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Showing posts from September, 2022

काल कितने प्रकार के होते हैं - tense in Hindi

काल किसे कहते हैं समय को ही काल कहा जाता है। क्रिया के जिस रूप से कार्य के होने का समय पता चले उसे काल कहते हैं। अथार्त कार्य – के समय और उसकी पूर्ण और अपूर्ण अवस्था के ज्ञान को काल कहते हैं। काल कितने प्रकार के होते हैं काल के तीन भेद है। 1 . भूतकाल,  2. भविष्य काल  3. वर्तमान काल,   1. भूतकाल किसे कहते हैं  बीते हुए काल को व्यक्त करने के लिए भूतकाल का उपयोग किया जाता है। भूत काल मतलब जो बीत गया है उसे कहा जाता है। जैसे कि बीत हुआ कल। उदहारण  मै स्कुल जाता था। भूतकाल के वाक्य के अंत में अधिकतर था, थे थी आदि शब्द आते है। भूतकाल के उदाहरण मै दिल्ली गया था। रम काल क्रिकेट खेल रहा था। हम स्कूल जाते थे। रविवार को हम घूमने गए थे। मंदिर काल बंद था। 2. भविष्य काल किसे कहते हैं   भविष्य में होने वाले कार्य  व्यक्त करने के लिए भविष्य काल का प्रयोग किया जाता है। इस काल में जाऊंगा खाएंगे जीतेंगे आदि शब्द आते है।  मै काल रायपुर जाऊंगा। यह भविष्य काल का उदाहरण है इसमें कोई व्यक्ति बोल रहा है क...

हिंदी साहित्य का इतिहास - रामचंद्र शुक्ल - hindi sahitya ka itihas

हिन्दी साहित्य के इतिहास में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल द्वारा लिखे गए हिन्दी साहित्य का इतिहास को व्यवस्थित और प्रमाणित माना गया है। आचार्य शुक्ल ने अधिक शोध के बाद हिन्दी साहित्य के इतिहास पर प्रकाश डाला है। हिंदी साहित्य को चार भागो में बांटा गया है।  Hindi Sahitya ka Itihas आदिकाल (1050ई से 1375ई) भक्तिकाल (1375 से 1700 ई.) रीतिकाल (1700 से 1900 ई.) आधुनिक काल (1900 से अब तक) आदि काल का इतिहास  आदि काल या वीर-गाथा काल (संवत् 1050 से 1375)  - आदि काल 15 वीं शताब्दी से पहले का साहित्य है। इसका  विकास कन्नौज, दिल्ली, अजमेर के मध्य भारत तक फैला हुआ क्षेत्र में हुआ था। पृथ्वीराज रासो, चंद बरदाई द्वारा लिखित महाकाव्य (1149 - संवत्  1200) को हिंदी साहित्य के इतिहास में पहली रचनाओं में से एक माना जाता है।  चंद बरदाई पृथ्वीराज चौहान के दरबारी कवि थे। जो ग़ौर के मुहम्मद के आक्रमण के दौरान दिल्ली और अजमेर के प्रसिद्ध शासक थे। कन्नौज के अंतिम शासक जयचंद्र ने स्थानीय बोलियों के बजाय संस्कृत को अधिक संरक्षण दिया। नैषध्य चरित्र के लेखक हर्ष उनके द...

तुलसी दास का जीवन परिचय - Tulsidas biography in Hindi

इस पोस्ट में मैं आपसे तुलसी दास का जीवन परिचय शेयर करने वाला हूँ इस पोस्ट को अपने ब्लॉग में लिखने से पहले मैंने एक पोस्ट लिखा था  तुलसीदास के दोहे   के बारे में जिसमें हमने आपको बताया था। सुंदरकांड के पाठ में पढ़ें जाने वाले 10 दोहे के हिंदी अनुवाद और जो की हमारे एम. ए. हिंदी साहित्य 2019 के सिलेबस में भी है तो आप उसे पढ़ सकते है, लिंक में क्लिक करके वहां पहुंचे लिंक आपको इसी पोस्ट में दिया गया है।   चलिए पहले तो तुलसीदास का जीवन चरित्र जान लेते हैं क्योकि यह किसी भी कम्पीटिशन परीक्षा के हिसाब से भी बहुत ही आवश्यक है।  Tulsidas ka jivan parichay तुलसीदास का जन्म  - सम्वत 1554 सन 1497  तुलसीदास का मृत्यु- सम्वत 1680 सन 1623  हिंदी साहित्य के भक्तिकाल के कवि के रामभक्ति शाखा के प्रमुख कवि तुलसीदास जी का जीवन बहुत ही कष्ट भरा रहा था। उन्होंने बचपन में ही बहुत सारी परेशानियों का सामना किया था। तुलसीदास का जन्म हुआ था उत्तरप्रदेश के बांदा जिले में एक गाँव आता है राजापुर वहां तुलसीदास का जन्म हुआ था। तुलसीदास का जीवन परिचय जैसे की रामचरित मानस क...

