गई? उत्तर- रीतिकाल में बिहारी सतसई ग्रन्थ की पचासों टीकाएँ रची गई। Ritikal mein kis Granth ki pachason tikayen Rachi gai Uttr- Ritikal mein Bihari satsai Granth ki pachason tikayen Rachi gai

रीतिकाल में श्रृंगार की धारा को वीररस की ओर मोड़ने का श्रेय किस कवि को जाता है?

 Ritikal Mein Shringar ki dhara ko Veer Ras ki or Modne ka Shreya kis Kavi ko jata hai. 1. रीतिकाल में श्रृंगार की धारा को वीररस की ओर मोड़ने का श्रेय किस कवि को जाता है? उत्तर- रीतिकाल में श्रृंगार की धारा को वीररस की ओर मोड़ने का श्रेय भूषण कवि को जाता है।

रीतिकाल का अंतिम श्रेष्ठ कवि प्रकृति प्रेमी कवि किसे माना जाता है?

 1. रीतिकाल का अंतिम श्रेष्ठ कवि प्रकृति प्रेमी कवि किसे माना जाता है? उत्तर- रीतिकाल का अंतिम श्रेष्ठ कवि प्रकृति प्रेमी कवि द्विजदेव (1820-1861) को माना जाता है।

निम्बार्क सम्प्रदाय में किस भक्ति को श्रेष्ठ माना गया है?

 1. निम्बार्क सम्प्रदाय में किस भक्ति को श्रेष्ठ माना गया है? उत्तर- निम्बार्क सम्प्रदाय में कृष्ण भक्ति को श्रेष्ठ माना गया है।

वात्सल्य और श्रृंगार के क्षेत्र में जितना अधिक उद्घाटन सुर ने बन्द आँखों से किया है, उतना किसी और कवि ने नहीं किया। सूर इस क्षेत्र का कोना कोना झाँक आए हैं। यह कथन किसका है?

 1. "वात्सल्य और श्रृंगार के क्षेत्र में जितना अधिक उद्घाटन सुर ने बन्द आँखों से किया है, उतना किसी और कवि ने नहीं किया। सूर इस क्षेत्र का कोना कोना झाँक आए हैं।" यह कथन किसका है? उत्तर- उपर्युक्त कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का है।

कविता करके तुलसी न लसे कविता पा लसि तुलसी की कला कथन किसका है??

 1. कविता करके तुलसी न लसे कविता पा लसि तुलसी की कला कथन किसका है? उत्तर- "कविता करके तुलसी न लसे कविता पा लसि तुलसी की कला" उपर्युक्त कथन अयोध्या सिंह उपाध्याय का है। "Kavita karke tulsi na lase Kavita pa lasi tulsi ki kala" uparyukt kathan kiska hai? Ayodhya sinh Upadhyay.

केशवदास ने रामचन्द्रिका की रचना किस कवि की प्रतिस्पर्धा में की?

 1. केशवदास ने रामचन्द्रिका की रचना किस कवि की प्रतिस्पर्धा में की? उत्तर- केशवदास ने रामचन्द्रिका की रचना कवि गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिस्पर्धा में की थी। मिलते प्रश्न! 2. 'रामचंद्रिका' किस आचार्य की रचना है? उत्तर - रामचंद्रिका आचार्य केशवदास की रचना है। 

पण्डित राहुल सांकृत्यायन किसे दुनिया का श्रेष्ठ धर्म स्वीकार करते हैं?

 1. पण्डित राहुल सांकृत्यायन किसे दुनिया का श्रेष्ठ धर्म स्वीकार करते हैं? उत्तर- पण्डित राहुल सांकृत्यायन ने घुम्मकड़ धर्म को दुनिया का श्रेष्ठ धर्म स्वीकार किया है।

छायावाद के चार स्तम्भ के नाम क्या क्या हैं?

 1. छायावाद के चार स्तम्भ के नाम क्या क्या हैं? उत्तर- छायावाद के चार स्तम्भ के रूप में इन कवियों के नाम इस प्रकार है- जयशंकर प्रसाद सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला महादेवी वर्मा सुमित्रानन्दन पंत

भारतेंदु युगीन साहित्य के संदर्भ में डॉ. रामविलास शर्मा ने क्या कहा है?

 1. भारतेंदु युगीन साहित्य के संदर्भ में डॉ. रामविलास शर्मा ने क्या कहा है? उत्तर- भारतेंदु युगीन साहित्य के संदर्भ में डॉ. रामविलास शर्मा ने कहा है- "भारतेंदु युग का साहित्य जनवादी इस अर्थ में है कि वह भारतीय समाज में पुराने ढाँचे से संतुष्ट न होकर उसमें सुधार भी चाहता है।"

सिंहासन बत्तीसी एवं बेताल पच्चीसी किसकी रचनाएं हैं?