रस कितने प्रकार के होते हैं - ras ke prakar

रस काव्य की आत्मा कहलाती है। जिस प्रकार शरीर का महत्व आत्मा के बिना कुछ नहीं है। उसी प्रकार बिना रस के कोई भी काव्य अधूरा होता है। अर्थात शब्द को हम शरीर मान सकते है और रस को आत्मा।  Link👉 शब्द किसे कहते हैं - SHABD KISE KAHATE HAIN रस किसे कहते हैं  रस का शाब्दिक अर्थ आनंद   होता है। काव्य को पढ़ने से हमें जो आनंद की अनुभूति होती है। उसे रस कहते है। रस काव्य का मूल तत्व या उसका प्राण होता है। जिसके बिना काव्य मात्र एक पद्य बनकर रह जाता है। रस किसी भी उत्तम काव्य का अनिवार्य गुण है।  अधिक जानकारी प्राप्त करें: रस किसे कहते हैं Ras kitne prakar ke hote hain रस कितने प्रकार के होते हैं रस के दस प्रकार होते है  जो निम्नलिखित है - यहाँ पर रस के नाम और उनका स्थायी भाव दिया गया है।  शृंगार रस - रती  हास्य रस - हास  शान्त रस - निर्वेद करुण रस - शोक रौद्र रस - क्रोध वीर रस - उत्साह अद्भुत रस - आश्चर्य वीभत्स रस - घृ...

कारक किसे कहते हैं - karak hindi grammar

 12.  कारक : Case कारक किसे कहते हैं संज्ञा अथवा सर्वनाम के जिस रूप से उसका संबंध क्रिया के साथ जाना जाता है, उसे कारक कहते हैं।  उदहारण  डॉ. नरेंद्र देव वर्मा   ने गीता का काम किया।  अध्यापक ने छात्रों से आज भक्तिकाल के प्रश्न उत्तर पूछे।  आपने अभी जो वाक्य देखें हैं वहां पर पहले उदाहरण में संबंध कारक "ने" और "का" का प्रयोग किया गया है। उसी प्रकार दुसरे उदाहरण में "सम्बन्ध कारक ने" और "करण कारक से" का प्रयोग किया गया है जो संज्ञा , सर्वनाम , क्रिया, कर्म इत्यादि के साथ परस्पर संबंध जोड़ रहे हैं। यदि ये कारक न हो तो इन वाक्यों का अर्थ सार्थक नही होगा। अतः इन शब्दों को जो संज्ञा अथवा सर्वनाम के जिस रूप के साथ क्रिया के साथ जोड़ता है उन्हें इस प्रकार विभक्त किया गया है।  कारक के भेद कारक के भेद - कारक के आठ भेद होते हैं जो की इस प्रकार हैं...

वर्ण विचार किसे कहते हैं - varn vichar in hindi

 2.  वर्ण विचार :  Phonology किसी भी भाषा या बोली में वर्ण का होना जरूरी होता है आज इस पोस्ट में हिंदी  वर्ण विचार  के बारे में चर्चा करने वाले हैं। वर्ण किसी भी भाषा का अणु की तरह होता है जिससे मिलकर शब्द बनता फिर वाक्य बनते है। अगर सोचा जाये तो भाषा के विकास ने मनुष्य को सभ्य और विकसित बनाया है।  वर्ण विचार किसे कहते हैं वर्ण विचार व्याकरण का मूल है इसमें वर्णों के उच्चारण, आकार और शब्द बनाने के नियमों का वर्णन हो। वर्ण जिसे अक्षर भी कहा जाता है। हिंदी में 52 वर्ण या अक्षर होते है। इन्ही वर्णो के मेल से शब्द का निर्माण होता है।  यहां पर वर्ण को इस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है - वर्ण भाषा की सबसे छोटी इकाई है जिसके और टुकड़े नही किये जा सकते हैं। मनुष्य तथा विभिन प्रकार के जीव जंतु अपने मुख से ध्वनियाँ निकालते है जो की एक प्रकार के सूचना का काम करते हैं। इन ध्वनियों को जिसका कोई अर्थ हो उसे भाषा कहते हैं। अब भाषा के बारे में मैंने पिछले पोस्ट मे...

ध्वनि विस्तारक यंत्र पर प्रतिबंध लगाने हेतु जिलाधीश को पत्र

जिलाधीश रायपुर को ध्वनि विस्तारक यंत्रों को प्रतिबंधित करने हेतु एक आवेदन-पत्र लिखिए। | Write a letter to the District Magistrate to ban the sound amplifying device in hindi उत्तर -  सेवा में,              जिलाध्यक्ष,              रायपुर (छत्तीसगढ़)|  विषय - ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध लगाने हेतु।  महोदय,              निवेदन है कि हम देवेंद्र नगर क्षेत्र के कक्षा 12वीं के विद्यार्थी हैं। हम सभी आपका ध्यान पड़ोस की ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। हमारी कॉलोनी के आस-पास ऐसे अवांछित और सामाजिक तत्व है। जो समय-समय पर अपनी नासमझी का परिचय देते हैं। वे कभी-कभी गाने बजाने का कार्यक्रम करते हैं या लाउडस्पीकर, रेडियो, दूरदर्शन और टेप रिकॉर्डर ऊंची आवाज में चलाने लगते हैं, जिससे हमारे अध्ययन-मनन, पठन-पाठन में व्यवधान पड़ता है। हमारी माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाएं भी प्रारंभ हो रही है।              ...

वृद्धावस्था की आनन्द एवं कुण्ठाएं | The joys and frustrations of old age essay in hindi

 Hello and welcome Dear आपका फिर से स्वागत है यार हमारे Blog के दूसरे Serise में जिसमें हम बात कर रहें है निबन्ध लेखन (Essay writing) की आज के हमारे निबन्ध का विषय है वृध्दावस्था की आनन्द एवं कुण्ठाएं इससे पहले जितने भी निबन्ध लिखे हैं इस सीरीज के पूरे होने के बाद उनके लिंक हम नीचे दे देंगे आप उन्हें यदि पढ़ना चाहें तो पढ़ सकते हैं।  तो एक बार अवश्य चेक करे हमने लिंक दिया है या नहीं यदि आप बाद में पढ़ रहे होंगें तो आपको निबन्ध अवश्य मिल जाएगा और यदि आप अभी अभी पढ़ रहे होंगे तो माफ कीजिए हमने अभी कोई लिंक नही दिया है।  यदि फिर भी आपको देखना है तो हमने ये लिंक दे दिया है क्लिक करें और पहूँचे।  नक्सलवाद और छत्तीसगढ़   6.    वृद्धावस्था की आनन्द एवं कुण्ठाएं   चलिए अब आज का टॉपिक शुरू करते हैं - आप यहां से लिखना शुरू करने वाले हैं - रूपरेखा - प्रस्तावना वृद्धावस्था की आशाएं  वृद्धावस्था की कुण्ठाएं उपसंहार  1. प्रस्तावना - "बुढापा बहुधा बचपन का पुनरागमन होता है" इस समय मनुष्य की इच्छाएं तीव्र व मनुष्य जीवन की आशाएं असीमित हो जाती हैं। सभी इ...

सड़क दुर्घटना जिम्मेदार कौन पर निबंध? : Essay on Road Accident in Hindi

पिछले पोस्ट में हमने निबन्ध लिखा था वृद्धावस्था की आनन्द एवं कुंठाएं अगर आप भी कक्षा 12वीं के छात्र हैं तो वह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है. खैर चिलिये बात करते हैं हम इस निबन्ध की तो यह निबन्ध 2014 की परीक्षा में एवं 2016 की परीक्षा में आ चुका है और इस साल भी आने की संभावना है तो ध्यान से पढ़ें और अगर कोई गलती हो तो जरुर बतायें. चलिए शुरू करते हैं आज का निबन्ध – यातायात-नियमों के पालन की आवश्यकत अथवा सडक दुर्घटना जिम्मेदार कौन? किसी भी निबंध को लिखने से पहले रूपरेखा तैयार किया जाता है आइये देखें इसकी रुपरेखा कैसी रहनी चाहिए - रूपरेखा - 1. प्रस्तावना                        2. सड़क दुर्घटना के कारण -                                         1. जल्दबाजी में ट्रैफिक ध्यान ने देना                              ...