 1. सिंहासन बत्तीसी एवं बेताल पच्चीसी किसकी रचनाएं हैं? उत्तर- सिंहासन बत्तीसी एवं बेताल पच्चीसी लल्लू लाल की रचनाएं हैं।

अंग्रेजों ने किसे सितारे हिन्द की उपाधि से सम्मानित किया था?

 1. अंग्रेजों ने किसे सितारे हिन्द की उपाधि से सम्मानित किया था? उत्तर- अंग्रेजों ने शिव प्रसाद सिंह को सितारे हिन्द की उपाधि से सम्मानित किया था।

रीतिकालीन कौन कवि अपनी कुंडलियों के लिए विख्यात रहे हैं?

 1. रीतिकालीन कौन कवि अपनी कुंडलियों के लिए विख्यात रहे हैं? उत्तर- रीतिकालीन कवि गिरधर कविराय अपनी कुंडलियों के लिए विख्यात रहे हैं।

चौरासी वैष्णव की वार्ता किसने लिखी?

 1. "चौरासी वैष्णव की वार्ता" किसने लिखी? उत्तर- चौरासी वैष्णव की वार्ता "नाभादास" ने लिखी है। Chaurasi vaishnav ki varta kisne likhi?  Chaurasi vaishnav ki varta Nabhadas ne likhi hai.

देखने में छोटे लागै, घाव करै गम्भीर किसकी कविता के संदर्भ में कहा जाता है?

 1. "देखने में छोटे लागै, घाव करै गम्भीर" किसकी कविता के संदर्भ में कहा जाता है? उत्तर- "देखने में छोटे लागै, घाव करै गम्भीर" बिहारी की कविता के संदर्भ में कहा जाता है।

घनानंद रीतिकाल के किस काव्यधारा से सम्बन्धित कवि हैं

 1. घनानंद रीतिकाल के किस काव्यधारा से सम्बन्धित कवि हैं? उत्तर- घनानंद रीतिकाल के रीतिमुक्त काव्यधारा से सम्बन्धित कवि हैं।

गुलगुली गिल में गलीचा है गुणीजन हैं, किस कवि की पंक्ति है?

 1. गुलगुली गिल में गलीचा है गुणीजन हैं, किस कवि की पंक्ति है? उत्तर- गुलगुली गिल में गलीचा है गुणीजन हैं, पद्माकर कवि की पंक्ति है।

रीतिकाल को कला काल किसने कहा है?

 1. रीतिकाल को कला काल किसने कहा है? उत्तर- रीतिकाल को कला काल दो लोगों ने कहा है एक डॉ. रमाशंकर शुक्ल 'रसाल' और दूसरे जॉर्ज ग्रियर्सन ने।

किस रीतिकालीन कवि को आचार्य शुक्ल ने कठिन काव्य का प्रेत कहा है?

 1. किस रीतिकालीन कवि को आचार्य शुक्ल ने कठिन काव्य का प्रेत कहा है? उत्तर- केशवदास जो कि रीतिकालीन कवि हैं। उनको आचार्य शुक्ल ने कठिन काव्य का प्रेत कहा है।

रीति के संदर्भ में किसने "विशिष्ट पद-रचना रीति" कहा है?

 1. रीति के संदर्भ में किसने "विशिष्ट पद-रचना रीति" कहा है? उत्तर- रीति के संदर्भ में आचार्य वामन ने "विशिष्ट पद-रचना रीति" कहा है। यह प्रश्न इस प्रकार भी पूछे जा सकते हैं! 2. विशिष्ट पद रचना रीति किसका कथन है? उत्तर - विशिष्ट पद रचना रीति वामन का कथन है।  Riti ke sandarbh me kisne "Vishishta pad-rachna riti" kaha hai? Riti ke sandarbh me Acharya Vaman ne "Vishishta pad-rachna riti" kaha hai.

हिंदी की पहली रचना का नाम क्या है?

 1. हिंदी की पहली रचना का नाम क्या है? उत्तर- इस विषय में विवाद है लेकिन हिंदी की पहली रचना लाला श्री निवास के "परीक्षा गुरु" को माना जाता है।

हिंदी का आरम्भिक साहित्य किस भाषा में देखने को मिलता है?

 1. हिंदी का आरम्भिक साहित्य किस भाषा में मिलता है? उत्तर- हिंदी का आरम्भिक साहित्य अपभ्रंश भाषा में देखने को मिलता है।

हिंदी में कितने प्रकार के साहित्य रचना मिलते हैं?

 1. हिंदी में कितने प्रकार के साहित्य रचना मिलते हैं? उत्तर- हिंदी में तीन प्रकार के साहित्य रचना देखने को मिलते हैं जो कि इस प्रकार है- गद्य पद्य और चम्पू

आध्यात्म रामायण के रचनाकार का नाम क्या है या रचियता कौन हैं?

 1. आध्यात्म रामायण के रचनाकार का नाम क्या है या रचियता कौन हैं? उत्तर- आध्यात्म रामायण के रचनाकार या रचियता माधवदास चारण जी हैं।